सांख्यिकी और प्रारंभिक प्रायिकता

यह अध्याय RRB की कंप्यूटर आधारित परीक्षाओं के गणित वाले उस शीर्षक का उत्तर देता है जिसमें प्रारंभिक सांख्यिकी और प्रायिकता आती है: अवर्गीकृत और वर्गीकृत आँकड़ों का माध्य, माध्यिका और बहुलक, परिसर, माध्य विचलन, प्रसरण और मानक विचलन, तथा सरल घटनाओं की प्रायिकता। इसका उपयोग RRB Level-1, NTPC और Technician के प्रश्नपत्रों में होता है, जहाँ प्रश्न छोटे संख्यात्मक या 'कौन-सा माप' प्रकार के होते हैं। इसमें हर सूत्र उसके अर्थ, सटीक उत्तर वाले हल किए उदाहरण, समय बचाने वाली विधियों और दो मिलते-जुलते नियमों को आपस में बदलने वाले जालों के साथ सिखाया गया है।

आँकड़े, बारंबारता और वर्ग-अंतराल

कच्चे आँकड़े प्रेक्षणों की सूची होते हैं। अवर्गीकृत आँकड़ों में हर मान अलग लिखा जाता है; किसी मान की बारंबारता यह बताती है कि वह कितनी बार आया। मान बहुत होने पर उन्हें 0 से 10, 10 से 20 जैसे वर्ग-अंतरालों में रखा जाता है, जिससे वर्गीकृत आँकड़े बनते हैं। वर्ग-माप h = ऊपरी सीमा − निचली सीमा है और वर्ग-चिह्न (मध्य-मान) = (निचली + ऊपरी) / 2 है। वर्गीकृत आँकड़ों में वर्ग के हर प्रेक्षण को वर्ग-चिह्न पर माना जाता है, इसलिए वर्गीकृत उत्तर अनुमान होते हैं।

माध्यिका के लिए संचयी बारंबारता (cf) यानी बारंबारताओं का क्रमिक योग प्रयोग होता है। इन प्रश्नों में प्रायः वर्ग सतत होते हैं (0 से 10, 10 से 20), इसलिए एक वर्ग की ऊपरी सीमा अगले वर्ग की निचली सीमा होती है और सीमा पर पड़ने वाला मान ऊँचे वर्ग में गिना जाता है।

पदअर्थवर्ग 20 से 30 के लिए उदाहरण
वर्ग-माप hऊपरी − निचली10
वर्ग-चिह्न(निचली + ऊपरी) / 225
संचयी बारंबारताउस वर्ग तक और उसे मिलाकर जोड़ी गई बारंबारताएँतालिका पर निर्भर

माध्य: संतुलन-बिंदु

समांतर माध्य प्रेक्षणों के योग को उनकी संख्या से भाग देने पर मिलता है: माध्य = Σx / n। बारंबारता हो तो Σfx / Σf। वर्गीकृत आँकड़ों में x की जगह वर्ग-चिह्न लेते हैं। माध्य आँकड़ों का संतुलन-बिंदु है: प्रेक्षणों के माध्य से विचलनों का योग शून्य होता है।

हल किया उदाहरण (वर्गीकृत)। वर्ग 0 से 10, 10 से 20, 20 से 30, 30 से 40, 40 से 50 की बारंबारताएँ 5, 8, 10, 12, 5 हैं। वर्ग-चिह्न 5, 15, 25, 35, 45 हैं। Σf = 40। Σfx = 25 + 120 + 250 + 420 + 225 = 1040। माध्य = 1040 / 40 = 26।

  • संयुक्त माध्य: (n₁m₁ + n₂m₂) / (n₁ + n₂)। माध्य 60 वाले 20 विद्यार्थी और माध्य 70 वाले 30 विद्यार्थी मिलकर (1200 + 2100) / 50 = 66 देते हैं, 65 नहीं।
  • एक मान बदलना: योग उतना बदलता है जितना अंतर हो। 10 संख्याओं का माध्य 15 है; 12 की जगह 22 रखने पर योग 10 बढ़ता है, अतः नया माध्य 16 है।
  • विस्थापन और गुणन: हर प्रेक्षण में k जोड़ने पर माध्य में k जुड़ता है; हर प्रेक्षण को k से गुणा करने पर माध्य k गुना होता है।
  • पहली n प्राकृत संख्याओं का माध्य (n + 1) / 2 है; पहली n सम संख्याओं का माध्य n + 1 है।
🧠 कल्पित माध्य से समय की बचत
बीच के पास कोई सुविधाजनक कल्पित माध्य a चुनिए, छोटे विचलनों (x − a) का औसत निकालिए, फिर a जोड़ दीजिए। 98, 102, 101, 99, 100 में a = 100 लेने पर विचलन −2, 2, 1, −1, 0 का योग 0 है, इसलिए माध्य 100 है।

