रासायनिक अभिक्रियाएँ, अम्ल, क्षारक तथा लवण

यह अध्याय रेलवे भर्ती बोर्डों की कंप्यूटर आधारित परीक्षाओं के सामान्य विज्ञान खंड की कक्षा 10 की रसायन-धारा का उत्तर देता है: “भौतिकी, रसायन विज्ञान तथा जीव विज्ञान, 10वीं स्तर तक”। इसमें रासायनिक समीकरण पढ़ना व संतुलित करना, अभिक्रियाओं के चार प्रतिरूप तथा पाँचवें दृष्टिकोण के रूप में उपचयन-अपचयन, अम्लों व क्षारकों का व्यवहार एवं उनके सूचक, pH पैमाना, और सामान्य लवणों का निर्माण व उपयोग सिखाए जाते हैं। इसका उपयोग RRB ग्रुप D (लेवल-1) और NTPC के सामान्य जागरूकता खंड में होता है, और इसके तथ्य टेक्नीशियन स्तर के भौतिकी-रसायन खंड का भी आधार हैं। प्रश्न छोटे होते हैं: किसी सूचक का रंग, कोई सूत्र, अभिक्रिया का प्रकार, pH की तुलना या गुणांकों की गिनती।

रासायनिक समीकरण पढ़ना और संतुलित करना

रासायनिक अभिक्रिया में अभिकारक नए गुणों वाले उत्पादों में बदल जाते हैं। इसके संकेत हैं: अवस्था में परिवर्तन, रंग में परिवर्तन, गैस का निकलना, ताप में परिवर्तन या अवक्षेप बनना। समीकरण संक्षिप्त रूप है: बाईं ओर अभिकारक, दाईं ओर उत्पाद और बीच में तीर। भौतिक अवस्थाएँ (s), (l), (g) तथा जलीय विलयन के लिए (aq) लिखी जाती हैं; ↑ गैस के निकलने का और ↓ अवक्षेप का चिह्न है; ऊष्मा, प्रकाश या उत्प्रेरक तीर के ऊपर लिखे जाते हैं।

संतुलन का कारण द्रव्यमान संरक्षण का नियम है: अभिक्रिया में परमाणु न बनते हैं न नष्ट होते हैं, इसलिए प्रत्येक तत्व के परमाणुओं की संख्या दोनों ओर समान होनी चाहिए। संतुलन गुणांक (सूत्र के आगे की संख्या) बदलकर किया जाता है, अधोलेख (सूत्र के भीतर की संख्या) कभी नहीं, क्योंकि अधोलेख बदलने से पदार्थ ही बदल जाता है: 2H₂O पानी के दो अणु हैं, जबकि H₂O₂ अलग यौगिक हाइड्रोजन परॉक्साइड है। विधि: सही सूत्र लिखें, जो तत्व सबसे कम स्थानों पर आता हो उसे पहले संतुलित करें, हाइड्रोजन और ऑक्सीजन अंत के लिए रखें, और अंत में प्रत्येक तत्व को दोबारा गिनें।

तीन संतुलन उदाहरण, गुणांकों के योग सहित
अनंतिम समीकरणसंतुलित समीकरणगुणांकों का योग
Fe + H₂O → Fe₃O₄ + H₂3Fe + 4H₂O → Fe₃O₄ + 4H₂3 + 4 + 1 + 4 = 12
Al + O₂ → Al₂O₃4Al + 3O₂ → 2Al₂O₃4 + 3 + 2 = 9
C₃H₈ + O₂ → CO₂ + H₂OC₃H₈ + 5O₂ → 3CO₂ + 4H₂O1 + 5 + 3 + 4 = 13
⚠️ गुणांक अधोलेख नहीं है
संतुलित समीकरण अणुओं (या मोलों) का अनुपात देता है, द्रव्यमानों का नहीं। 2H₂ + O₂ → 2H₂O में अणुओं का अनुपात 2 : 1 : 2 है, पर द्रव्यमान का अनुपात 4 : 32 : 36 है। गुणांक 1 लिखा नहीं जाता, इसलिए गुणांकों का योग पूछे जाने पर उसे 1 गिनें।

अभिक्रियाओं के चार प्रतिरूप

कक्षा 10 में अभिक्रियाओं को इस आधार पर चार प्रतिरूपों में बाँटा जाता है कि भागीदारों के साथ क्या होता है। प्रतिरूप, एक मानक उदाहरण और उससे जुड़ा प्रेक्षण याद रखिए।

