विश्व इतिहास, 1750 से 1950
अमेरिकी क्रांति (1775-1783)
ब्रिटेन उत्तरी अमेरिका के अटलांटिक तट की तेरह कॉलोनियों पर शासन करता था। महँगे सप्तवर्षीय युद्ध (1756-63) के बाद उसने उपनिवेशियों पर कर लगाए (जैसे स्टाम्प अधिनियम, 1765), जबकि उन्हें संसद में प्रतिनिधित्व नहीं दिया। उपनिवेशियों का नारा था प्रतिनिधित्व नहीं तो कर नहीं। 1773 में उन्होंने बोस्टन बंदरगाह में चाय फेंक दी (बोस्टन टी पार्टी)। 1775 में युद्ध शुरू हुआ; मुख्यतः टॉमस जेफ़रसन द्वारा लिखित स्वतंत्रता की घोषणा 4 जुलाई 1776 को स्वीकार हुई। 1781 में यॉर्कटाउन में ब्रिटिश सेना ने आत्मसमर्पण किया, और पेरिस की संधि (1783) ने संयुक्त राज्य को मान्यता दी। संविधान 1787 में अपनाया गया और जॉर्ज वाशिंगटन 1789 में प्रथम राष्ट्रपति बने।
फ़्रांसीसी क्रांति और नेपोलियन
कारण थे निरंकुश राजतंत्र (लुई सोलहवाँ), भारी ऋण (कुछ अमेरिकियों की सहायता से), तीन वर्गों (एस्टेट) में बँटा समाज जिसमें तृतीय एस्टेट सबसे अधिक कर देता था, और रूसो, वॉल्तेयर व मॉन्टेस्क्यू के विचार। मई 1789 में एस्टेट्स-जनरल की बैठक हुई तो तृतीय एस्टेट ने राष्ट्रीय सभा बनाई और टेनिस कोर्ट की शपथ (20 जून 1789) ली। बास्तील का कारागार 14 जुलाई 1789 को गिरा। अगस्त 1789 में मानव और नागरिक अधिकारों की घोषणा हुई। 1792 में गणतंत्र घोषित हुआ; लुई सोलहवें को 21 जनवरी 1793 को मृत्युदंड दिया गया; रॉबेस्पियर और जन-सुरक्षा समिति के अधीन आतंक का राज (1793-94) आया।
नेपोलियन बोनापार्ट ने 1799 में सत्ता हथियाई और 1804 में स्वयं को सम्राट घोषित किया। उसकी नागरिक संहिता (1804) ने कानून के सामने समानता दी और संपत्ति की रक्षा की। अंततः वह 1815 में वाटरलू में पराजित हुआ। ऑस्ट्रियाई मंत्री मेटरनिख के नेतृत्व में वियना कांग्रेस (1814-15) ने पुराने राजाओं को बहाल किया। स्मरणीय नारा है स्वतंत्रता, समानता, बंधुत्व।
यूरोप में राष्ट्रवाद: इटली और जर्मनी
वियना (1815) के बाद यूरोप राजतंत्रों में बँटा रहा, और उदारवादी व राष्ट्रवादी विद्रोह उठे, विशेषकर 1830 व 1848 में। फिर राष्ट्रवाद ने दो नए राज्य बनाए। इटली छोटे राज्यों का जमघट था। ज्यूज़ेप्पे मात्सीनी ने गुप्त संगठन यंग इटली (1831) बनाया; पीडमॉन्ट-सार्डीनिया के प्रधानमंत्री काउंट कावूर ने कूटनीति अपनाई; गैरीबाल्डी और उसके लाल कुर्ते वालों ने 1860 में सिसिली व नेपल्स जीते। इटली का राज्य 1861 में विक्टर इमैनुएल द्वितीय के अधीन घोषित हुआ, और रोम 1871 में जुड़ा।
