प्रसरण विश्लेषण

जब तीन या अधिक समूह-माध्यों की तुलना करनी हो — चार उर्वरकों पर उपज, पाँच मशीनों का उत्पादन — तब हर युग्म पर t-परीक्षण चलाने से झूठी चेतावनी की संभावना बढ़ जाती है। प्रसरण विश्लेषण (ANOVA) कुल विचरण को समूहों के बीच और समूहों के भीतर के भागों में बाँटकर, दोनों की F अनुपात से तुलना करके, सबकी एक साथ जाँच करता है। यह अध्याय एकधा और द्विधा वर्गीकृत आँकड़े, उनकी ANOVA सारणियाँ, स्वातंत्र्य कोटियाँ और मान्यताएँ पढ़ाता है।

मूल विचार: विचरण को बाँटना

यदि समूह-माध्य वास्तव में बराबर हैं, तो समूह-माध्यों के बीच का फैलाव लगभग उतना होना चाहिए जितना समूहों के भीतर के बिखराव से अपेक्षित है। यदि माध्य भिन्न हैं, तो समूहों के बीच का फैलाव बढ़ जाता है। इसलिए ANOVA एक ही प्रसरण के दो आकलन निकालकर उनका अनुपात लेता है: F = (समूहों के बीच प्रसरण) ÷ (समूहों के भीतर प्रसरण)। बड़ा F बताता है कि समूह-माध्यों का अंतर संयोग से अधिक है।

  • मान्यताएँ: प्रेक्षण स्वतंत्र हैं; हर समूह प्रसामान्य समष्टि से है; सभी समूहों का प्रसरण समान है (समप्रसरणता)।
  • H₀: सभी समूह-माध्य बराबर हैं; H₁: कम-से-कम दो भिन्न हैं।
  • ANOVA का F परीक्षण सदैव ऊपरी पूँछ में एक-पुच्छीय होता है।

एकधा वर्गीकृत आँकड़े

k समूहों और कुल N प्रेक्षणों, महायोग G के साथ: संशोधन गुणक CF = G²/N; कुल SS = Σx² − CF; समूहों के बीच SS = Σ(Tᵢ²/nᵢ) − CF, जहाँ Tᵢ समूह i का योग है; समूहों के भीतर (त्रुटि) SS = कुल SS − बीच SS। स्वातंत्र्य कोटियाँ: बीच k − 1, भीतर N − k, कुल N − 1।

हल किए गए आँकड़े: तीन विधियाँ, प्रत्येक की तीन इकाइयाँ
विधिप्रेक्षणयोग Tᵢमाध्य
A5, 7, 6186
B8, 9, 10279
C4, 5, 6155
एकधा ANOVA सारणी
स्रोतSSस्वा. को.MSF
विधियों के बीच2621313
भीतर (त्रुटि)661—
कुल328——

G = 60, N = 9, CF = 3600/9 = 400; Σx² = 432, अतः कुल SS = 32; बीच SS = (18² + 27² + 15²)/3 − 400 = 26; भीतर SS = 6। (2, 6) स्वा. को. पर F = 13/1 = 13। F(2, 6) का 5% सारणी मान 5.14 है, अतः तीनों विधियाँ सार्थक रूप से भिन्न हैं।

⚠️ परीक्षा जाल
MS, SS को उसकी अपनी स्वातंत्र्य कोटि से भाग देने पर मिलता है; बीच SS को N − k से (या भीतर SS को k − 1 से) भाग देना सबसे आम गणितीय भूल है और F को पूरी तरह बदल देती है।

द्विधा वर्गीकृत आँकड़े (प्रति कोष्ठ एक प्रेक्षण)

जब आँकड़े दो कारकों से वर्गीकृत हों — मान लीजिए r उपचार (पंक्तियाँ) और c खंड (स्तंभ), हर कोष्ठ में एक प्रेक्षण — तब कुल SS तीन भागों में बँटता है: पंक्ति SS = ΣRᵢ²/c − CF, स्तंभ SS = ΣCⱼ²/r − CF, और त्रुटि SS = कुल SS − पंक्ति SS − स्तंभ SS। स्वातंत्र्य कोटियाँ: पंक्तियाँ r − 1, स्तंभ c − 1, त्रुटि (r − 1)(c − 1), कुल rc − 1। हर कारक का अपना F त्रुटि माध्य-वर्ग के सापेक्ष होता है।

