भारतीय रेल: संगठन, ज़ोन और भर्ती

यह अध्याय RRB परीक्षाओं की सामान्य जागरूकता सूची के भारतीय रेल वाले बिंदु का उत्तर देता है: रेलवे का संगठन, ज़ोन और उनके मुख्यालय, उत्पादन इकाइयाँ, भर्ती बोर्ड, तथा भारत में रेलों के इतिहास की मुख्य घटनाएँ। इसका उपयोग RRB Level-1, NTPC और Technician के प्रश्नपत्रों में होता है, जहाँ प्रश्न सीधे तथ्य और मिलान के होते हैं। इसमें केवल स्थायी तथ्य सिखाए गए हैं: नाम, मुख्यालय, प्रत्येक इकाई क्या बनाती है और तिथि-सहित मील के पत्थर। जो संख्याएँ बदलती रहती हैं, जैसे ज़ोन, गाड़ियों, रिक्तियों या कट-ऑफ की गिनती, उन्हें शिक्षण से जानबूझकर बाहर रखा गया है और वे प्रश्नों में केवल तिथि के साथ आती हैं।

प्रारंभिक इतिहास और मील के पत्थर

भारत की पहली यात्री रेलगाड़ी 16 अप्रैल 1853 को बंबई (अब मुंबई) के बोरी बंदर से ठाणे तक, 34 किमी की दूरी पर, ब्रॉड गेज पर चली। यह तिथि भारतीय रेल के जन्मदिन के रूप में याद की जाती है। रेलें पहले निजी कंपनियों ने बनाईं; बाद में सरकार ने उनका प्रबंधन अपने हाथ में लिया और 1950 के दशक के आरंभ तक कंपनियों की अनेक लाइनों को आगे वर्णित ज़ोन प्रणाली में पुनर्गठित किया गया।

क्रम जो याद रखें
वर्षमील का पत्थर
1853पहली यात्री गाड़ी, बोरी बंदर (बंबई) से ठाणे, 34 किमी
1905रेलवे बोर्ड की स्थापना (मार्च 1905)
1924रेल बजट आम बजट से अलग प्रस्तुत होने लगा
1925भारत की पहली विद्युत गाड़ी, बंबई से कुर्ला (3 फ़रवरी 1925)
1951-52ज़ोन प्रणाली आरंभ: पहले छह ज़ोन
2002-03सात नए ज़ोन जोड़े गए
2017रेल बजट आम केंद्रीय बजट में मिला दिया गया (2017-18 के बजट से)

गेज दोनों पटरियों के भीतरी किनारों के बीच की दूरी है। भारतीय रेल का मुख्य गेज 1,676 मिमी का ब्रॉड गेज (5 फुट 6 इंच) है। मीटर गेज 1,000 मिमी और छोटी (नैरो) गेज 762 मिमी तथा 610 मिमी की हैं, जो पहाड़ी और धरोहर लाइनों पर चलती हैं। मुख्य लाइन पर विद्युत कर्षण का मानक 25 kV AC है, जिसे 1957 में मानक के रूप में अपनाया गया।

⚠️ 1905 और 1924 को न बदलें
1905 रेलवे बोर्ड (नियंत्रक संस्था) का वर्ष है; 1924 अलग रेल बजट (वित्तीय विवरण) का। बजट 2017-18 से आम बजट में मिल गया, इसलिए उस तिथि से पहले 'अलग बजट' का प्रश्न 1924 की प्रथा से जुड़ा होता है।

संगठन: मंत्रालय, बोर्ड, ज़ोन, मंडल

भारत सरकार का रेल मंत्रालय रेल मंत्री के अधीन होता है, जो राजनीतिक पद है। रेलवे बोर्ड, जिसका मुख्यालय रेल भवन, नई दिल्ली में है, मंत्रालय की ओर से भारतीय रेल का प्रबंधन करता है। इसमें एक अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी तथा संचालन व व्यवसाय विकास, अवसंरचना, रोलिंग स्टॉक और वित्त जैसे क्षेत्रों के सदस्य होते हैं। इसकी स्थापना मार्च 1905 में हुई थी।

