राजस्थान की अर्थव्यवस्था
2. राज्य बजट और राजकोषीय प्रबंधन
कानूनी ढाँचा संवैधानिक है। अनुच्छेद 202 के अनुसार राज्यपाल वार्षिक वित्तीय विवरण (बजट) विधानसभा के सामने रखवाता है। अनुच्छेद 203 राज्य की संचित निधि पर भारित व्यय (मतदान नहीं, केवल चर्चा) और अनुदान माँगों के रूप में मतदान से पारित व्यय को अलग करता है। अनुच्छेद 204 के अनुसार राज्य की संचित निधि (अनुच्छेद 266) से धन निकालने के लिए विनियोग विधेयक आवश्यक है; अनुच्छेद 205 अनुपूरक और अतिरिक्त अनुदान का है; अनुच्छेद 267(2) राज्यपाल के अधीन आकस्मिकता निधि देता है, जिसे बाद में विधानसभा नियमित करती है। इन निधियों से बाहर की प्राप्तियाँ और भुगतान (भविष्य निधि, जमा आदि) लोक लेखा में जाते हैं। भारत के भीतर उधार अनुच्छेद 293 से नियंत्रित है। राज्य के अपने नियम राजस्थान राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन अधिनियम, 2005 में हैं।
| अवधारणा | सूत्र | क्या बताती है |
|---|---|---|
| राजस्व घाटा | राजस्व व्यय − राजस्व प्राप्तियाँ | रोज़मर्रा के खर्च के लिए उधारी |
| राजकोषीय घाटा | कुल व्यय (ऋण-चुकौती छोड़कर) − राजस्व प्राप्तियाँ − गैर-ऋण पूँजीगत प्राप्तियाँ | कुल शुद्ध उधार आवश्यकता |
| प्राथमिक घाटा | राजकोषीय घाटा − ब्याज भुगतान | पुराने ऋण को छोड़कर उधारी |
आय के स्रोत हैं: राज्य का अपना कर राजस्व (राज्य GST, स्टाम्प एवं पंजीयन, राज्य उत्पाद शुल्क, मोटर वाहन कर, पेट्रोलियम पर वैट), अपना गैर-कर राजस्व (राजस्थान में खनन रॉयल्टी उल्लेखनीय है), अनुच्छेद 280 के अंतर्गत वित्त आयोग द्वारा तय केंद्रीय करों में हिस्सा और सहायता अनुदान (अनुच्छेद 275 और केंद्र प्रायोजित योजनाएँ)। पंद्रहवें वित्त आयोग ने राज्यों के लिए अनुमत राजकोषीय घाटा 2021-22 में GSDP का 4%, 2022-23 में 3.5% और 2023-24 से 2025-26 में 3% रखा, साथ में विद्युत-क्षेत्र सुधारों से जुड़ी अतिरिक्त छूट भी दी।
3. कृषि, पशुपालन और जल
कृषि वर्षा-आधारित और जोखिम-भरी है: पश्चिम में कम और अनिश्चित वर्षा, भूजल पर दबाव, और उत्तर-पश्चिम तथा चंबल-माही क्षेत्रों के बाहर नहरों का पतला जाल। फसल-ढाँचा पानी के अनुसार चलता है। खरीफ में बाजरा, ज्वार, मक्का, मूँग, ग्वार, मूँगफली और कपास; रबी में गेहूँ, जौ, सरसों, चना, जीरा और धनिया। हाल के राष्ट्रीय आँकड़ों में राजस्थान बाजरा, तारामीरा-सरसों, ग्वार और कई मसालों के अग्रणी उत्पादकों में रहा है, पर क्रम और उत्पादन हर मानसून के साथ बदलते हैं, इसलिए क्रम नहीं, ढाँचा याद कीजिए (मोटे अनाज, तिलहन, दलहन, मसाले)।
| स्रोत/परियोजना | मुख्य तथ्य | क्षेत्र |
|---|---|---|
| कुएँ और नलकूप | सिंचाई का सबसे बड़ा स्रोत; कई ब्लॉक भूजल के अति-दोहन वाले वर्गीकृत हैं | पूरे राज्य में, विशेषकर मध्य और पूर्वी मैदान |