अभिक्रिया के प्रकार व मानक उदाहरण
प्रकारप्रतिरूपमानक उदाहरणप्रेक्षण
संयोजनA + B → ABCaO + H₂O → Ca(OH)₂ + ऊष्माकली चूना फुफकार के साथ बुझता है; मिश्रण गर्म हो जाता है
अपघटन (ऊष्मीय)AB → A + BCaCO₃ → CaO + CO₂ (ऊष्मा)चूना पत्थर से कली चूना और कार्बन डाइऑक्साइड मिलते हैं
अपघटन (ऊष्मीय)AB → A + B2Pb(NO₃)₂ → 2PbO + 4NO₂ + O₂नाइट्रोजन डाइऑक्साइड के भूरे धुएँ
अपघटन (ऊष्मीय)AB → A + B2FeSO₄ → Fe₂O₃ + SO₂ + SO₃हरे क्रिस्टल भूरे हो जाते हैं; जलते गंधक की गंध
अपघटन (वैद्युत)AB → A + B2H₂O → 2H₂ + O₂हाइड्रोजन व ऑक्सीजन का आयतन-अनुपात 2 : 1
अपघटन (प्रकाशीय)AB → A + B2AgCl → 2Ag + Cl₂ (सूर्य-प्रकाश)श्वेत सिल्वर क्लोराइड धूसर हो जाता है
विस्थापनA + BC → AC + BFe + CuSO₄ → FeSO₄ + Cu (विस्थापन)नीला विलयन हल्का हरा हो जाता है; लोहे पर लाल-भूरा कॉपर जमता है
द्विविस्थापनAB + CD → AD + CBNa₂SO₄ + BaCl₂ → BaSO₄↓ + 2NaCl (अवक्षेप)बेरियम सल्फेट का श्वेत अवक्षेप
द्विविस्थापनAB + CD → AD + CBPb(NO₃)₂ + 2KI → PbI₂↓ + 2KNO₃लेड आयोडाइड का पीला अवक्षेप
🧠 भागीदारों को गिनिए
संयोजन: कई मिलकर एक। अपघटन: एक टूटकर कई। विस्थापन: अधिक क्रियाशील भागीदार दूसरे को निकाल देता है। द्विविस्थापन: दो यौगिक भागीदार आपस में बदलते हैं, और अविलेय उत्पाद बने तो यह अवक्षेपण अभिक्रिया है। अपघटन के लिए ऊर्जा चाहिए (ऊष्मा, प्रकाश या विद्युत); ऊर्जा का प्रकार उपप्रकार का नाम तय करता है।

अभिक्रियाएँ ऊष्माक्षेपी (ऊष्मा मुक्त करती हैं) या ऊष्माशोषी (ऊष्मा अवशोषित करती हैं) भी होती हैं। प्राकृतिक गैस का जलना, श्वसन (C₆H₁₂O₆ + 6O₂ → 6CO₂ + 6H₂O + ऊर्जा), चूने का बुझना और वनस्पति पदार्थ का सड़कर खाद बनना ऊष्माक्षेपी हैं। कैल्सियम कार्बोनेट का ऊष्मीय अपघटन ऊष्माशोषी है। पुताई में बुझे चूने का उपयोग होता है: Ca(OH)₂ + CO₂ → CaCO₃ + H₂O, और कैल्सियम कार्बोनेट की पतली परत दो-तीन दिन बाद चमकदार सतह देती है।

उपचयन, अपचयन और दैनिक जीवन के उदाहरण

कक्षा 10 के स्तर पर उपचयन ऑक्सीजन का जुड़ना या हाइड्रोजन का निकलना है, और अपचयन ऑक्सीजन का निकलना या हाइड्रोजन का जुड़ना है। ये सदा साथ-साथ होते हैं, इसलिए ऐसी अभिक्रिया उपचयन-अपचयन (रेडॉक्स) अभिक्रिया कहलाती है। जो पदार्थ ऑक्सीजन देता है (या हाइड्रोजन हटाता है) वह उपचायक है और स्वयं अपचयित होता है; जो ऑक्सीजन हटाता है (या हाइड्रोजन देता है) वह अपचायक है और स्वयं उपचयित होता है।

हल किए गए रेडॉक्स उदाहरण
अभिक्रियाउपचयितअपचयितउपचायक
CuO + H₂ → Cu + H₂OH₂CuOCuO
ZnO + C → Zn + COCZnOZnO
2Cu + O₂ → 2CuOCuO₂O₂
Fe₂O₃ + 2Al → 2Fe + Al₂O₃ (थर्मिट)AlFe₂O₃Fe₂O₃
⚠️ कारक परिवर्तन का उलटा होता है
उपचायक वह है जो स्वयं अपचयित होता है और अपचायक वह है जो स्वयं उपचयित होता है। CuO + H₂ → Cu + H₂O में हाइड्रोजन उपचयित होती है, अतः वह अपचायक है; कॉपर ऑक्साइड अपचयित होता है, अतः वह उपचायक है।