वही नौ मान 3 विधियाँ × 3 खंड के रूप में
स्रोतSSस्वा. को.MSF
विधियाँ (पंक्तियाँ)2621339
खंड (स्तंभ)4.6722.337
त्रुटि1.3340.33—
कुल328——

स्तंभ-योग 17, 21 और 22 हैं, अतः स्तंभ SS = (289 + 441 + 484)/3 − 400 ≈ 4.67 और त्रुटि SS ≈ 1.33। खंड-प्रभाव को त्रुटि से निकाल देने पर त्रुटि माध्य-वर्ग छोटा हुआ (1 के मुकाबले 0.33), और इसीलिए जब खंड वास्तव में भिन्न हों तब द्विधा अभिन्यास एकधा से अधिक संवेदनशील होता है।

परीक्षा के जाल और त्वरित पुनरावृत्ति

  • कुल SS = बीच SS + भीतर SS (एकधा); = पंक्ति + स्तंभ + त्रुटि (द्विधा)।
  • एकधा स्वा. को.: k − 1, N − k, N − 1। द्विधा: r − 1, c − 1, (r − 1)(c − 1), rc − 1।
  • CF = G²/N हर SS सूत्र में घटाया जाता है।
  • F = MS(कारक) ÷ MS(त्रुटि); F सारणी मान से अधिक हो तो H₀ अस्वीकार।
  • ANOVA स्वतंत्रता, प्रसामान्यता और समान प्रसरण मानता है।

मुख्य बिंदु

  • ANOVA कई माध्यों की समता की एक साथ F अनुपात से जाँच करता है।
  • CF = G²/N; कुल SS = Σx² − CF; बीच SS = ΣTᵢ²/nᵢ − CF।
  • एकधा स्वा. को.: बीच k − 1, भीतर N − k।
  • प्रति कोष्ठ एक प्रेक्षण वाले द्विधा में त्रुटि स्वा. को. (r − 1)(c − 1) है।
  • मान्यताएँ: स्वतंत्र प्रेक्षण, प्रसामान्य समष्टियाँ, समान प्रसरण।

अभ्यास प्रश्न (10)

उत्तर खोलने से पहले प्रत्येक प्रश्न हल करें। हर व्याख्या सही विकल्प के साथ लुभावना गलत विकल्प भी बताती है, क्योंकि अंक वहीं जाते हैं।

  1. प्रसरण विश्लेषण किस परिकल्पना की जाँच के लिए प्रयुक्त होता है?

    1. दो समष्टि प्रसरण बराबर हैं
    2. कई समष्टि माध्य बराबर हैं
    3. दो गुण स्वतंत्र हैं
    4. समष्टि प्रसामान्य है
    उत्तर देखें

    उत्तर: B — कई समष्टि माध्य बराबर हैं

    नाम के बावजूद ANOVA माध्यों की तुलना करता है: तीन या अधिक समूह-माध्य भिन्न हैं या नहीं, यह तय करने के लिए दो प्रसरण-आकलनों का अनुपात लेता है।
  2. 4 समूहों और कुल 20 प्रेक्षणों वाले एकधा ANOVA में समूहों के बीच और भीतर की स्वातंत्र्य कोटियाँ हैं:

    1. 4 और 20
    2. 4 और 16
    3. 3 और 19
    4. 3 और 16
    उत्तर देखें

    उत्तर: D — 3 और 16

    बीच = k − 1 = 3, भीतर = N − k = 16, और इनका योग कुल N − 1 = 19 है। स्वयं k और N लेना भूल जाता है कि हर आकलित माध्य एक स्वातंत्र्य कोटि खर्च करता है।
  3. एकधा ANOVA में कुल वर्ग-योग 50 और समूहों के बीच वर्ग-योग 30 है। समूहों के भीतर वर्ग-योग है:

    1. 20
    2. 80
    3. 1.67
    4. 15
    उत्तर देखें

    उत्तर: A — 20

    कुल SS = बीच SS + भीतर SS, अतः भीतर SS = 50 − 30 = 20। दोनों को जोड़ना (80) या भाग देना (1.67) वर्ग-योगों को एक ही कुल के भाग न मानने जैसा है।
  4. 3 समूहों और 9 प्रेक्षणों के लिए समूहों के बीच SS 26 और भीतर SS 6 है। F अनुपात है:

    1. 4.33
    2. 13
    3. 26
    4. 8.67
    उत्तर देखें

    उत्तर: B — 13

    बीच MS = 26/2 = 13 और भीतर MS = 6/6 = 1, अतः F = 13। वर्ग-योगों को सीधे भाग देने पर 26/6 ≈ 4.33 मिलता है, जो स्वातंत्र्य कोटियों की उपेक्षा है।
  5. 4 पंक्तियों और 5 स्तंभों तथा प्रति कोष्ठ एक प्रेक्षण वाले द्विधा ANOVA में त्रुटि की स्वातंत्र्य कोटियाँ हैं:

    1. 19
    2. 7
    3. 12
    4. 20
    उत्तर देखें

    उत्तर: C — 12

    त्रुटि स्वा. को. = (r − 1)(c − 1) = 3 × 4 = 12। कुल स्वा. को. = rc − 1 = 19 = 3 + 4 + 12।
  6. निम्न में से कौन प्रसरण विश्लेषण की मान्यता नहीं है?

    1. समूह-माध्य बराबर हैं
    2. समष्टियाँ प्रसामान्य बंटित हैं
    3. समष्टि प्रसरण बराबर हैं
    4. प्रेक्षण स्वतंत्र हैं
    उत्तर देखें

    उत्तर: A — समूह-माध्य बराबर हैं

    बराबर माध्य वह शून्य परिकल्पना है जिसकी जाँच हो रही है, मान्यता नहीं। मान्यताएँ स्वतंत्रता, प्रसामान्यता और समान प्रसरण हैं।
  7. नौ प्रेक्षणों का महायोग 60 है। ANOVA गणनाओं में प्रयुक्त संशोधन गुणक है:

    1. 6.67
    2. 400
    3. 3600
    4. 60
    उत्तर देखें

    उत्तर: B — 400

    CF = G²/N = 3600/9 = 400। 3600 भाग देने से पहले का G² है, और 6.67 महामाध्य है।
  8. ANOVA सारणी में समूहों के बीच माध्य-वर्ग 24 और त्रुटि माध्य-वर्ग 4 है। F अनुपात है:

    1. 28
    2. 20
    3. 6
    4. 1/6
    उत्तर देखें

    उत्तर: C — 6

    F = बीच MS ÷ त्रुटि MS = 24/4 = 6। कारक का माध्य-वर्ग ऊपर रखा जाता है; उलटने पर 1/6 मिलता है, और ANOVA में माध्य-वर्गों को जोड़ने या घटाने का कोई अर्थ नहीं।
  9. एकधा ANOVA में परिकलित F = 2.1 और 5% सारणी मान 3.5 है। निष्कर्ष है:

    1. H₀ अस्वीकार नहीं: समूह-माध्य सार्थक रूप से भिन्न नहीं
    2. परीक्षण अमान्य है क्योंकि F < 3.5
    3. प्रसरण अवश्य असमान हैं
    4. H₀ अस्वीकार: समूह-माध्य भिन्न हैं
    उत्तर देखें

    उत्तर: A — H₀ अस्वीकार नहीं: समूह-माध्य सार्थक रूप से भिन्न नहीं

    H₀ तभी अस्वीकार करें जब परिकलित F सारणी मान से अधिक हो। 2.1 < 3.5, अतः समूह-माध्यों के अंतर संयोग की सीमा में हैं।
  10. 3 पंक्तियों और 4 स्तंभों (प्रति कोष्ठ एक प्रेक्षण) वाले द्विधा ANOVA में कुल SS = 40, पंक्ति SS = 15 और स्तंभ SS = 12 है। पंक्तियों का F अनुपात लगभग है:

    1. 1.15
    2. 2.17
    3. 7.5
    4. 3.46
    उत्तर देखें

    उत्तर: D — 3.46

    त्रुटि SS = 40 − 15 − 12 = 13, (3 − 1)(4 − 1) = 6 स्वा. को. पर, अतः MSE ≈ 2.17। पंक्ति MS = 15/2 = 7.5, और F = 7.5/2.17 ≈ 3.46।