स्तरप्रमुखटिप्पणी
रेल मंत्रालयरेल मंत्रीराजनीतिक प्रमुख
रेलवे बोर्डअध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारीरेल भवन, नई दिल्ली
क्षेत्रीय रेलवे (ज़ोन)महाप्रबंधक (GM)प्रत्येक ज़ोन का एक मुख्यालय नगर
मंडलमंडल रेल प्रबंधक (DRM)ज़ोन कई मंडलों में बँटा है
उत्पादन इकाईमहाप्रबंधककारखाना, ज़ोन के नक्शे से बाहर
🎯 ज़ोन और मंडल क्यों
एक कार्यालय हज़ारों स्टेशनों को नहीं चला सकता। ज़ोन क्षेत्रीय नियंत्रण देता है, मंडल गाड़ियों, पटरी और कर्मचारियों का दैनिक नियंत्रण, और बोर्ड नीति, वित्त और मानकों को एकसमान रखता है। ऊपर से क्रम याद रखें: मंत्रालय, बोर्ड, ज़ोन (GM), मंडल (DRM)।

ज़ोन और उनके मुख्यालय

ज़ोन को उसके मुख्यालय नगर के साथ याद कीजिए; अधिकांश प्रश्न 'किसका मुख्यालय कौन-सा नगर है' या 'हाजीपुर किसका मुख्यालय है' प्रकार के होते हैं। नीचे की तालिका में सोलह पुराने ज़ोन उस व्यवस्था के अनुसार हैं जो आगे बताए 2026 के बदलाव से पहले थी; बाद में अलग ज़ोन बनी कोलकाता मेट्रो रेलवे इसमें नहीं दिखाई गई।

ज़ोन मुख्यालय
ज़ोन (संक्षेप)मुख्यालय
उत्तर रेलवे (NR)दिल्ली
पूर्वोत्तर रेलवे (NER)गोरखपुर
पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (NFR)गुवाहाटी (मालीगाँव)
पूर्व रेलवे (ER)कोलकाता
दक्षिण पूर्व रेलवे (SER)कोलकाता
दक्षिण मध्य रेलवे (SCR)सिकंदराबाद
दक्षिण रेलवे (SR)चेन्नई
मध्य रेलवे (CR)मुंबई (CSMT)
पश्चिम रेलवे (WR)मुंबई (चर्चगेट)
उत्तर पश्चिम रेलवे (NWR)जयपुर
दक्षिण पश्चिम रेलवे (SWR)हुबली
पश्चिम मध्य रेलवे (WCR)जबलपुर
उत्तर मध्य रेलवे (NCR)प्रयागराज
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR)बिलासपुर
पूर्व तट रेलवे (ECoR)भुवनेश्वर
पूर्व मध्य रेलवे (ECR)हाजीपुर
🧠 मिलते-जुलते नामों के लिए संकेत
ऊपर की तालिका के ज़ोनों में दो नगरों में दो-दो हैं: कोलकाता में पूर्व और दक्षिण पूर्व (अलग मेट्रो रेलवे ज़ोन का मुख्यालय भी वहीं है); मुंबई में मध्य और पश्चिम। देश के मध्य के ज़ोन जबलपुर (पश्चिम मध्य) और बिलासपुर (दक्षिण पूर्व मध्य) हैं; उत्तर मध्य का नगर प्रयागराज, पुराना इलाहाबाद है। गोरखपुर और हाजीपुर के ज़ोन पूर्व में हैं: गोरखपुर पूर्वोत्तर है, हाजीपुर पूर्व मध्य।
⚠️ हुबली बेंगलुरु नहीं, प्रयागराज लखनऊ नहीं
दक्षिण पश्चिम रेलवे का मुख्यालय हुबली है, बेंगलुरु नहीं। उत्तर मध्य का मुख्यालय प्रयागराज है, लखनऊ या कानपुर नहीं। पूर्व तट का मुख्यालय भुवनेश्वर है, विशाखापत्तनम नहीं। पास के बड़े नगर प्रायः गलत विकल्प बनते हैं।

पुनर्गठन पर टिप्पणी। ज़ोन का नक्शा पहले भी बदला है और 2026 में फिर बदला गया: मई 2026 की रेलवे बोर्ड की राजपत्र अधिसूचना (समाचार रिपोर्टों के अनुसार) से दक्षिण तट रेलवे (समाचारों में “दक्षिण तटीय रेलवे” भी) नाम का नया ज़ोन, जिसका मुख्यालय विशाखापत्तनम है, 1 जून 2026 से बनाया गया; यह पूर्व तट और दक्षिण मध्य ज़ोनों के कुछ भाग लेकर बना, इसलिए उन दोनों की सीमाएँ बदलीं। चूँकि ज़ोनों की संख्या और व्यवस्था बदलती रहती है, यह अध्याय ज़ोनों का कुल योग नहीं सिखाता। प्रश्न में गिनती दी जाए तो उसके साथ तिथि होगी और उत्तर उसी तिथि के अनुसार देखा जाएगा।