उपचयन के दो दैनिक प्रभाव परीक्षा में पूछे जाते हैं। संक्षारण वायु, नमी या रसायनों द्वारा धातुओं पर धीमा आक्रमण है: लोहे पर भूरी परत (जंग) बनती है, चाँदी काली (सिल्वर सल्फाइड) पड़ जाती है और कॉपर पर हरी परत चढ़ जाती है। विकृतगंधिता खाद्य पदार्थों में वसा व तेल का उपचयन है, जिससे बुरी गंध व स्वाद आता है। प्रतिउपचायक, वायुरोधी पात्र, प्रशीतन तथा चिप्स के पैकेट में नाइट्रोजन भरने से यह धीमी होती है। मैग्नीशियम रिबन को जलाने से पहले रेगमाल से रगड़कर साफ़ किया जाता है ताकि ऑक्साइड की परत हट जाए; फिर वह चमकदार श्वेत ज्वाला से जलकर श्वेत मैग्नीशियम ऑक्साइड बनाता है, 2Mg + O₂ → 2MgO।

अम्ल, क्षारक और सूचक

अम्ल जल में H⁺ आयन (H₃O⁺ के रूप में) देता है; जो क्षारक जल में घुलता है वह OH⁻ आयन देता है और क्षार कहलाता है। सभी क्षार क्षारक हैं पर सभी क्षारक क्षार नहीं हैं। प्रबल अम्ल HCl, H₂SO₄ व HNO₃ हैं; दुर्बल अम्ल एथेनोइक, सिट्रिक और कार्बोनिक अम्ल हैं। NaOH व KOH प्रबल क्षार हैं; NH₄OH दुर्बल है। HCl गैस शुष्क लिटमस का रंग नहीं बदलती क्योंकि H⁺ बनाने के लिए उसे जल चाहिए। अम्ल को सदा जल में धीरे-धीरे डालें, जल को अम्ल में कभी नहीं, क्योंकि तनुकरण में बहुत ऊष्मा निकलती है।

सूचकों के रंग
सूचकअम्ल मेंक्षारक में
नीला लिटमसलाल हो जाता हैनीला रहता है
लाल लिटमसलाल रहता हैनीला हो जाता है
फ़िनॉल्फ्थेलीनरंगहीनगुलाबी
मेथिल ऑरेंजलालपीला
हल्दीपीली (अपरिवर्तित)लाल-भूरी
प्याज़, वनिला, लौंग का तेल (गंध सूचक)गंध बनी रहती हैगंध समाप्त

चार अभिक्रियाएँ याद रखें। (1) अम्ल + धातु → लवण + हाइड्रोजन, जैसे Zn + 2HCl → ZnCl₂ + H₂; हाइड्रोजन ‘पट’ की ध्वनि से जलती है। (2) अम्ल + धातु कार्बोनेट या हाइड्रोजनकार्बोनेट → लवण + जल + कार्बन डाइऑक्साइड, जैसे Na₂CO₃ + 2HCl → 2NaCl + H₂O + CO₂; यह गैस चूने के पानी को दूधिया करती है, Ca(OH)₂ + CO₂ → CaCO₃ + H₂O, और CO₂ आधिक्य में दूधियापन चला जाता है क्योंकि विलेय Ca(HCO₃)₂ बनता है। (3) अम्ल + क्षारक → लवण + जल, यह उदासीनीकरण है, जैसे NaOH + HCl → NaCl + H₂O; धातु ऑक्साइड से भी यही होता है, CuO + 2HCl → CuCl₂ + H₂O, इसलिए धातु ऑक्साइड क्षारकीय होते हैं। (4) क्षारक का अधातु ऑक्साइड से: CO₂ + Ca(OH)₂ → CaCO₃ + H₂O, इसलिए अधातु ऑक्साइड अम्लीय होते हैं। NaOH जिंक के साथ भी हाइड्रोजन देता है, 2NaOH + Zn → Na₂ZnO₂ + H₂।