माध्यिका और बहुलक

माध्यिका आँकड़ों को क्रम में रखने पर बीच का मान है। n प्रेक्षणों में: n विषम हो तो वह ((n + 1) / 2)-वाँ मान है; n सम हो तो (n / 2)-वें और (n / 2 + 1)-वें मानों का औसत है। पहले क्रम में अवश्य रखें। 9, 3, 15, 7, 11, 5 की क्रमबद्ध सूची 3, 5, 7, 9, 11, 15 है और माध्यिका (7 + 9) / 2 = 8 है। बहुलक वह मान है जो सबसे अधिक बार आए; 3, 5, 5, 7, 8, 5, 9 का बहुलक 5 है। किसी आँकड़े का बहुलक न हो या एक से अधिक भी हो सकते हैं।

वर्गीकृत माध्यिका: माध्यिका = l + ((n / 2 − cf) / f) × h, जहाँ l माध्यिका वर्ग (जिसमें (n / 2)-वाँ प्रेक्षण आता है) की निचली सीमा है, cf उससे पहले वाले वर्ग की संचयी बारंबारता, f उसकी बारंबारता और h वर्ग-माप है। ऊपर की तालिका (5, 8, 10, 12, 5) में n = 40, n / 2 = 20; संचयी बारंबारताएँ 5, 13, 23, 35, 40 हैं, अतः माध्यिका वर्ग 20 से 30 है, cf = 13, f = 10। माध्यिका = 20 + (7 / 10) × 10 = 27।

वर्गीकृत बहुलक: बहुलक = l + ((f₁ − f₀) / (2f₁ − f₀ − f₂)) × h, जहाँ बहुलक वर्ग की बारंबारता सबसे अधिक f₁ है, उससे पहले f₀ और बाद में f₂। वर्ग 0 से 10, 10 से 20, 20 से 30, 30 से 40 की बारंबारताएँ 3, 5, 8, 5 हों तो बहुलक वर्ग 20 से 30, f₁ = 8, f₀ = 5, f₂ = 5। बहुलक = 20 + (3 / 6) × 10 = 25।

⚠️ दोनों सूत्रों में भ्रम न करें
माध्यिका n / 2 और संचयी बारंबारता का प्रयोग करती है; बहुलक केवल तीन पास की बारंबारताओं का। जाँच: उत्तर चुने हुए वर्ग के भीतर ही होना चाहिए, नहीं तो वर्ग गलत चुना गया है।
ℹ️ अनुभवजन्य संबंध
मध्यम रूप से विषम बंटन के लिए बहुलक = 3 × माध्यिका − 2 × माध्य। माध्य 24 और माध्यिका 25 हो तो अनुमानित बहुलक 75 − 48 = 27 है। यह सन्निकटन है, इसलिए प्रश्न में 'अनुभवजन्य' या 'लगभग' लिखा होता है।

प्रकीर्णन के माप: परिसर, माध्य विचलन, प्रसरण, मानक विचलन

दो आँकड़ों का माध्य समान होकर भी उनका बिखराव अलग हो सकता है। परिसर = सबसे बड़ा − सबसे छोटा (12, 7, 25, 3, 18 के लिए 25 − 3 = 22)। माध्य के सापेक्ष माध्य विचलन = Σ|x − माध्य| / n। प्रसरण σ² = Σ(x − माध्य)² / n = Σx² / n − (माध्य)²। मानक विचलन σ = √प्रसरण, जिसकी इकाई आँकड़ों वाली ही होती है। यहाँ आँकड़ों को पूरी समष्टि मानकर n से भाग दिया जाता है।

हल किया उदाहरण। आँकड़े 2, 4, 4, 4, 5, 5, 7, 9। n = 8, योग 40, माध्य 5। विचलन −3, −1, −1, −1, 0, 0, 2, 4। माध्य विचलन = (3 + 1 + 1 + 1 + 0 + 0 + 2 + 4) / 8 = 12 / 8 = 1.5। वर्ग 9, 1, 1, 1, 0, 0, 4, 16 का योग 32 है, अतः प्रसरण = 32 / 8 = 4 और मानक विचलन = 2। शॉर्टकट से जाँच: Σx² = 4 + 48 + 50 + 49 + 81 = 232; 232 / 8 − 25 = 29 − 25 = 4।