ज़ोन कब बने

ज़ोन कई चरणों में बने। पहले छह 1951 और 1952 में बने: दक्षिण, मध्य और पश्चिम, फिर उत्तर, पूर्वोत्तर और पूर्व। तीन और बाद में बने: दक्षिण पूर्व (1955), पूर्वोत्तर सीमांत (1958) और दक्षिण मध्य (1960 के दशक के मध्य में)। सबसे बड़ा पुनर्गठन 2002 और 2003 में हुआ, जब सात ज़ोन जोड़े गए: उत्तर पश्चिम, पूर्व मध्य, दक्षिण पश्चिम, पश्चिम मध्य, उत्तर मध्य, दक्षिण पूर्व मध्य और पूर्व तट।

🧠 संकेत: 'मिश्रित दिशा वाले ज़ोन नए हैं'
2002-03 के ज़ोनों के नाम प्रायः दो शब्दों की दिशा वाले हैं (उत्तर पश्चिम, दक्षिण पश्चिम, पश्चिम मध्य, उत्तर मध्य, दक्षिण पूर्व मध्य, पूर्व मध्य, पूर्व तट)। सबसे पुराने ज़ोनों के नाम सरल हैं: उत्तर, दक्षिण, मध्य, पश्चिम, पूर्व। मिश्रित नाम के बावजूद पुराने अपवाद: पूर्वोत्तर (1952), दक्षिण पूर्व (1955), पूर्वोत्तर सीमांत (1958) और दक्षिण मध्य (1960 का दशक)।
ℹ️ ज़ोन नहीं
कोंकण रेलवे का संचालन उसका अपना निगम, कोंकण रेलवे कॉर्पोरेशन लिमिटेड, करता है, जिसका मुख्यालय नवी मुंबई है। यह अलग संस्था है, महाप्रबंधक के अधीन क्षेत्रीय रेलवे का ज़ोन नहीं।

उत्पादन इकाइयाँ

उत्पादन इकाइयाँ रेलवे की अपनी फ़ैक्टरियाँ हैं जो रोलिंग स्टॉक बनाती हैं। ये ज़ोन के नक्शे का भाग नहीं हैं; प्रत्येक का अपना महाप्रबंधक होता है। आमतौर पर गिनाई जाने वाली इकाइयाँ आठ हैं: तीन डिब्बे बनाती हैं, तीन इंजन और दो पहिये; अलग-अलग पुस्तकों की सूचियाँ थोड़ी भिन्न हो सकती हैं।

आमतौर पर गिनाई जाने वाली उत्पादन इकाइयाँ
इकाईस्थाननिर्माण
चित्तरंजन लोकोमोटिव वर्क्स (CLW)चित्तरंजन, पश्चिम बंगालइंजन; पहली उत्पादन इकाई, 1950
बनारस लोकोमोटिव वर्क्स (BLW)वाराणसी, उत्तर प्रदेशइंजन; पहले डीज़ल लोकोमोटिव वर्क्स कहलाता था
पटियाला लोकोमोटिव वर्क्स (PLW)पटियाला, पंजाबइंजन
इंटीग्रल कोच फ़ैक्टरी (ICF)चेन्नई, तमिलनाडुयात्री डिब्बे
रेल कोच फ़ैक्टरी (RCF)कपूरथला, पंजाबयात्री डिब्बे (LHB प्रकार)
मॉडर्न कोच फ़ैक्टरी (MCF)रायबरेली, उत्तर प्रदेशडिब्बे
रेल व्हील फ़ैक्टरी (RWF)येलहंका, बेंगलुरु, कर्नाटकपहिये, धुरे और पहिया-जोड़े
रेल व्हील प्लांट (RWP)बेला, बिहारपहिये
🧠 अक्षर संकेत
इंजन बनाने वालों के नाम 'LW' (लोकोमोटिव वर्क्स) पर समाप्त होते हैं: CLW, BLW, PLW। डिब्बे बनाने वाले 'F' (फ़ैक्टरी) पर: ICF, RCF, MCF। पहिये: RWF और RWP। कपूरथला डिब्बों (RCF) की इकाई है, इंजनों की नहीं।
⚠️ नाम बदलते हैं
पुरानी पुस्तकों में डीज़ल लोकोमोटिव वर्क्स (वाराणसी) और डीज़ल लोको आधुनिकीकरण कारखाना (पटियाला) मिलते हैं; अब इन्हें बनारस और पटियाला लोकोमोटिव वर्क्स कहा जाता है। प्रश्न में पुराना नाम हो तो उत्तर नाम से नहीं, स्थान से तय होता है।