प्राकृतिक अम्ल
स्रोतअम्ल
सिरकाएथेनोइक (ऐसीटिक) अम्ल
संतरा, नींबूसिट्रिक अम्ल
इमली, अंगूरटार्टरिक अम्ल
टमाटरऑक्सैलिक अम्ल
खट्टा दूध (दही)लैक्टिक अम्ल
चींटी या बिच्छू-बूटी का डंकमेथेनोइक (फ़ॉर्मिक) अम्ल

pH पैमाना

pH पैमाना हाइड्रोजन आयनों की सांद्रता मापता है: pH = −log₁₀[H⁺], जहाँ [H⁺] मोल प्रति लीटर में है। ‘p’ जर्मन शब्द potenz अर्थात् ‘घात’ का द्योतक है। सामान्य 0 से 14 के पैमाने पर 7 से कम pH अम्लीय, 7 उदासीन (25 °C पर शुद्ध जल) और 7 से अधिक क्षारकीय होता है। पैमाना लघुगणकीय है: pH में एक इकाई की कमी का अर्थ है H⁺ दस गुना अधिक। सार्वत्रिक सूचक प्रत्येक pH पर भिन्न रंग देता है: प्रबल अम्ल के लिए लाल, 7 के निकट हरा और प्रबल क्षारक के लिए बैंगनी।

  • हल उदाहरण 1. [H⁺] = 1 × 10⁻⁴ मोल/लीटर से pH = 4, अतः विलयन अम्लीय है।
  • हल उदाहरण 2. pH 6 से pH 3 तीन इकाई की कमी है, अतः [H⁺] 10³ = 1000 गुना बढ़ता है।
  • हल उदाहरण 3. pH 2 की pH 5 से तुलना: pH 2 वाले विलयन में H⁺ 1000 गुना अधिक है और वह प्रबल अम्ल है।
परिचित द्रवों के लगभग pH
द्रवलगभग pHप्रकृति
आमाशय रस (हाइड्रोक्लोरिक अम्ल)1 से 2प्रबल अम्लीय
नींबू का रसलगभग 2अम्लीय
सिरकालगभग 3अम्लीय
शुद्ध जल7उदासीन
मानव रक्तलगभग 7.4हल्का क्षारकीय
मिल्क ऑफ़ मैग्नीशियालगभग 10क्षारकीय
सोडियम हाइड्रॉक्साइड विलयनलगभग 14प्रबल क्षारकीय

pH कहाँ महत्त्वपूर्ण है: दाँत का इनेमल (कैल्सियम फ़ॉस्फ़ेट, शरीर का सबसे कठोर पदार्थ) तब संक्षारित होने लगता है जब मुँह का pH 5.5 से कम हो जाता है, इसलिए शर्करा पर जीवाणुओं की क्रिया से क्षय होता है और क्षारकीय टूथपेस्ट अम्ल को उदासीन करता है। pH 5.6 से कम वर्षा अम्ल वर्षा है। आमाशय में अम्ल के आधिक्य से होने वाली अपच प्रत्यम्ल (एंटैसिड) जैसे मिल्क ऑफ़ मैग्नीशिया से दूर होती है। मधुमक्खी या चींटी के डंक में मेथेनोइक अम्ल होता है और खाने का सोडा लगाने से आराम मिलता है; अनुपयुक्त pH वाली मिट्टी का उपचार चूने या कार्बनिक पदार्थ से किया जाता है।

⚠️ दस गुना, एक नहीं
pH 3 वाला विलयन pH 4 वाले से ‘थोड़ा’ अधिक अम्लीय नहीं है: उसमें हाइड्रोजन आयन सांद्रता दस गुना है। इसी प्रकार pH 7 और pH 8 में H⁺ का दस गुना अंतर है, और समान सांद्रता पर कम pH सदा प्रबल अम्ल दर्शाता है।

लवण और उनके उपयोग

जब अम्ल और क्षारक एक-दूसरे को उदासीन करते हैं तो लवण बनता है। समान धनायन या ऋणायन वाले लवण एक कुल बनाते हैं: NaCl और Na₂SO₄ सोडियम लवण हैं। लवण के विलयन का pH उसके जनक अम्ल-क्षारक पर निर्भर करता है। प्रबल अम्ल और प्रबल क्षारक (NaCl, Na₂SO₄) से उदासीन विलयन, pH 7, मिलता है। प्रबल अम्ल और दुर्बल क्षारक (NH₄Cl) से pH 7 से कम। प्रबल क्षारक और दुर्बल अम्ल (सोडियम एथेनोएट, सोडियम कार्बोनेट) से pH 7 से अधिक।