विस्थापन और गुणन का प्रभाव
हर प्रेक्षण में परिवर्तनमाध्यपरिसर, माध्य विचलन, मानक विचलनप्रसरण
k जोड़ना+ kअपरिवर्तितअपरिवर्तित
k से गुणा× k× |k|× k²
⚠️ प्रसरण वर्ग में होता है
हर मान दोगुना करने पर मानक विचलन दोगुना होता है, पर प्रसरण चार गुना। x का माध्य 20 और मानक विचलन 4 हो तो y = 3x + 5 का माध्य 65 और मानक विचलन 12 होगा; +5 माध्य को खिसकाता है, बिखराव को कभी नहीं।
🧠 पहली n प्राकृत संख्याएँ
1, 2, ..., n का प्रसरण (n² − 1) / 12 है। 1 से 5 के लिए 24 / 12 = 2; 1 से 7 के लिए 48 / 12 = 4, अतः मानक विचलन 2 है।

सरल घटनाओं की प्रायिकता

किसी घटना E की प्रायिकता = (अनुकूल परिणामों की संख्या) / (कुल समप्रायिक परिणाम)। यह 0 (असंभव) से 1 (निश्चित) के बीच रहती है। पूरक घटना की प्रायिकता P(E नहीं) = 1 − P(E) है। थैले में 5 लाल, 3 नीली, 2 हरी गेंदें हों तो P(नीली) = 3 / 10 और P(लाल नहीं) = 1 − 5 / 10 = 1 / 2।

मानक प्रतिदर्श समष्टियाँ
प्रयोगकुल परिणामघटना और प्रायिकता
एक पासा6अभाज्य (2, 3, 5): 3/6 = 1/2
दो पासे36योग 7: 6/36 = 1/6; योग 8: 5/36
तीन सिक्के8ठीक दो चित (HHT, HTH, THH): 3/8
52 पत्तों की गड्डी52बादशाह: 4/52 = 1/13; लाल चित्र-पत्ता: 6/52 = 3/26

गड्डी में 13-13 पत्तों के 4 रंग-वर्ग होते हैं, 26 लाल और 26 काले पत्ते, और 12 चित्र-पत्ते (हर वर्ग में बादशाह, बेगम, गुलाम)। घटनाओं को जोड़ने के दो नियम: परस्पर अपवर्जी घटनाओं के लिए P(A या B) = P(A) + P(B); सामान्यतः P(A या B) = P(A) + P(B) − P(A और B)। स्वतंत्र घटनाओं के लिए P(A और B) = P(A) × P(B)। स्वतंत्र P(A) = 1/2 और P(B) = 1/3 हों तो P(दोनों) = 1/6 और P(कम से कम एक) = 1 − (1/2)(2/3) = 2/3। बिना प्रतिस्थापन के दूसरा पत्ता बदली हुई स्थिति में निकलता है: दो इक्के = 4/52 × 3/51 = 1/221।

🎯 'या' पर जोड़, 'और' पर गुणा क्यों
'या' में, यदि अतिव्यापन न हो, एक ही प्रतिदर्श समष्टि के अनुकूल परिणाम इकट्ठे होते हैं, इसलिए संख्याएँ जुड़ती हैं। स्वतंत्र घटनाओं के 'और' में हर प्रयोग से एक परिणाम चुनकर जोड़ी बनती है, इसलिए जोड़ियाँ गुणित होती हैं: 6 फलक गुणा 6 फलक से दो पासों के 36 परिणाम मिलते हैं।

कौन-सा माप चुनें और जालों से बचें

  • माध्य हर मान का उपयोग करता है और चरम मानों से खिंचता है; कुल जोड़ के न्यायसंगत हिस्से के लिए प्रयोग करें।
  • माध्यिका चरम मानों से प्रभावित नहीं होती; वेतन जैसे विषम आँकड़ों के लिए उचित है।
  • बहुलक सबसे सामान्य मान है; यह एकमात्र औसत है जो जूते के सबसे प्रचलित नाप जैसी श्रेणियों पर भी काम करता है।
  • परिसर, माध्य विचलन, प्रसरण और मानक विचलन प्रकीर्णन के माप हैं; माध्य, माध्यिका और बहुलक केंद्रीय प्रवृत्ति के माप हैं।
⚠️ आम भूलें
अक्रमित आँकड़ों की माध्यिका निकालना; सम संख्या होने पर औसत न लेना; वर्गीकृत माध्य में वर्ग-चिह्न की जगह वर्ग-सीमाएँ लेना; मानक विचलन को प्रसरण समझना; और 1 से अधिक प्रायिकता लिखना (अनुकूल परिणाम कुल से अधिक नहीं हो सकते)। 'कम से कम एक' के लिए पहले 1 − P(कोई नहीं) आजमाएँ।