| गंग नहर | बीकानेर के महाराजा गंगा सिंह के समय बनी, 1927 में चालू, सतलुज का जल | श्रीगंगानगर |
| इंदिरा गांधी नहर परियोजना (राजस्थान नहर) | कार्य 1958 में शुरू; राजस्थान फीडर पंजाब के हरिके बैराज से आरंभ; 1980 के दशक में इंदिरा गांधी के नाम पर नामित | उत्तर-पश्चिमी मरु ज़िले |
| चंबल और माही परियोजनाएँ | चंबल घाटी के कार्य (राणा प्रताप सागर, जवाहर सागर, कोटा बैराज); माही बजाज सागर | हाड़ौती और दक्षिण |
सतही जल दुर्लभ होने से राज्य नीति जल संरक्षण (मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान, गाँवों में जल-संचय अभियान), फार्म पॉण्ड और सूक्ष्म सिंचाई (ड्रिप और फव्वारा) पर टिकी है। पशुपालन दूसरा स्तंभ है: राजस्थान ऊन उत्पादन में अग्रणी राज्य है; टोंक के अविकानगर में केंद्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान और बीकानेर में राष्ट्रीय ऊँट अनुसंधान केंद्र हैं, तथा डेयरी राजस्थान सहकारी डेयरी संघ (सरस ब्रांड) की सहकारी समितियों से चलती है। विपणन राजस्थान कृषि उपज मंडी अधिनियम, 1961 के अंतर्गत विनियमित कृषि उपज मंडियों से होता है, और अधिसूचित फसलों के लिए केंद्र सरकार का MSP न्यूनतम मूल्य-आधार है।
4. उद्योग, खनन, पेट्रोलियम और निवेश नीति
राजस्थान का उद्योग संसाधनों और शिल्प पर टिका है। खनिज सीमेंट, जिंक और सीसा गलाने (हिंदुस्तान ज़िंक; भीलवाड़ा की रामपुरा-अगुचा और उदयपुर की जावर जैसी खानें), संगमरमर और बलुआ पत्थर (नागौर का मकराना, अजमेर का किशनगढ़) तथा खेतड़ी के ताँबे को आधार देते हैं। वस्त्र उद्योग भीलवाड़ा (सूटिंग), पाली और बालोतरा (छपाई-रंगाई) में, और रत्न-आभूषण, ब्लॉक प्रिंटिंग और ब्लू पॉटरी जयपुर में केंद्रित हैं। खनन रॉयल्टी के रूप में बड़ा गैर-कर राजस्व देता है, और खान अधिनियम (MMDR) के 2015 संशोधन से बने ज़िला खनिज प्रतिष्ठान न्यास उसका कुछ भाग खनन-प्रभावित क्षेत्रों में लगाते हैं।
पेट्रोलियम सबसे नया स्तंभ है। कच्चा तेल बाड़मेर बेसिन में निकलता है, विशेषकर मंगला क्षेत्र से, जहाँ उत्पादन 2009 में शुरू हुआ। बालोतरा ज़िले के पचपदरा में प्रतिवर्ष 90 लाख टन का रिफाइनरी-सह-पेट्रोकेमिकल परिसर एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड बना रही है, जो संयुक्त उद्यम है जिसमें एचपीसीएल की 74% और राजस्थान सरकार की 26% हिस्सेदारी है (2026 की रिपोर्टों के अनुसार; चालू होने की स्थिति सामयिक विषय है)। तर्क मूल्य-संवर्धन का है: तेल-क्षेत्र के पास ही शोधन और उस पर पेट्रोकेमिकल।
| मद | भूमिका |
|---|---|
| रीको (राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं विनियोजन निगम) | औद्योगिक क्षेत्र विकसित करता और भूमि आवंटित करता है |
| राजस्थान निवेश संवर्धन योजना (RIPS) 2022 | 2022-27 की प्रोत्साहन योजना (जारी अधिसूचना के अनुसार 31 मार्च 2027 तक प्रभावी), 7 अक्टूबर 2022 को जारी और 7-8 अक्टूबर 2022 के इन्वेस्ट राजस्थान समिट में शुरू |