दैनिक व औद्योगिक उपयोग के सामान्य लवण
नामसूत्रनिर्माणउपयोग
सामान्य नमकNaClसमुद्री जल से, या सेंधा नमक के रूप में खनन सेभोजन; क्लोर-क्षार उद्योग का कच्चा माल
विरंजक चूर्णCaOCl₂Cl₂ + Ca(OH)₂ → CaOCl₂ + H₂O (शुष्क बुझे चूने पर क्लोरीन)सूती व लिनन का विरंजन, पेयजल का विसंक्रमण, उपचायक
खाने का सोडाNaHCO₃NaCl + H₂O + CO₂ + NH₃ → NH₄Cl + NaHCO₃ (बनाने की अभिक्रिया)प्रत्यम्ल, बेकिंग पाउडर (टार्टरिक अम्ल के साथ), सोडा-अम्ल अग्निशामक
धोने का सोडाNa₂CO₃·10H₂Oबेकिंग सोडा गरम करके Na₂CO₃ बनाएँ, फिर पुनः क्रिस्टलित करेंकाँच, साबुन व कागज़ उद्योग; जल की स्थायी कठोरता दूर करता है
प्लास्टर ऑफ़ पेरिसCaSO₄·½H₂Oजिप्सम CaSO₄·2H₂O को 373 K पर गरम करने सेटूटी हड्डियों को सहारा, खिलौने, सजावट, सतह चिकनी करना

क्लोर-क्षार प्रक्रम। नमकीन पानी (ब्राइन) के विद्युत-अपघटन से तीन उत्पाद मिलते हैं: 2NaCl(aq) + 2H₂O(l) → 2NaOH(aq) + Cl₂(g) + H₂(g)। क्लोरीन ऐनोड पर, हाइड्रोजन कैथोड पर इकट्ठी होती है और सोडियम हाइड्रॉक्साइड कैथोड के पास बनता है। खाने का सोडा गरम करने पर: 2NaHCO₃ → Na₂CO₃ + H₂O + CO₂; CO₂ केक को फुलाती है। प्लास्टर ऑफ़ पेरिस को नमी-रोधी पात्र में रखा जाता है क्योंकि जल मिलने पर वह फिर जिप्सम बना लेता है, CaSO₄·½H₂O + 1½H₂O → CaSO₄·2H₂O, और कठोर जम जाता है।

ℹ️ क्रिस्टलन जल
कुछ लवणों के क्रिस्टलों में जल के अणुओं की निश्चित संख्या होती है: CuSO₄·5H₂O (नीला), Na₂CO₃·10H₂O, CaSO₄·2H₂O (जिप्सम) और CaSO₄·½H₂O। नीले कॉपर सल्फेट को गरम करने पर जल निकल जाता है और श्वेत निर्जल CuSO₄ बचता है; जल मिलाने पर नीला रंग लौट आता है। संख्याएँ 5, 10, 2 और ½ याद रखें।

मुख्य बिंदु

  • संतुलन केवल गुणांकों से करें, अधोलेख से कभी नहीं; संतुलित समीकरण परमाणुओं का संरक्षण करता है और गुणांक अणुओं का अनुपात देते हैं। Fe + H₂O → Fe₃O₄ + H₂ के गुणांक 3, 4, 1, 4 हैं।
  • चार प्रतिरूप: संयोजन, अपघटन (ऊष्मीय, वैद्युत, प्रकाशीय), विस्थापन और द्विविस्थापन; अविलेय उत्पाद बनने पर अंतिम अवक्षेपण अभिक्रिया है।
  • उपचयन ऑक्सीजन का जुड़ना या हाइड्रोजन का निकलना है; अपचयन इसका उलटा है। उपचायक अपचयित होता है और अपचायक उपचयित; जंग लगना और विकृतगंधिता उपचयन हैं।
  • लिटमस: अम्ल नीले को लाल, क्षारक लाल को नीला करता है। फ़िनॉल्फ्थेलीन: अम्ल में रंगहीन, क्षारक में गुलाबी। मेथिल ऑरेंज: अम्ल में लाल, क्षारक में पीला। अम्ल + कार्बोनेट से CO₂, अम्ल + धातु से H₂।
  • pH = −log[H⁺]; 7 उदासीन है; प्रत्येक इकाई H⁺ में दस गुना परिवर्तन है, अतः pH 6 से 3 पर H⁺ 1000 गुना। इनेमल 5.5 से कम पर क्षीण होता है; अम्ल वर्षा 5.6 से कम।
  • लवण: विरंजक चूर्ण CaOCl₂, खाने का सोडा NaHCO₃, धोने का सोडा Na₂CO₃·10H₂O, प्लास्टर ऑफ़ पेरिस CaSO₄·½H₂O जो जिप्सम से 373 K पर बनता है; ब्राइन के विद्युत-अपघटन से NaOH, Cl₂ और H₂ मिलते हैं।

अभ्यास प्रश्न (18)

उत्तर खोलने से पहले प्रत्येक प्रश्न हल करें। हर व्याख्या सही विकल्प के साथ लुभावना गलत विकल्प भी बताती है, क्योंकि अंक वहीं जाते हैं।

  1. संतुलित समीकरण 3Fe + 4H₂O → Fe₃O₄ + xH₂ में x का मान क्या है?