गति की योजना: माध्य में कोई गोल कल्पित माध्य खोजें; माध्यिका में सूत्र से पहले क्रमबद्ध करके गिनें; प्रकीर्णन में देखें कि प्रश्न परिसर, माध्य विचलन या मानक विचलन में से किसे माँगता है; प्रायिकता में अनुकूल / कुल लिखें और अंत में सरल करें।

मुख्य बिंदु

  • माध्य = Σfx / Σf (वर्गीकृत में वर्ग-चिह्न); माध्य से विचलनों का योग शून्य होता है और संयुक्त माध्य = (n₁m₁ + n₂m₂) / (n₁ + n₂)।
  • माध्यिका: पहले क्रम में रखें, बीच का मान (सम n में दो मध्य मानों का औसत); वर्गीकृत माध्यिका = l + ((n/2 − cf)/f) × h।
  • वर्गीकृत बहुलक = l + ((f₁ − f₀)/(2f₁ − f₀ − f₂)) × h; अनुभवजन्य संबंध: बहुलक = 3 माध्यिका − 2 माध्य।
  • प्रसरण = Σx²/n − माध्य²; मानक विचलन = √प्रसरण। k जोड़ने से केवल माध्य बदलता है; k से गुणा करने पर मानक विचलन |k| गुना और प्रसरण k² गुना होता है।
  • प्रायिकता = अनुकूल / कुल, 0 से 1 के बीच; P(E नहीं) = 1 − P(E); अपवर्जी 'या' में जोड़ें, स्वतंत्र 'और' में गुणा करें।
  • दो पासे: 36 परिणाम, योग 7 के 6 तरीके; 52 पत्तों में 26 लाल, 12 चित्र-पत्ते और हर मान के 4 पत्ते।

अभ्यास प्रश्न (18)

उत्तर खोलने से पहले प्रत्येक प्रश्न हल करें। हर व्याख्या सही विकल्प के साथ लुभावना गलत विकल्प भी बताती है, क्योंकि अंक वहीं जाते हैं।

  1. 12, 15, 18, 20 और 25 का माध्य क्या है?

    1. 17
    2. 18
    3. 19
    4. 20
    उत्तर देखें

    उत्तर: B — 18

    योग 12 + 15 + 18 + 20 + 25 = 90 है और 90 / 5 = 18। 20 दूसरा सबसे बड़ा प्रेक्षण है, माध्य नहीं, और 19 योग की गलत गिनती से आता है।
  2. 9, 3, 15, 7, 11 और 5 की माध्यिका क्या है?

    1. 9
    2. 7
    3. 10
    4. 8
    उत्तर देखें

    उत्तर: D — 8

    क्रम में आँकड़े 3, 5, 7, 9, 11, 15 हैं; छह मान होने से माध्यिका तीसरे और चौथे का औसत (7 + 9) / 2 = 8 है। केवल 7 या 9 लेना सम गणना की उपेक्षा है और बिना क्रम के बीच के मान पढ़ने से गलत जोड़ी मिलती है।
  3. 3, 5, 5, 7, 8, 5, 9 का बहुलक कौन-सा मान है?

    1. 5
    2. 7
    3. 6
    4. 8
    उत्तर देखें

    उत्तर: A — 5

    बहुलक सबसे अधिक बार आने वाला मान है और 5 तीन बार आता है जबकि शेष सब एक बार। सूची का माध्य 6 है और 7 बिना क्रम की सूची की बीच वाली प्रविष्टि भर है; दोनों में से कोई सबसे अधिक बार आने वाला मान नहीं है, जो तीनों औसतों को मिलाने वाले परीक्षार्थियों को भ्रमित करता है।
  4. 20 विद्यार्थियों के औसत अंक 60 हैं और अन्य 30 विद्यार्थियों के 70। सभी 50 विद्यार्थियों के औसत अंक कितने हैं?