जर्मनी का एकीकरण ऊपर से, प्रशिया ने अपने मुख्यमंत्री ओटो वॉन बिस्मार्क के नेतृत्व में किया, जिसकी नीति रक्त और लौह की थी। तीन युद्धों ने राष्ट्र गढ़ा: डेनमार्क (1864), ऑस्ट्रिया (1866) और फ़्रांस (फ़्रांस-प्रशिया युद्ध, 1870-71) के विरुद्ध। प्रशिया के विलियम प्रथम को जनवरी 1871 में वर्साय में जर्मन सम्राट घोषित किया गया।
| देश | प्रमुख व्यक्ति | पूर्ण |
|---|---|---|
| इटली | मात्सीनी, कावूर, गैरीबाल्डी, विक्टर इमैनुएल द्वितीय | 1861 (रोम 1871) |
| जर्मनी | बिस्मार्क, विलियम प्रथम | 1871 |
1917 की रूसी क्रांति
ज़ार निकोलस द्वितीय के अधीन रूस निर्धन, निरंकुश और प्रथम विश्व युद्ध से बुरी तरह आहत था। खूनी रविवार (1905) के बाद ज़ार ने एक कमज़ोर संसद (ड्यूमा) स्वीकार की। फ़रवरी क्रांति (1917) में पेत्रोग्राद की रोटी-दंगों और हड़तालों ने ज़ार को पद छोड़ने को विवश किया और अस्थायी सरकार (बाद में केरेन्स्की के नेतृत्व में) ने सत्ता सँभाली पर युद्ध जारी रखा। अक्तूबर क्रांति (1917) में लेनिन के नेतृत्व में बोल्शेविकों ने शांति, भूमि और रोटी के नारे के साथ सत्ता ले ली।
लेनिन ने ब्रेस्ट-लितोव्स्क की संधि (मार्च 1918) से रूस को युद्ध से बाहर निकाला। फिर लाल और श्वेत सेनाओं के बीच गृहयुद्ध चला; नई आर्थिक नीति (1921) ने सीमित निजी व्यापार की छूट दी; सोवियत संघ (USSR) 1922 में बना। लेनिन की मृत्यु (1924) के बाद स्टालिन उभरा और 1928 से खेतों के बलपूर्वक सामूहिकीकरण के साथ पंचवर्षीय योजनाएँ चलाईं। क्रांति ने विश्व भर में उपनिवेश-विरोधी और समाजवादी आंदोलनों को प्रेरित किया।
हिंद-चीन
हिंद-चीन का अर्थ वियतनाम, लाओस और कंबोडिया है, जिन पर फ़्रांस का नियंत्रण उन्नीसवीं सदी से था और जिन्हें हिंद-चीनी संघ में जोड़ा गया (गठन 1887; लाओस 1893 में जुड़ा)। वियतनामी राष्ट्रवादियों ने फ़्रांसीसी शासन का उत्तर सुधार और विद्रोह से दिया (जैसे फान बोई चाऊ)। हो ची मिन्ह ने 1930 में कम्युनिस्ट पार्टी और 1941 में वियत मिन्ह बनाई। जापान ने 1940-41 में क्षेत्र पर कब्ज़ा किया और 1945 में पराजित हुआ, और हो ची मिन्ह ने 2 सितंबर 1945 को वियतनाम की स्वतंत्रता घोषित की।
फ़्रांस ने लौटने का प्रयास किया, और प्रथम हिंद-चीन युद्ध दीएन बीएन फू (1954) में फ़्रांसीसी पराजय से समाप्त हुआ। जिनेवा समझौते (1954) ने वियतनाम को 17वीं समांतर रेखा पर साम्यवादी उत्तर और गैर-साम्यवादी दक्षिण में बाँटा। फिर अमेरिका ने दक्षिण का साथ देकर लंबा युद्ध लड़ा; अमेरिकी सेना जनवरी 1973 के पेरिस समझौते के अंतर्गत लौटी, और वियतनाम 1975-76 में साम्यवादी शासन में पुनः एक हुआ। भारत ने 1954 के युद्धविराम की निगरानी में एक अंतरराष्ट्रीय नियंत्रण आयोग के माध्यम से भाग लिया, जिसके अध्यक्ष भारत था।
प्रथम विश्व युद्ध और राष्ट्र संघ