| RIPS 2024 और राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट | विस्तारित योजना, जयपुर में 9 से 11 दिसंबर 2024 के समिट से पहले लाई गई |
5. ऊर्जा, परिवहन, पीपीपी और बाह्य सहायता
विद्युत। राजस्थान राज्य विद्युत मंडल का 19 जुलाई 2000 को राजस्थान विद्युत क्षेत्र सुधार अधिनियम, 1999 के अंतर्गत विघटन हुआ: उत्पादन कंपनी राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम (RVUNL), पारेषण कंपनी राजस्थान राज्य विद्युत प्रसारण निगम (RVPN) और जयपुर, अजमेर तथा जोधपुर की तीन वितरण कंपनियाँ (विद्युत वितरण निगम)। ताप-विद्युत केंद्रों में कोटा, सूरतगढ़, छबड़ा और कालीसिंध हैं; परमाणु बिजली रावतभाटा (चित्तौड़गढ़) के राजस्थान परमाणु विद्युत केंद्र से मिलती है। राज्य का असली लाभ नवीकरणीय ऊर्जा है: थार की तेज़ धूप और हवा से बड़े सौर पार्क (फलोदी के पास भड़ला, दुनिया के सबसे बड़े पार्कों में) और जैसलमेर के पास पवन फार्म बने हैं। स्थायी कमज़ोरी डिस्कॉम का वित्त है: घाटे और बकाया लौटकर राज्य के बजट पर आते हैं।
परिवहन और संचार। सड़कें रीढ़ हैं: राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य राजमार्ग और ग्रामीण सड़कें (2000 से केंद्र की पीएमजीएसवाई और राज्य के सड़क कार्यक्रम), और जन-परिवहन राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम की बसों से। उत्तर पश्चिम रेलवे का मुख्यालय जयपुर में है और यह 2002 में बना; पश्चिमी समर्पित माल गलियारा राज्य से गुज़रता है। डिजिटल संपर्क भारतनेट कार्यक्रम और राज्य के अपने ई-गवर्नेंस नेटवर्क से चलता है।
पीपीपी और बाह्य सहायता। सार्वजनिक-निजी भागीदारी निर्माण-संचालन-हस्तांतरण और वार्षिकी भुगतान जैसे मॉडलों से सड़क, विद्युत और शहरी सेवाओं में निजी पूँजी लाती है। बाह्य सहायता प्राप्त परियोजनाएँ विश्व बैंक, एडीबी और जायका जैसी एजेंसियों के ऋण हैं, जो केंद्र सरकार के माध्यम से राज्य को मिलते हैं और जिन्हें राज्य को चुकाना होता है; इसीलिए मुख्य परीक्षा के ढाँचे में 'ऋण' और 'विकास' साथ आते हैं।
6. ग्रामीण विकास, स्थानीय वित्त और सामाजिक सेवाएँ
राज्य वित्त आयोग (SFC) राष्ट्रीय वित्त आयोग का स्थानीय निकायों वाला रूप है। अनुच्छेद 243-I के अनुसार राज्यपाल 73वें संशोधन के एक वर्ष के भीतर और फिर हर पाँच वर्ष पर SFC गठित करता है, जो पंचायतों की वित्तीय स्थिति की समीक्षा करता, राज्य और स्थानीय निकायों के बीच करों के बँटवारे, सहायता अनुदान और पंचायत-निधि को मज़बूत करने के उपायों की सिफ़ारिश करता है; अनुच्छेद 243-Y यही नियम नगरपालिकाओं पर लागू करता है। संघीय वित्त आयोग को भी (अनुच्छेद 280(3)(bb) और (c)) SFC की रिपोर्टों के आधार पर राज्य-निधि बढ़ाने के उपाय सुझाने को कहा गया है। राज्य से अपेक्षा है कि कार्रवाई-रिपोर्ट विधानसभा में रखे, पर SFC की सिफ़ारिशें सलाहकारी हैं।