भर्ती: RRB और उनके द्वारा आयोजित परीक्षाएँ

रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) नगर-आधारित बोर्ड हैं जो रेलवे पदों की भर्ती करते हैं; इनके कार्यालय अहमदाबाद, भोपाल, चेन्नई, कोलकाता, मुंबई, पटना और सिकंदराबाद जैसे नगरों में हैं, और हर बोर्ड का क्षेत्र सहित पूरा विवरण आधिकारिक RRB वेबसाइटों पर है। रेलवे भर्ती नियंत्रण बोर्ड (RRCB) 1998 में बोर्डों के समन्वय और निगरानी के लिए बना। इनके अतिरिक्त क्षेत्रीय रेलवे भर्ती प्रकोष्ठ (RRC) भी हैं, जो कुछ श्रेणियों की भर्ती करते हैं; कौन-सी संस्था भर्ती कर रही है, यह प्रत्येक अधिसूचना में देखें।

परीक्षाकिसके लिएपरीक्षा-योग्य बिंदु
लेवल-1ट्रैक मेंटेनर और सहायक पॉइंट्समैन जैसे प्रारंभिक पद (वेतन स्तर 1)पहले ग्रुप D कहलाता था
NTPCगुड्स ट्रेन मैनेजर (पहले गुड्स गार्ड) और स्टेशन स्तर के पद जैसी गैर-तकनीकी लोकप्रिय श्रेणियाँस्नातक और अंडरग्रेजुएट स्तर
ALP और टेक्नीशियनसहायक लोको पायलट और तकनीकी पदकंप्यूटर आधारित परीक्षा, फिर अधिसूचित अन्य चरण
  • हर भर्ती अभियान एक क्रमांकित केंद्रीकृत रोज़गार अधिसूचना (CEN) से घोषित होता है, जिसमें पद, पात्रता, चरण और तिथियाँ होती हैं; उसका क्रमांक और वर्ष अभियान की पहचान हैं।
  • कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) इन सभी परीक्षाओं में सामान्य है; शारीरिक परीक्षण, दस्तावेज़ सत्यापन या चिकित्सा जाँच जैसे आगे के चरण पद पर निर्भर होते हैं और CEN में बताए जाते हैं।
⚠️ परिवर्तनशील तथ्य याद न करें
किसी वर्ष की रिक्तियाँ, आवेदन-संख्या, कट-ऑफ, परीक्षा-तिथियाँ और चरणों की संख्या उसी वर्ष की अधिसूचना में घोषित होती हैं। संरचना (कौन, क्या, कहाँ) सीखिए और हर संख्या को 'उस वर्ष की अधिसूचना के अनुसार' मानिए।

मुख्य बिंदु

  • पहली यात्री गाड़ी: 16 अप्रैल 1853, बोरी बंदर (बंबई) से ठाणे, 34 किमी; पहली विद्युत गाड़ी: बंबई से कुर्ला, 3 फ़रवरी 1925।
  • रेलवे बोर्ड: मार्च 1905, रेल भवन, नई दिल्ली; अलग रेल बजट 1924 से, आम केंद्रीय बजट में विलय 2017-18 से।
  • नियंत्रण की शृंखला: मंत्रालय, रेलवे बोर्ड, ज़ोन (महाप्रबंधक), मंडल (मंडल रेल प्रबंधक); ब्रॉड गेज 1,676 मिमी है।
  • हर ज़ोन को उसके मुख्यालय सहित सीखें: हाजीपुर (ECR), गोरखपुर (NER), हुबली (SWR), प्रयागराज (NCR), बिलासपुर (SECR), जबलपुर (WCR), भुवनेश्वर (ECoR); तालिका के ज़ोनों में कोलकाता (पूर्व, दक्षिण पूर्व) और मुंबई (मध्य, पश्चिम) में दो-दो हैं।
  • ज़ोन चरणों में बने: 1951-52 में छह, बाद में तीन और, 2002-03 में सात; ज़ोन की गिनती बदलती है, इसलिए तिथि के बिना कभी न बताएँ।
  • उत्पादन इकाइयाँ: CLW, BLW, PLW इंजन बनाती हैं; ICF, RCF, MCF डिब्बे; RWF और RWP पहिये; RRB Level-1, NTPC, ALP और Technician पदों की CBT आयोजित करते हैं।