    1. 2
    2. 3
    3. 4
    4. 5
    उत्तर देखें

    उत्तर: C — 4

    चार जल अणुओं में 8 हाइड्रोजन परमाणु हैं, अतः दाईं ओर 4 H₂ अणु चाहिए; 4 ऑक्सीजन परमाणु भी Fe₃O₄ से मिल जाते हैं। मान 2 लेने पर आधा हाइड्रोजन बच जाता है; केवल लोहे को संतुलित करने पर यही भ्रम होता है।
  2. CaO + H₂O → Ca(OH)₂ + ऊष्मा किस प्रकार की अभिक्रिया का उदाहरण है?

    1. अपघटन अभिक्रिया
    2. विस्थापन अभिक्रिया
    3. द्विविस्थापन अभिक्रिया
    4. संयोजन अभिक्रिया
    उत्तर देखें

    उत्तर: D — संयोजन अभिक्रिया

    दो पदार्थ मिलकर एक ही उत्पाद देते हैं, इसलिए यह संयोजन अभिक्रिया है और कली चूना बुझने की तरह ऊष्माक्षेपी है। यह अपघटन नहीं है क्योंकि कोई पदार्थ सरल पदार्थों में नहीं टूटता।
  3. सूखी परखनली में लेड नाइट्रेट को तेज़ गरम करने पर भूरे धुएँ दिखते हैं। भूरे रंग के लिए कौन-सी गैस उत्तरदायी है?

    1. ऑक्सीजन गैस, जो साथ में निकलती है
    2. नाइट्रोजन डाइऑक्साइड
    3. नाइट्रेट आयन से कार्बन डाइऑक्साइड
    4. सल्फ़ेट से सल्फर ट्राइऑक्साइड
    उत्तर देखें

    उत्तर: B — नाइट्रोजन डाइऑक्साइड

    2Pb(NO₃)₂ → 2PbO + 4NO₂ + O₂: नाइट्रोजन डाइऑक्साइड भूरी गैस है। ऑक्सीजन भी निकलती है पर रंगहीन है, और सल्फर ट्राइऑक्साइड नहीं बनती क्योंकि यौगिक में सल्फर नहीं है।
  4. CuO + H₂ → Cu + H₂O के लिए कथन हैं: P: CuO अपचयित होता है। Q: H₂ उपचयित होती है। R: H₂ उपचायक है। S: CuO अपचायक है। कौन-से सही हैं?

    1. केवल R और S, दोनों कारक
    2. केवल P और S, प्रत्येक वर्ग से एक
    3. केवल Q और R, हाइड्रोजन की भूमिकाएँ
    4. केवल P और Q
    उत्तर देखें

    उत्तर: D — केवल P और Q

    CuO ऑक्सीजन खोता है (अपचयित) और H₂ ऑक्सीजन पाती है (उपचयित), इसलिए P और Q सही हैं। कारक परिवर्तन का उलटा होता है: H₂ अपचायक और CuO उपचायक है, अतः R और S ग़लत हैं।
  5. C₃H₈ + O₂ → CO₂ + H₂O को सबसे छोटी पूर्ण संख्याओं से संतुलित करने पर सभी गुणांकों का योग क्या होगा?

    1. 10
    2. 12
    3. 13
    4. 15
    उत्तर देखें

    उत्तर: C — 13

    संतुलित रूप C₃H₈ + 5O₂ → 3CO₂ + 4H₂O है और 1 + 5 + 3 + 4 = 13। जो प्रोपेन का अलिखित गुणांक 1 भूल जाते हैं वे 12 चुनते हैं।
  6. सूर्य के प्रकाश में 2AgCl → 2Ag + Cl₂ प्रकाशीय अपघटन में सिल्वर क्लोराइड का रंग श्वेत से किसमें बदलता है?

    1. पीला
    2. धूसर
    3. हरा
    4. काला
    उत्तर देखें

    उत्तर: B — धूसर

    महीन चाँदी बनती है जिससे ठोस धूसर दिखता है। पीला रंग लेड आयोडाइड का और हरा आयरन(II) सल्फेट क्रिस्टलों का है; इनमें से कोई यहाँ नहीं बनता।
  7. एक लोहे की कील को लगभग 30 मिनट कॉपर सल्फेट विलयन में रखा जाता है। क्या देखा जाता है?