कारण थे उपनिवेशों व बाज़ारों की होड़, सैन्यवाद, गुप्त गुटबंदियाँ और आक्रामक राष्ट्रवाद। यूरोप त्रिपक्षीय गुट (ट्रिपल अलायंस) (जर्मनी, ऑस्ट्रिया-हंगरी, इटली) और त्रिदेशीय संधि (ट्रिपल एंटैंत) (ब्रिटेन, फ़्रांस, रूस) में बँट गया। चिंगारी ऑस्ट्रिया के आर्चड्यूक फ़्रांज़ फ़र्डिनेंड की 28 जून 1914 को साराजेवो में सर्ब राष्ट्रवादी गैव्रिलो प्रिंसिप द्वारा हत्या थी। 1914 में युद्ध छिड़ा। इटली तटस्थ रहा और 1915 में एंटैंत में मिला; अमेरिका 1917 में उतरा; रूस 1918 में निकल गया। लड़ाई 11 नवंबर 1918 की युद्धविराम संधि से रुकी।
वर्साय की संधि (28 जून 1919) जर्मनी पर कठोर थी: युद्ध-अपराध की धारा, भारी क्षतिपूर्ति, उपनिवेशों व अल्सेस-लोरेन (फ़्रांस को लौटा) की हानि, छोटी सेना, और ऑस्ट्रिया से मिलने पर रोक। अमेरिकी राष्ट्रपति वुडरो विल्सन के चौदह सूत्रों (जनवरी 1918) ने राष्ट्र संघ को प्रेरित किया, जो 10 जनवरी 1920 को बना और जिसका मुख्यालय जिनेवा रहा। उसकी अपनी कोई सेना नहीं थी और अमेरिका कभी सदस्य नहीं बना। वह जापान द्वारा मंचूरिया पर कब्ज़े (1931) और इटली के अबीसीनिया पर आक्रमण (1935) में विफल रहा, और 1946 में समेट दिया गया।
नाज़ीवाद और द्वितीय विश्व युद्ध
जर्मनी की पराजय, वर्साय का अपमान, मुद्रास्फीति और महामंदी (1929 से) ने कमज़ोर वाइमर गणतंत्र को तोड़ दिया। एडोल्फ़ हिटलर की नाज़ी पार्टी ने बदला, रोज़गार और शुद्ध जर्मन नस्ल का वादा किया, और यहूदियों व साम्यवादियों को दोषी ठहराया। हिटलर 30 जनवरी 1933 को चांसलर बना; राइखस्टाग में आग (फ़रवरी 1933) ने उसे अधिकार निलंबित करने का बहाना दिया; सक्षम बनाने वाले अधिनियम (मार्च 1933) ने उसे आदेश से शासन करने दिया। राष्ट्रपति हिंडनबर्ग की 1934 में मृत्यु के बाद वह फ़्यूहरर बना। न्यूरेम्बर्ग क़ानूनों (1935) ने यहूदियों की नागरिकता छीन ली, और नरसंहार (होलोकॉस्ट) में लगभग साठ लाख यहूदी तथा रोमा आदि मारे गए। नाज़ी शासन मई 1945 तक बारह वर्ष चला।
द्वितीय विश्व युद्ध 1 सितंबर 1939 को शुरू हुआ जब जर्मनी ने पोलैंड पर आक्रमण किया; ब्रिटेन व फ़्रांस ने 3 सितंबर को युद्ध की घोषणा की। इससे पहले तुष्टीकरण म्यूनिख़ समझौते (1938) में विफल रहा था। धुरी (एक्सिस) शक्तियाँ जर्मनी, इटली और जापान थीं (त्रिपक्षीय संधि, 1940); मित्र राष्ट्र मुख्यतः ब्रिटेन, सोवियत संघ (जून 1941 में जर्मनी के आक्रमण के बाद), अमेरिका और फ़्रांस थे। जापान के पर्ल हार्बर (7 दिसंबर 1941) पर हमले ने अमेरिका को उतारा। डी-डे (6 जून 1944) ने पश्चिमी मोर्चा खोला। जर्मनी ने 8 मई 1945 को आत्मसमर्पण किया। अमेरिका ने हिरोशिमा (6 अगस्त) और नागासाकी (9 अगस्त 1945) पर परमाणु बम गिराए; जापान का औपचारिक आत्मसमर्पण 2 सितंबर 1945 को हुआ।