अभ्यास प्रश्न (18)

उत्तर खोलने से पहले प्रत्येक प्रश्न हल करें। हर व्याख्या सही विकल्प के साथ लुभावना गलत विकल्प भी बताती है, क्योंकि अंक वहीं जाते हैं।

  1. भारत की पहली यात्री गाड़ी 16 अप्रैल 1853 को किन दो स्थानों के बीच चली?

    1. हावड़ा और हुगली
    2. बोरी बंदर (बंबई) और ठाणे
    3. मद्रास और आरकोट
    4. बंबई और कुर्ला
    उत्तर देखें

    उत्तर: B — बोरी बंदर (बंबई) और ठाणे

    1853 की यात्रा बंबई के बोरी बंदर से ठाणे तक 34 किमी की थी। बंबई से कुर्ला 1925 की पहली विद्युत गाड़ी का मार्ग है, जो दोनों 'पहली' घटनाओं को मिलाने वालों को भ्रमित करता है।
  2. पूर्वोत्तर रेलवे ज़ोन का मुख्यालय कौन-सा नगर है?

    1. गुवाहाटी
    2. हाजीपुर
    3. गोरखपुर
    4. पटना
    उत्तर देखें

    उत्तर: C — गोरखपुर

    पूर्वोत्तर रेलवे का मुख्यालय गोरखपुर है। गुवाहाटी पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे का मुख्यालय है, जो मिलते-जुलते नाम वाला भिन्न ज़ोन है।
  3. हाजीपुर किस रेलवे ज़ोन का मुख्यालय है?

    1. पूर्व मध्य रेलवे
    2. पूर्वोत्तर रेलवे
    3. उत्तर मध्य रेलवे
    4. पूर्व रेलवे
    उत्तर देखें

    उत्तर: A — पूर्व मध्य रेलवे

    पूर्व मध्य रेलवे का मुख्यालय बिहार के हाजीपुर में है। पूर्व रेलवे का मुख्यालय कोलकाता और पूर्वोत्तर का गोरखपुर है, इसलिए दोनों मिलते-जुलते नाम वाले गलत विकल्प हैं।
  4. पूर्व रेलवे और दक्षिण पूर्व रेलवे के मुख्यालय एक ही नगर में हैं। वह नगर कौन-सा है?

    1. भुवनेश्वर
    2. रांची
    3. बिलासपुर
    4. कोलकाता
    उत्तर देखें

    उत्तर: D — कोलकाता

    दोनों ज़ोनों के मुख्यालय कोलकाता में हैं। भुवनेश्वर पूर्व तट रेलवे का और बिलासपुर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे का मुख्यालय है, जो न पूर्व हैं न दक्षिण पूर्व।
  5. इन ज़ोन-मुख्यालय जोड़ियों को परखिए। P: पूर्व मध्य रेलवे, हाजीपुर। Q: दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर। R: उत्तर मध्य रेलवे, जबलपुर। S: पश्चिम मध्य रेलवे, प्रयागराज। कौन-सी सही हैं?

    1. केवल R और S
    2. केवल P और Q
    3. P, Q और R
    4. केवल Q और S
    उत्तर देखें

    उत्तर: B — केवल P और Q

    P और Q सही हैं। R और S में दोनों नगर आपस में बदल गए हैं: उत्तर मध्य का मुख्यालय प्रयागराज और पश्चिम मध्य का जबलपुर है, इसलिए R वाला विकल्प गलत है।
  6. निम्नलिखित में से कौन-सी ज़ोन और मुख्यालय की जोड़ी सही नहीं मिलाई गई है?