    1. 65
    2. 67
    3. 66
    4. 68
    उत्तर देखें

    उत्तर: C — 66

    कुल अंक 20 × 60 + 30 × 70 = 1200 + 2100 = 3300 हैं और 3300 / 50 = 66। 60 और 70 का सीधा औसत 65 बड़े समूह के अधिक भार की उपेक्षा करता है।
  5. वर्ग 0 से 10, 10 से 20, 20 से 30, 30 से 40, 40 से 50 की बारंबारताएँ 5, 8, 10, 12 और 5 हैं। वर्ग-चिह्नों से माध्य कितना है?

    1. 26
    2. 25
    3. 27
    4. 28
    उत्तर देखें

    उत्तर: A — 26

    Σfx = 5 × 5 + 8 × 15 + 10 × 25 + 12 × 35 + 5 × 45 = 1040 और Σf = 40, अतः माध्य 26 है। बीच का वर्ग-चिह्न 25 माध्य नहीं है और 27 इसी तालिका की माध्यिका है, माध्य नहीं।
  6. वर्ग 0 से 10, 10 से 20, 20 से 30, 30 से 40 और 40 से 50 की बारंबारताएँ 5, 8, 10, 12 और 5 हैं। समूहित आँकड़ों की माध्यिका क्या है?

    1. 26
    2. 25
    3. 32
    4. 27
    उत्तर देखें

    उत्तर: D — 27

    n = 40 और n / 2 = 20; संचयी बारंबारताएँ 5, 13, 23 से माध्यिका वर्ग 20 से 30 है, cf = 13 और f = 10, अतः माध्यिका = 20 + (7 / 10) × 10 = 27। 26 माध्य है, माध्यिका नहीं।
  7. वर्ग 0 से 10, 10 से 20, 20 से 30, 30 से 40 की बारंबारताएँ 3, 5, 8 और 5 हैं। वर्गीकृत आँकड़ों का बहुलक क्या है?

    1. 24
    2. 26
    3. 25
    4. 30
    उत्तर देखें

    उत्तर: C — 25

    बहुलक वर्ग 20 से 30 है, f₁ = 8, f₀ = 5, f₂ = 5, अतः बहुलक = 20 + (8 − 5) / (16 − 5 − 5) × 10 = 25। दोनों पड़ोसी बारंबारताएँ बराबर हैं, इसलिए बहुलक वर्ग-चिह्न 25 पर आता है; अगले वर्ग का चिह्न 35 भी उत्तर नहीं है।
  8. एक मध्यम विषम बंटन का माध्य 24 और माध्यिका 25 है। अनुभवजन्य संबंध से बहुलक लगभग कितना है?

    1. 26
    2. 27
    3. 22
    4. 25
    उत्तर देखें

    उत्तर: B — 27

    बहुलक ≈ 3 × माध्यिका − 2 × माध्य = 75 − 48 = 27। गुणकों को उलटने (3 × माध्य − 2 × माध्यिका = 72 − 50 = 22) पर 22 आता है, जो आम भूल है।
  9. निम्नलिखित में से कौन प्रकीर्णन का माप नहीं है?

    1. माध्यिका
    2. परिसर
    3. प्रसरण
    4. माध्य विचलन
    उत्तर देखें

    उत्तर: A — माध्यिका

    परिसर, प्रसरण और माध्य विचलन सभी आँकड़ों के बिखराव को बताते हैं। माध्यिका केंद्रीय प्रवृत्ति का माप है जो आँकड़ों का मध्य बताती है।
  10. आँकड़े 2, 4, 4, 4, 5, 5, 7, 9 दिए हैं। उनका मानक विचलन क्या है?

    1. 4
    2. 1.5
    3. 5
    4. 2
    उत्तर देखें

    उत्तर: D — 2

    माध्य 5 है और वर्ग-विचलनों का योग 32 है, अतः प्रसरण = 32 / 8 = 4 और मानक विचलन = √4 = 2। 4 प्रसरण है और 1.5 माध्य विचलन, दोनों भिन्न माप हैं।
  11. प्रेक्षणों x का माध्य 20 और मानक विचलन 4 है। हर प्रेक्षण y = 3x + 5 में बदला जाता है। y का माध्य और मानक विचलन क्या होंगे?

    1. Mean 65, SD 17
    2. माध्य 65, मानक विचलन 12
    3. Mean 60, SD 12
    4. Mean 65, SD 144
    उत्तर देखें

    उत्तर: B — माध्य 65, मानक विचलन 12

    माध्य 3 × 20 + 5 = 65 होगा और मानक विचलन 3 × 4 = 12, क्योंकि 5 जोड़ने से बिखराव नहीं बदलता। मानक विचलन में 5 जोड़ना (17) आम भूल है; 144 y का प्रसरण (9 × 16) है, मानक विचलन नहीं।
  12. पहली सात प्राकृत संख्याओं 1, 2, ..., 7 का प्रसरण क्या है?