ग्रामीण विकास मज़दूरी, आवास, सड़क, आजीविका और स्वच्छता की केंद्र प्रायोजित और राज्य योजनाओं से चलता है, जिन्हें पंचायती राज विभाग और पंचायतों के तीन स्तर लागू करते हैं। मूलभूत सामाजिक सेवाओं में कानूनी आधार अनुच्छेद 21A और निःशुल्क शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 हैं, तथा स्वास्थ्य के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन। जनगणना 2011 के अनुसार राजस्थान की साक्षरता 66.1% और लिंगानुपात प्रति हज़ार पुरुषों पर 928 महिलाएँ था; ये जनगणना के आँकड़े अगली जनगणना तक स्थिर रहते हैं।
डिजिटल रूपांतरण मुख्य परीक्षा का 'सुशासन' से जुड़ाव है: भामाशाह (15 अगस्त 2014 को शुरू, जिसकी जड़ें 2008 की वित्तीय समावेशन योजना में हैं) परिवार के खातों में सीधे लाभ भेजता है; ई-मित्र कियोस्क नागरिक सेवाएँ देते हैं; राज-SSO और राजस्थान संपर्क शिकायत प्रणाली सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग के चलाए राज्य मंच हैं।
मुख्य बिंदु
- GSDP प्राथमिक, द्वितीयक और सेवा क्षेत्रों के GSVA से बनता है; सांकेतिक (चालू कीमत) और वास्तविक (स्थिर कीमत) वृद्धि अलग पढ़ें। आर्थिक समीक्षा से रिपोर्ट किए 2024-25 अग्रिम अनुमानों में सेवाओं का हिस्सा सबसे बड़ा और उद्योग का कृषि से थोड़ा अधिक था।
- बजट की शृंखला अनुच्छेद 202 (विवरण), 203 (प्रक्रिया), 204 (विनियोग), 205 (अनुपूरक), 266 (निधियाँ) और 267 (आकस्मिकता) है; राजकोषीय घाटा कुल शुद्ध उधार आवश्यकता है और प्राथमिक घाटा उसमें से ब्याज घटाता है।
- पानी कृषि तय करता है: कुएँ-नलकूप अग्रणी हैं, गंग नहर (1927) और इंदिरा गांधी नहर (कार्य 1958 से) उत्तर-पश्चिम को, चंबल-माही कार्य दक्षिण-पूर्व को सींचते हैं; नीतिगत उत्तर संरक्षण, सूक्ष्म सिंचाई और ऊन-डेयरी विविधीकरण है।
- उद्योग खनिज, वस्त्र और शिल्प पर टिका है; पेट्रोलियम (बाड़मेर बेसिन, मंगला 2009 से, पचपदरा रिफाइनरी संयुक्त उद्यम) मूल्य जोड़ता है; निवेश नीति रीको और RIPS 2022 तथा 2024 योजनाओं से चलती है।
- विद्युत का 19 जुलाई 2000 को RVUNL, RVPN और तीन डिस्कॉम में विघटन हुआ; नवीकरणीय ऊर्जा ताकत है और डिस्कॉम का वित्त कमज़ोरी।
- राज्य वित्त आयोग (अनुच्छेद 243-I, हर पाँच वर्ष, राज्यपाल द्वारा नियुक्त) सलाहकारी है और स्थानीय निकायों के वित्त को राज्य से, तथा संघीय वित्त आयोग के माध्यम से केंद्र से जोड़ता है।
अभ्यास प्रश्न (16)
उत्तर खोलने से पहले प्रत्येक प्रश्न हल करें। हर व्याख्या सही विकल्प के साथ लुभावना गलत विकल्प भी बताती है, क्योंकि अंक वहीं जाते हैं।
संविधान के किस अनुच्छेद के अंतर्गत राज्यपाल राज्य का वार्षिक वित्तीय विवरण (बजट) विधानसभा के समक्ष रखवाता है?