    1. उत्तर पश्चिम रेलवे, जयपुर
    2. पूर्व तट रेलवे, भुवनेश्वर
    3. दक्षिण पश्चिम रेलवे, बेंगलुरु
    4. दक्षिण मध्य रेलवे, सिकंदराबाद
    उत्तर देखें

    उत्तर: C — दक्षिण पश्चिम रेलवे, बेंगलुरु

    दक्षिण पश्चिम रेलवे का मुख्यालय हुबली है, उसी राज्य के बड़े नगर बेंगलुरु में नहीं। शेष तीनों जोड़ियाँ सही हैं।
  7. इनमें से कौन-सा ज़ोन 2002 और 2003 के पुनर्गठन में जोड़े गए सात ज़ोनों में नहीं था?

    1. दक्षिण रेलवे
    2. पूर्व तट रेलवे
    3. दक्षिण पश्चिम रेलवे
    4. उत्तर पश्चिम रेलवे
    उत्तर देखें

    उत्तर: A — दक्षिण रेलवे

    दक्षिण रेलवे पहले ज़ोनों में से है, जो 1951 में बना। पूर्व तट, दक्षिण पश्चिम और उत्तर पश्चिम 2002-03 में जोड़े गए सात में थे; मिश्रित नाम दक्षिण को समान दिखाते हैं पर वह पुराना है।
  8. किन दो ज़ोनों के मुख्यालय मुंबई में हैं?

    1. मध्य और पश्चिम
    2. पश्चिम और दक्षिण पश्चिम
    3. मध्य और दक्षिण
    4. पूर्व और मध्य
    उत्तर देखें

    उत्तर: A — मध्य और पश्चिम

    मध्य रेलवे का मुख्यालय CSMT और पश्चिम रेलवे का चर्चगेट है, दोनों मुंबई में। दक्षिण पश्चिम हुबली, दक्षिण चेन्नई और पूर्व कोलकाता में है।
  9. रेलवे बोर्ड का मुख्यालय कहाँ है?

    1. रेल निलयम, सिकंदराबाद
    2. रेल भवन, नई दिल्ली
    3. रेल सदन, कोलकाता
    4. रेल भवन, मुंबई
    उत्तर देखें

    उत्तर: B — रेल भवन, नई दिल्ली

    रेलवे बोर्ड रेल भवन, नई दिल्ली से कार्य करता है। रेल निलयम सिकंदराबाद में दक्षिण मध्य ज़ोन के कार्यालय का नाम है, बोर्ड का नहीं।
  10. रेलवे बोर्ड की स्थापना किस वर्ष हुई?

    1. 1905
    2. 1853
    3. 1924
    4. 1951
    उत्तर देखें

    उत्तर: A — 1905

    रेलवे बोर्ड की स्थापना मार्च 1905 में हुई। 1924 वह वर्ष है जब रेल बजट अलग प्रस्तुत होने लगा, जो भिन्न मील का पत्थर है।
  11. भारतीय रेल की प्रशासनिक श्रेणी में ज़ोन का प्रमुख महाप्रबंधक होता है। ज़ोन के मंडल का प्रमुख कौन होता है?

    1. रेलवे बोर्ड का अध्यक्ष
    2. मुख्य परिचालन प्रबंधक
    3. स्टेशन अधीक्षक
    4. मंडल रेल प्रबंधक
    उत्तर देखें

    उत्तर: D — मंडल रेल प्रबंधक

    मंडल का प्रमुख मंडल रेल प्रबंधक (DRM) होता है। अध्यक्ष बोर्ड का प्रमुख होता है और मुख्य परिचालन प्रबंधक ज़ोन का अधिकारी है, मंडल का प्रमुख नहीं।
  12. समय के क्रम में रखिए। P: भारत की पहली विद्युत गाड़ी। Q: रेलवे बोर्ड की स्थापना। R: पहली यात्री गाड़ी। S: रेल बजट का आम केंद्रीय बजट में विलय।

    1. R, P, Q, S
    2. Q, R, P, S
    3. R, Q, P, S
    4. R, Q, S, P
    उत्तर देखें

    उत्तर: C — R, Q, P, S

    क्रम है: 1853 की यात्री गाड़ी (R), 1905 का बोर्ड (Q), 1925 की विद्युत गाड़ी (P) और 2017 का बजट-विलय (S)। विद्युत गाड़ी को बोर्ड से पहले रखने पर 1925 और 1905 आपस में बदल जाते हैं।
  13. भारतीय रेल की मुख्य लाइनों पर प्रयुक्त ब्रॉड गेज की चौड़ाई कितनी है?