| घटना | तिथि |
|---|---|
| जर्मनी का पोलैंड पर आक्रमण | 1 सित. 1939 |
| पर्ल हार्बर पर हमला | 7 दिस. 1941 |
| डी-डे अवतरण | 6 जून 1944 |
| जर्मनी का आत्मसमर्पण | 8 मई 1945 |
| जापान पर परमाणु बम | 6 व 9 अगस्त 1945 |
संयुक्त राष्ट्र
लीग की विफलता और युद्ध ने मित्र राष्ट्रों को संयुक्त राष्ट्र की स्थापना की ओर बढ़ाया। चार्टर पर सैन फ़्रांसिस्को में 26 जून 1945 को हस्ताक्षर हुए और वह 24 अक्तूबर 1945 को लागू हुआ (इसे संयुक्त राष्ट्र दिवस मनाया जाता है)। 51 संस्थापक सदस्य थे, जिनमें भारत भी था; 2026 तक संयुक्त राष्ट्र के 193 सदस्य देश हैं। मुख्यालय न्यूयॉर्क में है। इसके लक्ष्य शांति व सुरक्षा, मैत्रीपूर्ण संबंध, विकास और मानवाधिकार हैं; मानवाधिकारों की सार्वभौम घोषणा 10 दिसंबर 1948 को अपनाई गई।
| प्रमुख अंग | मुख्य बात |
|---|---|
| महासभा | सभी सदस्य, प्रत्येक का एक मत |
| सुरक्षा परिषद | 15 सदस्य: वीटो वाले 5 स्थायी (अमेरिका, ब्रिटेन, फ़्रांस, रूस, चीन) और दो वर्ष के लिए चुने गए 10 |
| आर्थिक व सामाजिक परिषद | आर्थिक व सामाजिक कार्य |
| अंतरराष्ट्रीय न्यायालय | हेग में स्थित |
| सचिवालय | महासचिव उसके प्रमुख |
| न्यास परिषद | 1994 में कार्य स्थगित |
मुख्य बिंदु
- क्रांतियों का क्रम: अमेरिकी (घोषणा 1776, पेरिस संधि 1783), फ़्रांसीसी (बास्तील 14 जुलाई 1789, गणतंत्र 1792, नेपोलियन सम्राट 1804, वाटरलू 1815), रूसी (फ़रवरी व अक्तूबर 1917)।
- इटली: मात्सीनी चिंतक, कावूर कूटनीतिज्ञ, गैरीबाल्डी सैनिक, राज्य 1861 में। जर्मनी: बिस्मार्क, तीन युद्ध, साम्राज्य की घोषणा जनवरी 1871 में।
- हिंद-चीन: फ़्रांसीसी शासन, हो ची मिन्ह की वियत मिन्ह, स्वतंत्रता की घोषणा 2 सितंबर 1945, दीएन बीएन फू 1954, जिनेवा समझौते ने वियतनाम को 17वीं समांतर पर बाँटा।
- प्रथम विश्व युद्ध: त्रिपक्षीय गुट बनाम त्रिदेशीय संधि, साराजेवो 28 जून 1914, युद्धविराम 11 नवंबर 1918, वर्साय 28 जून 1919।
- नाज़ीवाद वर्साय के क्षोभ और महामंदी से उठा; हिटलर जनवरी 1933 में चांसलर बना। द्वितीय विश्व युद्ध 1 सितंबर 1939 को शुरू हुआ और अगस्त-सितंबर 1945 में समाप्त।
- राष्ट्र संघ: 1920, जिनेवा, अमेरिका कभी सदस्य नहीं। संयुक्त राष्ट्र: चार्टर 26 जून 1945 को हस्ताक्षरित, 24 अक्तूबर 1945 को लागू, न्यूयॉर्क, 2026 तक 193 सदस्य, वीटो वाले पाँच स्थायी सदस्य।
अभ्यास प्रश्न (18)
उत्तर खोलने से पहले प्रत्येक प्रश्न हल करें। हर व्याख्या सही विकल्प के साथ लुभावना गलत विकल्प भी बताती है, क्योंकि अंक वहीं जाते हैं।
अमेरिका की तेरह कॉलोनियों ने ब्रिटेन से स्वतंत्रता की घोषणा किस वर्ष अपनाई?