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उत्तर: D — अनुच्छेद 202
अनुच्छेद 202 वार्षिक वित्तीय विवरण को राज्य विधानमंडल के समक्ष रखने की व्यवस्था करता है। अनुच्छेद 205 अनुपूरक अनुदान का और अनुच्छेद 266 संचित निधि तथा लोक लेखा का है, इसलिए ये भ्रम पैदा करते हैं पर बजट-प्रस्तुति का प्रावधान नहीं हैं।किस अनुच्छेद के अंतर्गत राज्यपाल पंचायतों की वित्तीय स्थिति की समीक्षा के लिए हर पाँच वर्ष पर राज्य वित्त आयोग गठित करता है?
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उत्तर: B — अनुच्छेद 243-I
अनुच्छेद 243-I पंचायतों के लिए राज्य वित्त आयोग का प्रावधान करता है। अनुच्छेद 243-K राज्य निर्वाचन आयोग, 243-G पंचायतों की शक्तियों और दायित्वों का, और अनुच्छेद 280 संघीय वित्त आयोग का है।19 जुलाई 2000 को राजस्थान राज्य विद्युत मंडल के विघटन पर विद्युत उत्पादन का दायित्व किस कंपनी को मिला?
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उत्तर: C — राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम
उत्पादन कंपनी राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम है। प्रसारण निगम को पारेषण मिला और तीन विद्युत वितरण निगमों (जयपुर, अजमेर, जोधपुर) को वितरण।निम्नलिखित में से कौन राज्य के अपने कर राजस्व का स्रोत नहीं है?
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उत्तर: A — आयात पर सीमा शुल्क
सीमा शुल्क केंद्र सरकार लगाती है, राज्य नहीं। स्टाम्प-पंजीयन, राज्य उत्पाद शुल्क और मोटर वाहन कर राज्य सूची के राज्य-स्तरीय कर हैं।राज्य के बजट पर निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए। P: वार्षिक वित्तीय विवरण अनुच्छेद 202 के अंतर्गत विधानसभा में रखा जाता है। Q: राज्य की संचित निधि पर भारित व्यय अनुदान माँग के रूप में विधानसभा के मतदान के लिए रखा जाता है। R: अनुच्छेद 204 के विनियोग कानून के बिना संचित निधि से धन नहीं निकाला जा सकता। S: राज्य की आकस्मिकता निधि अनुच्छेद 267(2) के अंतर्गत राज्यपाल के अधीन रखी जाती है। कौन-से कथन सही हैं?
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उत्तर: C — केवल P, R और S
P, R और S सही हैं। Q गलत है: भारित व्यय पर विधानसभा मतदान नहीं करती (केवल चर्चा कर सकती है), जबकि अन्य व्यय अनुदान माँग के रूप में मतदान से पारित होता है। 'चारों' का विकल्प इसी एक बिंदु पर विफल है।किसी राज्य के बजट में (सभी आँकड़े करोड़ रुपये में): राजस्व व्यय 80, राजस्व प्राप्तियाँ 70, ऋण-चुकौती छोड़कर कुल व्यय 100, गैर-ऋण पूँजीगत प्राप्तियाँ 5 और ब्याज भुगतान 12 हैं। राजकोषीय घाटा और प्राथमिक घाटा क्या होंगे?