    1. 1,000 mm
    2. 1,435 mm
    3. 762 mm
    4. 1,676 मिमी
    उत्तर देखें

    उत्तर: D — 1,676 मिमी

    भारत का ब्रॉड गेज 1,676 मिमी है। 1,000 मिमी मीटर गेज है, 762 मिमी नैरो गेज है और 1,435 मिमी अन्यत्र प्रयुक्त मानक गेज है, भारतीय मुख्य लाइन का नहीं।
  14. भारतीय रेल की कौन-सी उत्पादन इकाई कपूरथला में स्थित है?

    1. रेल कोच फ़ैक्टरी
    2. चित्तरंजन लोकोमोटिव वर्क्स
    3. रेल व्हील प्लांट
    4. पटियाला लोकोमोटिव वर्क्स
    उत्तर देखें

    उत्तर: A — रेल कोच फ़ैक्टरी

    रेल कोच फ़ैक्टरी पंजाब के कपूरथला में है। पटियाला लोकोमोटिव वर्क्स भी पंजाब में है पर पटियाला में है और इंजन बनाता है, इसलिए वह निकट का भ्रामक विकल्प है।
  15. इन्हें परखिए। P: चित्तरंजन लोकोमोटिव वर्क्स इंजन बनाता है। Q: इंटीग्रल कोच फ़ैक्टरी चेन्नई में डिब्बे बनाती है। R: रायबरेली की मॉडर्न कोच फ़ैक्टरी पहिये बनाती है। S: बेंगलुरु की रेल व्हील फ़ैक्टरी पहिये और धुरे बनाती है। कौन-से सही हैं?

    1. P, Q, R और S
    2. P, Q और S
    3. केवल Q और R
    4. केवल P और R
    उत्तर देखें

    उत्तर: B — P, Q और S

    P, Q और S सही हैं। R गलत है क्योंकि मॉडर्न कोच फ़ैक्टरी डिब्बे बनाती है; पहिये रेल व्हील फ़ैक्टरी और रेल व्हील प्लांट बनाते हैं।
  16. निम्नलिखित में से कौन भारतीय रेल की डिब्बा बनाने वाली इकाई नहीं है?

    1. इंटीग्रल कोच फ़ैक्टरी
    2. मॉडर्न कोच फ़ैक्टरी
    3. बनारस लोकोमोटिव वर्क्स
    4. रेल कोच फ़ैक्टरी
    उत्तर देखें

    उत्तर: C — बनारस लोकोमोटिव वर्क्स

    वाराणसी का बनारस लोकोमोटिव वर्क्स, जैसा नाम से स्पष्ट है, इंजन बनाता है। शेष तीन चेन्नई, रायबरेली और कपूरथला की डिब्बा फ़ैक्टरियाँ हैं।
  17. भारतीय रेल की पहली इंजन उत्पादन इकाई कौन-सी थी, जो 1950 में शुरू हुई?

    1. बनारस लोकोमोटिव वर्क्स
    2. पटियाला लोकोमोटिव वर्क्स
    3. इंटीग्रल कोच फ़ैक्टरी
    4. चित्तरंजन लोकोमोटिव वर्क्स
    उत्तर देखें

    उत्तर: D — चित्तरंजन लोकोमोटिव वर्क्स

    पश्चिम बंगाल का चित्तरंजन लोकोमोटिव वर्क्स 1950 में शुरू हुई पहली इंजन इकाई थी। वाराणसी का बनारस लोकोमोटिव वर्क्स बाद में शुरू हुआ और इंटीग्रल कोच फ़ैक्टरी डिब्बे बनाती है।
  18. 1998 में बने रेलवे भर्ती नियंत्रण बोर्ड का रेलवे भर्ती बोर्डों के संबंध में क्या कार्य है?

    1. यह उनकी गतिविधियों का समन्वय और निगरानी करता है
    2. यह रेलवे की उत्पादन इकाइयाँ चलाता है
    3. यह रेल बजट तय करता है
    4. यह प्रत्येक रेलवे ज़ोन का प्रमुख होता है
    उत्तर देखें

    उत्तर: A — यह उनकी गतिविधियों का समन्वय और निगरानी करता है

    RRCB बोर्डों का समन्वय और निगरानी करता है। उत्पादन इकाइयाँ, बजट और ज़ोन का प्रबंधन क्रमशः रेलवे बोर्ड, मंत्रालय और महाप्रबंधकों के अधीन हैं।