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उत्तर: B — 1776
स्वतंत्रता की घोषणा 4 जुलाई 1776 को अपनाई गई। भ्रामक वर्ष 1783 वह है जब पेरिस की संधि ने स्वतंत्रता को मान्यता दी, और 1789 में वाशिंगटन राष्ट्रपति बने और फ़्रांसीसी क्रांति शुरू हुई, घोषणा नहीं।फ़्रांसीसी क्रांति और उसके बाद की इन घटनाओं को सही क्रम में लगाइए, सबसे पहले वाली पहले:
P. नेपोलियन स्वयं को सम्राट घोषित करता है;
Q. बास्तील का पतन;
R. लुई सोलहवें को मृत्युदंड;
S. टेनिस कोर्ट की शपथ।उत्तर देखें
उत्तर: A — S, Q, R, P
टेनिस कोर्ट की शपथ (20 जून 1789) बास्तील के पतन (14 जुलाई 1789) से पहले हुई; लुई सोलहवें को जनवरी 1793 में मृत्युदंड मिला और नेपोलियन 1804 में सम्राट बना। Q, S, R, P क्रम भ्रामक है क्योंकि बास्तील अधिक प्रसिद्ध घटना है, पर शपथ उससे पहले थी।इटली के एकीकरण पर इन कथनों पर विचार कीजिए। P. मात्सीनी ने गुप्त संगठन यंग इटली बनाया। Q. गैरीबाल्डी ने 1860 में सिसिली व नेपल्स में अपने लाल कुर्ते वालों का नेतृत्व किया। R. कावूर पीडमॉन्ट-सार्डीनिया के प्रधानमंत्री थे। S. बिस्मार्क ने इटली के एकीकरण का संचालन किया। कौन-से कथन सही हैं?
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उत्तर: B — P, Q और R केवल
P, Q और R सही हैं। S ग़लत है क्योंकि बिस्मार्क ने प्रशिया के अधीन जर्मनी का एकीकरण किया, इटली का नहीं। केवल P और Q वाला विकल्प भ्रामक है पर उसमें कावूर छूट जाता है, जो पीडमॉन्ट-सार्डीनिया के प्रधानमंत्री और एकीकरण के कूटनीतिज्ञ थे।जनवरी 1871 में प्रशिया के विलियम प्रथम को किस स्थान पर, और किस युद्ध में फ़्रांस पर विजय के बाद, जर्मन सम्राट घोषित किया गया?
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उत्तर: C — वर्साय में, फ़्रांस-प्रशिया युद्ध के बाद
विलियम प्रथम को जनवरी 1871 में वर्साय के दर्पण-कक्ष में सम्राट घोषित किया गया, 1870-71 के फ़्रांस-प्रशिया युद्ध में प्रशिया की विजय के बाद। 1866 का ऑस्ट्रिया से युद्ध भ्रामक है पर वह पहले समाप्त हुआ और उसमें फ़्रांस नहीं था; वियना 1815 ने पुराने राजाओं को बहाल किया।मार्च 1918 में बोल्शेविक सरकार ने किस संधि से रूस को प्रथम विश्व युद्ध से बाहर निकाला?
उत्तर देखें
उत्तर: B — ब्रेस्ट-लितोव्स्क की संधि
लेनिन की सरकार ने मार्च 1918 में जर्मनी और उसके सहयोगियों से ब्रेस्ट-लितोव्स्क की संधि की और युद्ध छोड़ दिया। वर्साय (1919) भ्रामक है पर वह युद्धविराम के बाद जर्मनी के साथ समझौता था और रूस उसमें पक्ष नहीं था।व्यक्ति का भूमिका से मिलान कीजिए। P. लेनिन; Q. केरेन्स्की; R. हो ची मिन्ह; S. रॉबेस्पियर। भूमिकाएँ:
1. वियत मिन्ह के संस्थापक;
2. 1917 में बोल्शेविकों के नेता;
3. फ़्रांस में आतंक के राज का नेतृत्व किया;
4. रूसी अस्थायी सरकार के प्रमुख।उत्तर देखें
उत्तर: A — P-2, Q-4, R-1, S-3
लेनिन ने बोल्शेविकों का नेतृत्व किया, केरेन्स्की अस्थायी सरकार के प्रमुख थे, हो ची मिन्ह ने 1941 में वियत मिन्ह बनाई, और रॉबेस्पियर 1793-94 के आतंक पर हावी रहे। लेनिन व केरेन्स्की की जोड़ी वही है जिसे परीक्षक बदल देते हैं: केरेन्स्की को ही बोल्शेविकों ने अपदस्थ किया।किस पुर्तगाली नाविक ने 1498 में अफ़्रीका का चक्कर लगाकर समुद्री मार्ग से भारत के कालीकट पहुँचा?