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उत्तर: A — राजकोषीय घाटा 25; प्राथमिक घाटा 13
राजकोषीय घाटा = 100 − 70 − 5 = 25। प्राथमिक घाटा = राजकोषीय घाटा − ब्याज = 25 − 12 = 13। संख्या 10 राजस्व घाटा (80 − 70) है, जो भ्रमित करने वाला पर अलग माप है।राजस्थान आर्थिक समीक्षा 2024-25 के अग्रिम अनुमानों (सारों में दिए अनुसार) में चालू कीमतों पर GSVA में हिस्से थे: कृषि एवं संबद्ध 26.92%, उद्योग 27.16%, सेवाएँ 45.92%। कौन-सा निष्कर्ष सही है?
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उत्तर: C — सेवाएँ सबसे बड़ा क्षेत्र थीं और उद्योग कृषि से थोड़ा आगे था
45.92 सबसे बड़ा हिस्सा है, इसलिए सेवाएँ अग्रणी हैं, और 27.16 > 26.92 है, इसलिए उद्योग कृषि से मामूली आगे है। कृषि सबसे बड़ी नहीं है, और सेवाएँ-कृषि का योग (72.84) उद्योग (27.16) से कहीं अधिक है।खनिज और स्थान की निम्नलिखित जोड़ियों में से कौन-सी सही नहीं है?
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उत्तर: C — जावर: लौह अयस्क
उदयपुर ज़िले का जावर जिंक और सीसे के लिए प्रसिद्ध है, लौह अयस्क के लिए नहीं, इसलिए वही जोड़ी गलत है। खेतड़ी (ताँबा), मकराना (संगमरमर) और रामपुरा-अगुचा (जिंक, भीलवाड़ा) सही हैं।2022-27 के लिए राजस्थान निवेश संवर्धन योजना (RIPS) 2022 किस आयोजन में शुरू की गई?
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उत्तर: B — इन्वेस्ट राजस्थान समिट, अक्टूबर 2022
RIPS 2022 7 अक्टूबर 2022 को जारी हुई और 7-8 अक्टूबर 2022 के इन्वेस्ट राजस्थान समिट में शुरू हुई। दिसंबर 2024 का समिट उसके विस्तार RIPS 2024 के बाद आया, इसलिए वह बाद की घटना है, 2022 योजना का शुभारंभ नहीं।पंद्रहवें वित्त आयोग ने राज्यों के लिए 2022-23 में GSDP के प्रतिशत के रूप में कितना राजकोषीय घाटा अनुमत करने की सिफ़ारिश की?
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उत्तर: D — 3.5 प्रतिशत
मार्ग 2021-22 में 4 प्रतिशत, 2022-23 में 3.5 प्रतिशत और 2023-24 से 2025-26 में 3 प्रतिशत था। 4 प्रतिशत पहले वर्ष का था और 3 प्रतिशत बाद के वर्षों का।कालक्रम से लगाइए:
P. राजस्थान राज्य विद्युत मंडल का विघटन;
Q. 15 अगस्त 2014 को भामाशाह का शुभारंभ;
R. इन्वेस्ट राजस्थान समिट में RIPS 2022 का शुभारंभ;
S. जयपुर में राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट।उत्तर देखें
उत्तर: D — P, Q, R, S
विघटन जुलाई 2000 में, भामाशाह अगस्त 2014 में, RIPS 2022 अक्टूबर 2022 में और राइजिंग राजस्थान समिट दिसंबर 2024 में हुआ। RIPS 2022 को भामाशाह से पहले, या समिट को RIPS 2022 से पहले रखना तिथियाँ उलट देता है।राजस्थान में सिंचाई पर निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए। P: गंग नहर बीकानेर के महाराजा गंगा सिंह के समय बनी और 1927 में चालू हुई। Q: इंदिरा गांधी नहर परियोजना पर कार्य 1958 में शुरू हुआ। R: इंदिरा गांधी नहर का राजस्थान फीडर पंजाब के हरिके बैराज से शुरू होता है। S: गंग नहर चंबल से जल लेती है। कौन-से कथन सही हैं?