    1. 4
    2. 2
    3. 7
    4. 3.5
    उत्तर देखें

    उत्तर: A — 4

    1 से n का प्रसरण (n² − 1) / 12 = 48 / 12 = 4 है। 2 मानक विचलन है, प्रसरण नहीं, और 3.5 इन संख्याओं का माध्य है।
  13. इन कथनों को परखिए। P: प्रेक्षणों के माध्य से विचलनों का योग शून्य होता है। Q: माध्यिका पर चरम मानों का उतना ही प्रभाव पड़ता है जितना माध्य पर। R: हर प्रेक्षण में समान अचर जोड़ने से मानक विचलन बदल जाता है। S: हर प्रेक्षण दोगुना करने पर प्रसरण दोगुना होता है। कौन-से सही हैं?

    1. P और S
    2. Q और R
    3. केवल P
    4. R और S
    उत्तर देखें

    उत्तर: C — केवल P

    केवल P सही है। Q गलत है क्योंकि माध्यिका चरम मानों की उपेक्षा करती है; R गलत है क्योंकि विस्थापन से बिखराव नहीं बदलता; S गलत है क्योंकि दोगुना करने पर प्रसरण चार गुना होता है, इसलिए P और S का जोड़ा आकर्षक पर गलत है।
  14. एक निष्पक्ष पासा एक बार फेंका जाता है। संख्या अभाज्य होने की प्रायिकता क्या है?

    1. 1/3
    2. 2/3
    3. 1/6
    4. 1/2
    उत्तर देखें

    उत्तर: D — 1/2

    पासे पर अभाज्य संख्याएँ 2, 3 और 5 हैं, इसलिए प्रायिकता 3 / 6 = 1 / 2। 1 अभाज्य नहीं है, इसलिए चार अभाज्य गिनना (2/3) गलत है।
  15. 52 ताश के पत्तों की अच्छी तरह फेंटी गड्डी से बादशाह निकलने की प्रायिकता क्या है?

    1. 1/13
    2. 1/4
    3. 1/26
    4. 4/13
    उत्तर देखें

    उत्तर: A — 1/13

    52 पत्तों में 4 बादशाह हैं, अतः प्रायिकता 4 / 52 = 1 / 13। भिन्न 1/4 किसी विशेष रंग-वर्ग की प्रायिकता है, किसी विशेष मान की नहीं।
  16. दो निष्पक्ष पासे साथ-साथ फेंके जाते हैं। संख्याओं का योग 8 होने की प्रायिकता क्या है?

    1. 1/6
    2. 1/9
    3. 5/36
    4. 7/36
    उत्तर देखें

    उत्तर: C — 5/36

    योग 8 के परिणाम (2,6), (3,5), (4,4), (5,3), (6,2) हैं: 36 में से पाँच। 1/6 योग 7 की प्रायिकता है, जिसके छह तरीके होते हैं।
  17. एक थैले में 5 लाल, 3 नीली और 2 हरी गेंदें हैं। बिना प्रतिस्थापन के एक के बाद एक दो गेंदें निकाली जाती हैं। दोनों लाल होने की प्रायिकता क्या है?

    1. 1/4
    2. 2/9
    3. 5/18
    4. 1/5
    उत्तर देखें

    उत्तर: B — 2/9

    पहली गेंद लाल होने की प्रायिकता 5/10 और दूसरी की 4/9 है, अतः प्रायिकता 20 / 90 = 2 / 9। 1/4 गेंद वापस रखने (5/10 × 5/10) से आता है, जो प्रश्न की शर्त से मेल नहीं खाता।
  18. स्वतंत्र घटनाओं A और B के लिए P(A) = 1/2 और P(B) = 1/3 है। उनमें से कम से कम एक घटित होने की प्रायिकता क्या है?

    1. 2/3
    2. 5/6
    3. 1/6
    4. 1/2
    उत्तर देखें

    उत्तर: A — 2/3

    P(कम से कम एक) = 1 − P(कोई नहीं) = 1 − (1/2)(2/3) = 2/3। योग 5/6 दोनों के साथ घटित होने वाले मामले को दोहरा गिनता है, जिसे अतिव्यापन 1/6 घटाकर हटाया जाता है।