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उत्तर: D — वास्को द गामा
वास्को द गामा 1498 में कालीकट पहुँचा। बार्थोलोम्यू डायस भ्रामक है क्योंकि उसने पहले (1488) उत्तमाशा अंतरीप का चक्कर लगाया पर भारत नहीं पहुँचा। कोलंबस स्पेन के लिए पश्चिम की ओर चला और 1492 में अमेरिका पहुँचा।1914 में प्रथम विश्व युद्ध के आरंभ में इनमें से कौन त्रिदेशीय संधि (ट्रिपल एंटैंत) का सदस्य था, त्रिपक्षीय गुट (ट्रिपल अलायंस) का नहीं?
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उत्तर: D — रूस
ब्रिटेन, फ़्रांस और रूस त्रिदेशीय संधि के सदस्य थे। इटली औपचारिक रूप से जर्मनी व ऑस्ट्रिया-हंगरी के साथ त्रिपक्षीय गुट का सदस्य था, यद्यपि 1914 में तटस्थ रहा और 1915 में एंटैंत में मिला, इसलिए वही भ्रामक ग़लत उत्तर है।वर्साय की संधि (1919) द्वारा जर्मनी पर थोपी गई शर्तों में से इनमें कौन-सी शर्त नहीं थी?
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उत्तर: C — बड़े जर्मनी के लिए ऑस्ट्रिया से मिलने की अनुमति
संधि ने ऑस्ट्रिया से मिलने पर रोक लगाई; अनुमति नहीं दी। अल्सेस-लोरेन फ़्रांस को लौटा, जर्मनी ने युद्ध-अपराध व क्षतिपूर्ति स्वीकारी, उपनिवेश खोए और सेना सीमित हुई, इसलिए ये सब वास्तविक शर्तें हैं और उत्तर नहीं।30 जनवरी 1933 को हिटलर के चांसलर बनने से 8 मई 1945 को जर्मनी के आत्मसमर्पण तक, नाज़ी शासन लगभग कितने पूर्ण वर्ष चला?
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उत्तर: C — 12 वर्ष
जनवरी 1933 से मई 1945 तक 12 वर्ष और लगभग 3 माह होते हैं, अतः 12 पूर्ण वर्ष। 10 वर्ष का आँकड़ा तब जाल बनता है जब कोई गिनती चांसलर बनने के बजाय 1935 (न्यूरेम्बर्ग क़ानूनों का वर्ष) से करे।सही क्रम में लगाइए, सबसे पहले वाली पहले:
P. जापान का पर्ल हार्बर पर हमला;
Q. जर्मनी का पोलैंड पर आक्रमण;
R. नॉर्मंडी में मित्र राष्ट्रों का अवतरण (डी-डे);
S. हिरोशिमा पर परमाणु बम।उत्तर देखें
उत्तर: B — Q, P, R, S
पोलैंड पर आक्रमण सितंबर 1939 में, पर्ल हार्बर पर हमला दिसंबर 1941 में, डी-डे जून 1944 में और हिरोशिमा पर बम अगस्त 1945 में हुआ। पर्ल हार्बर से शुरू करना आम भूल है क्योंकि वह अधिक प्रसिद्ध तिथि है, पर युद्ध तब दो वर्ष पुराना था।1 सितंबर 1939 की किस घटना के कारण ब्रिटेन और फ़्रांस ने दो दिन बाद जर्मनी के विरुद्ध युद्ध की घोषणा की?
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उत्तर: B — जर्मनी का पोलैंड पर आक्रमण
1 सितंबर 1939 को जर्मनी के पोलैंड पर आक्रमण से 3 सितंबर की युद्ध-घोषणाएँ हुईं। म्यूनिख़ समझौता (1938) पहले की तुष्टीकरण नीति थी, और पर्ल हार्बर (1941) तथा फ़्रांस का पतन (1940) बाद में आए।1933 में किस क़दम ने हिटलर को आदेश द्वारा क़ानून बनाने की वैधानिक शक्ति दी?