उत्तर देखें
उत्तर: A — केवल P, Q और R
P, Q और R सही हैं। S गलत है क्योंकि गंग नहर सतलुज का जल लेती है; चंबल हाड़ौती क्षेत्र के कार्यों को पानी देती है। 'चारों' का विकल्प S पर विफल है।2026 की रिपोर्टों के अनुसार पचपदरा रिफाइनरी पर निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए। P: यह एचपीसीएल और राजस्थान सरकार का संयुक्त उद्यम है जिसमें एचपीसीएल की 74 प्रतिशत हिस्सेदारी है। Q: यह बालोतरा ज़िले में स्थित है। R: इसकी नियोजित क्षमता प्रतिवर्ष 90 लाख टन है। S: यह बिना किसी पेट्रोकेमिकल घटक वाली अकेली रिफाइनरी है। कौन-से कथन सही हैं?
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उत्तर: D — केवल P, Q और R
P, Q और R सही हैं। S गलत है: परियोजना रिफाइनरी-सह-पेट्रोकेमिकल परिसर है, इसलिए पेट्रोकेमिकल घटक उसका हिस्सा है। उसे सादी रिफाइनरी कह देना वही चूक है जो जल्दबाज़ी में छूट जाती है।निम्नलिखित में से कौन-सा सबसे अच्छी तरह बताता है कि राज्य के स्वामित्व वाली विद्युत वितरण कंपनियों के लगातार घाटे राजस्थान के राजकोषीय घाटे की चिंता क्यों बनते हैं?
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उत्तर: C — स्वामी के रूप में राज्य सब्सिडी, ऋण-गारंटी या ऋण-अधिग्रहण का वित्तपोषण करता है, जिससे उसकी अपनी उधारी बढ़ती है
वितरण कंपनियाँ राज्य के स्वामित्व की हैं, इसलिए उनके घाटे सब्सिडी भुगतान, गारंटी और ऋण-अधिग्रहण के रूप में राज्य पर लौटकर उसकी उधारी बढ़ाते हैं। डिस्कॉम उधार ले सकती हैं, घाटे केंद्र के घाटे में दर्ज नहीं होते, और कर-हिस्से के सूत्र में डिस्कॉम-घाटा नहीं है।राजस्थान आर्थिक समीक्षा 2024-25 (अग्रिम अनुमान, रिपोर्ट के अनुसार) में प्रति व्यक्ति आय चालू कीमतों पर 11.04% पर स्थिर कीमतों (2011-12) पर 6.88% बढ़ती दिखती है। यह अंतर मुख्यतः क्या दर्शाता है?
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उत्तर: B — कीमत-वृद्धि का प्रभाव, क्योंकि स्थिर कीमत शृंखला मुद्रास्फीति हटा देती है
स्थिर कीमत के आँकड़े मुद्रास्फीति हटा देते हैं, इसलिए लगभग चार अंकों का अंतर सामान्य कीमत-वृद्धि को दिखाता है। स्थिर शृंखला स्वयं 2011-12 आधार पर है, और आँकड़ों में जनसंख्या-गिरावट या क्षेत्रीय मिश्रण का कोई संकेत नहीं।राज्य वित्त आयोग (SFC) पर निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए। P: अनुच्छेद 243-I के अनुसार राज्यपाल इसे हर पाँच वर्ष पर गठित करता है। Q: यह राज्य और पंचायतों के बीच राज्य करों के वितरण की सिफ़ारिश करता है। R: संघीय वित्त आयोग को SFC की सिफ़ारिशों के आधार पर राज्य की संचित निधि बढ़ाने के उपाय सुझाने हैं। S: इसकी सिफ़ारिशें राज्य सरकार पर बाध्यकारी हैं। कौन-से कथन सही हैं?
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उत्तर: B — केवल P, Q और R
P, Q और R अनुच्छेद 243-I और 280(3) के अनुरूप हैं। S गलत है क्योंकि SFC की सिफ़ारिशें सलाहकारी हैं; राज्य कार्रवाई-रिपोर्ट रखता है पर उन्हें मानने को बाध्य नहीं है।