    1. नीला रंग गहरा हो जाता है और कील पूरी घुल जाती है
    2. विलयन हल्का हरा हो जाता है और कील पर लाल-भूरी परत बन जाती है
    3. विलयन रंगहीन हो जाता है और कील पर काली परत बन जाती है
    4. कोई परिवर्तन नहीं, क्योंकि लोहा कॉपर से कम क्रियाशील है
    उत्तर देखें

    उत्तर: B — विलयन हल्का हरा हो जाता है और कील पर लाल-भूरी परत बन जाती है

    लोहा कॉपर से अधिक क्रियाशील है, अतः Fe + CuSO₄ → FeSO₄ + Cu: कॉपर लाल-भूरी परत के रूप में जमता है और आयरन सल्फेट विलयन को हल्का हरा कर देता है। ‘कोई परिवर्तन नहीं’ वाला विकल्प क्रियाशीलता का क्रम उलट देता है।
  8. कौन-सा सूचक अम्ल में रंगहीन और क्षारक में गुलाबी हो जाता है?

    1. मेथिल ऑरेंज, जो क्षारक में पीला होता है
    2. नीला लिटमस, जो क्षारक में नीला रहता है
    3. हल्दी, जो अम्ल में पीली होती है
    4. फ़िनॉल्फ्थेलीन
    उत्तर देखें

    उत्तर: D — फ़िनॉल्फ्थेलीन

    फ़िनॉल्फ्थेलीन अम्ल में रंगहीन और क्षारक में गुलाबी होती है। मेथिल ऑरेंज अम्ल में लाल व क्षारक में पीला होता है, और हल्दी अम्ल में पीली रहती है तथा क्षारक में गुलाबी नहीं, लाल-भूरी होती है।
  9. निम्नलिखित अम्ल-प्राकृतिक स्रोत युग्मों में से कौन-सा सही सुमेलित नहीं है?

    1. टमाटर: टार्टरिक अम्ल
    2. दही (खट्टा दूध): लैक्टिक अम्ल
    3. संतरा व नींबू: सिट्रिक अम्ल
    4. बिच्छू-बूटी या चींटी का डंक: मेथेनोइक अम्ल
    उत्तर देखें

    उत्तर: A — टमाटर: टार्टरिक अम्ल

    टमाटर में ऑक्सैलिक अम्ल होता है, जबकि टार्टरिक अम्ल इमली व अंगूर का अम्ल है। अन्य तीन युग्म मानक हैं: दही में लैक्टिक अम्ल, संतरे में सिट्रिक अम्ल और बिच्छू-बूटी के डंक में मेथेनोइक अम्ल।
  10. किसी विलयन का pH 6 से घटकर 3 हो जाता है। हाइड्रोजन आयन सांद्रता में कितने गुना परिवर्तन होता है?

    1. यह 3 गुना बढ़ती है
    2. यह 1000 गुना घटती है
    3. यह 1000 गुना बढ़ती है
    4. यह 30 गुना बढ़ती है
    उत्तर देखें

    उत्तर: C — यह 1000 गुना बढ़ती है

    pH लघुगणकीय है: 3 इकाई की कमी का अर्थ 10³ = 1000 गुना अधिक H⁺। तीन गुना वृद्धि मानना pH को रैखिक पैमाना समझने की सामान्य भूल है, और कमी का अर्थ होता कि विलयन कम अम्लीय हुआ।
  11. 25 °C पर शुद्ध जल का pH कितना होता है?

    1. 0
    2. 10
    3. 14
    4. 7
    उत्तर देखें

    उत्तर: D — 7

    शुद्ध जल उदासीन है और उसका pH 7 है, [H⁺] = 10⁻⁷ मोल/लीटर। pH 14 सोडियम हाइड्रॉक्साइड जैसे प्रबल क्षारक का और pH 0 अत्यंत प्रबल अम्ल का होता है।
  12. प्लास्टर ऑफ़ पेरिस का सूत्र क्या है?

    1. CaSO₄·2H₂O
    2. CuSO₄·5H₂O
    3. CaSO₄·½H₂O
    4. Na₂CO₃·10H₂O
    उत्तर देखें

    उत्तर: C — CaSO₄·½H₂O

    प्लास्टर ऑफ़ पेरिस कैल्सियम सल्फेट अर्धजलयोजित CaSO₄·½H₂O है, जो जिप्सम को 373 K पर गरम करने से बनता है। CaSO₄·2H₂O स्वयं जिप्सम है, जो भ्रम पैदा करने वाला विकल्प है।
  13. गरम करने पर खाने का सोडा (NaHCO₃) किन उत्पादों में अपघटित होता है?