उत्तर देखें
उत्तर: C — सक्षम बनाने वाला अधिनियम
राइखस्टाग की आग के बाद मार्च 1933 में पारित सक्षम बनाने वाले अधिनियम ने सरकार को आदेश से शासन का अधिकार दिया। न्यूरेम्बर्ग क़ानून (1935) यहूदियों की नागरिकता पर थे, और बीयर हॉल विद्रोह (1923) सत्ता हथियाने का असफल प्रयास था, इसलिए किसी ने आदेश-शक्ति नहीं दी।इन कथनों पर विचार कीजिए। P. बोस्टन टी पार्टी 1773 में हुई। Q. यॉर्कटाउन में ब्रिटिश आत्मसमर्पण 1781 में हुआ। R. 1783 की पेरिस संधि ने अमेरिकी स्वतंत्रता को मान्यता दी। S. अमेरिकी संविधान 1776 में अपनाया गया। कौन-से कथन सही हैं?
उत्तर देखें
उत्तर: C — P, Q और R केवल
P, Q और R सही हैं। S ग़लत है क्योंकि 1776 स्वतंत्रता की घोषणा का वर्ष है; संविधान 1787 में अपनाया गया। S सामान्य जाल है क्योंकि 1776 सबसे प्रसिद्ध अमेरिकी तिथि है।1954 में किस युद्ध में फ़्रांस की पराजय ने हिंद-चीन में उसका शासन समाप्त किया, जिसके बाद वियतनाम 17वीं समांतर पर बँटा?
उत्तर देखें
उत्तर: A — दीएन बीएन फू
फ़्रांसीसी 1954 में दीएन बीएन फू में हारे और फिर जिनेवा समझौतों ने वियतनाम को 17वीं समांतर पर बाँटा। वाटरलू (1815) ने नेपोलियन का अंत किया, यॉर्कटाउन (1781) ने अमेरिकी युद्ध का, और साराजेवो (1914) में आर्चड्यूक को गोली लगी, अतः हर एक कहीं और का है।अंतरराष्ट्रीय संगठनों पर इन कथनों पर विचार कीजिए। P. अंतरराष्ट्रीय न्यायालय हेग में स्थित है। Q. राष्ट्र संघ का मुख्यालय जिनेवा में था। R. संयुक्त राष्ट्र चार्टर पर जून 1945 में सैन फ़्रांसिस्को में हस्ताक्षर हुए। S. संयुक्त राज्य अमेरिका राष्ट्र संघ का संस्थापक सदस्य था। कौन-से कथन सही हैं?
उत्तर देखें
उत्तर: A — P, Q और R केवल
P, Q और R सही हैं। S ग़लत है क्योंकि विल्सन ने लीग का प्रस्ताव दिया पर अमेरिका कभी सदस्य नहीं बना, क्योंकि सीनेट ने वर्साय की पुष्टि नहीं की। केवल P और Q अधूरा है क्योंकि R भी सही है।1965 के विस्तार के बाद जैसी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की संरचना है, उसमें 5 सदस्य स्थायी हैं और शेष दो वर्ष के कार्यकाल के लिए चुने जाते हैं। यदि हर वर्ष 5 अस्थायी सदस्य चुने जाएँ, तो कुल अस्थायी स्थान कितने हैं?
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उत्तर: B — 10
दो वर्ष के कार्यकाल और हर वर्ष 5 नए सदस्यों के साथ दो दल एक साथ बैठते हैं, अतः 5 × 2 = 10 अस्थायी स्थान; 5 स्थायी सदस्यों को मिलाकर परिषद 15 की है। 15 का आँकड़ा पूरी परिषद का है, केवल निर्वाचित स्थानों का नहीं।इनमें से कौन-सा देश 1945 के चार्टर में नामित संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पाँच स्थायी सदस्यों में नहीं था?
उत्तर देखें
उत्तर: A — जर्मनी
चार्टर में चीनी गणराज्य, फ़्रांस, सोवियत संघ, ब्रिटेन और अमेरिका नामित थे। 1945 में पराजित धुरी शक्ति जर्मनी उनमें नहीं था। सोवियत संघ भ्रामक है केवल उसके लिए जो उसे पश्चिम का विरोधी मानता है, पर वह विजयी मित्र राष्ट्र और स्थायी सदस्य था।