    1. केवल NaOH और CO₂
    2. Na₂CO₃, H₂O और CO₂
    3. केवल Na₂O और H₂O, कोई गैस नहीं
    4. NaCl, H₂O और CO₂, जैसा अम्ल के साथ होता है
    उत्तर देखें

    उत्तर: B — Na₂CO₃, H₂O और CO₂

    2NaHCO₃ → Na₂CO₃ + H₂O + CO₂। CO₂ पके खाद्य को फुलाती है। NaCl नहीं बन सकता क्योंकि यौगिक में क्लोरीन नहीं है, और केवल NaOH व CO₂ वाली सूची परमाणुओं का संतुलन नहीं देती।
  14. सांद्र सोडियम क्लोराइड विलयन (ब्राइन) के विद्युत-अपघटन से कौन-से तीन उत्पाद मिलते हैं?

    1. सोडियम धातु, क्लोरीन और ऑक्सीजन
    2. NaOH, Cl₂ और H₂
    3. Na₂CO₃, Cl₂ और H₂
    4. NaOH, O₂ और H₂
    उत्तर देखें

    उत्तर: B — NaOH, Cl₂ और H₂

    2NaCl + 2H₂O → 2NaOH + Cl₂ + H₂: क्लोरीन ऐनोड पर, हाइड्रोजन कैथोड पर और NaOH विलयन में। जलीय विलयन से सोडियम धातु नहीं निकलती क्योंकि वह तुरंत जल से अभिक्रिया कर लेती।
  15. इनमें से किस लवण के जलीय विलयन का pH 7 से अधिक होता है?

    1. सोडियम क्लोराइड, उदासीन लवण
    2. अमोनियम क्लोराइड, दुर्बल क्षारक से
    3. पोटैशियम नाइट्रेट, उदासीन लवण
    4. सोडियम एथेनोएट
    उत्तर देखें

    उत्तर: D — सोडियम एथेनोएट

    सोडियम एथेनोएट प्रबल क्षारक (NaOH) और दुर्बल अम्ल (एथेनोइक अम्ल) से बनता है, इसलिए उसका विलयन क्षारकीय होता है। NaCl और KNO₃ प्रबल अम्ल व प्रबल क्षारक से बने हैं और उदासीन हैं; दुर्बल क्षारक वाला NH₄Cl अम्लीय है।
  16. विरंजक चूर्ण के बारे में कौन-सा कथन सत्य नहीं है? P: इसका सूत्र CaOCl₂ है। Q: यह शुष्क बुझे चूने पर क्लोरीन प्रवाहित करके बनता है। R: इसका उपयोग पेयजल के विसंक्रमण में होता है। S: यह चूना पत्थर को गरम करके बनता है।

    1. P
    2. Q
    3. R
    4. S
    उत्तर देखें

    उत्तर: D — S

    चूना पत्थर गरम करने पर कली चूना (CaO) और CO₂ मिलती है, विरंजक चूर्ण नहीं। विरंजक चूर्ण तब बनता है जब क्लोरीन शुष्क बुझे चूने पर क्रिया करती है, Cl₂ + Ca(OH)₂ → CaOCl₂ + H₂O, इसलिए P, Q और R सत्य हैं।
  17. इन्हें लगभग pH के बढ़ते क्रम में सजाइए: P: आमाशय रस, Q: शुद्ध जल, R: मिल्क ऑफ़ मैग्नीशिया, S: सिरका।

    1. P, S, Q, R
    2. S, P, Q, R
    3. P, S, R, Q
    4. R, Q, S, P
    उत्तर देखें

    उत्तर: A — P, S, Q, R

    आमाशय रस (pH 1 से 2) सिरके (लगभग 3) से अधिक अम्लीय है, फिर उदासीन जल (7), फिर क्षारकीय मिल्क ऑफ़ मैग्नीशिया (लगभग 10)। आमाशय रस और सिरके को आपस में बदल देना आम भूल है।
  18. कौन-सा युग्म अवक्षेपण अभिक्रिया और उसके प्रेक्षण को सही बताता है?

    1. Pb(NO₃)₂ + 2KI: पीला ठोस PbI₂
    2. CaCO₃ गरम करने पर: श्वेत ठोस CaO और गैस CO₂
    3. Zn + 2HCl: हाइड्रोजन गैस के रंगहीन बुलबुले
    4. Na₂SO₄ + BaCl₂: हरा ठोस BaSO₄ बनता है
    उत्तर देखें

    उत्तर: A — Pb(NO₃)₂ + 2KI: पीला ठोस PbI₂

    लेड नाइट्रेट और पोटैशियम आयोडाइड अविलेय पीला PbI₂ देते हैं, जो द्विविस्थापन अवक्षेपण है। बेरियम सल्फेट श्वेत होता है, हरा नहीं, और शेष दो क्रमशः अपघटन तथा गैस निकलने वाला विस्थापन हैं।