रासायनिक प्रसंस्करण III: छपाई, फ़िनिशिंग तथा बहिःस्राव प्रदूषण-नियंत्रण

यह अध्याय अभियांत्रिकी विज्ञान (XE) पेपर के XE9 वस्त्र अभियांत्रिकी एवं तंतु विज्ञान के उपखंड XE9.5 “Chemical Processing” के तीसरे से पाँचवें अनुच्छेद का उत्तर है: “Methods of printing such as roller printing and screen printing; Preparation of printing paste; Various types of thickeners; Printing auxiliaries; Direct styles of printing of (i) cotton with reactive dyes, (ii) wool, silk, nylon with acid and metal complex dyes, (iii) polyester with disperse dyes; Resist and discharge printing of cotton, silk and polyester; Pigment printing; Transfer printing of polyester; Inkjet printing; Printing faults.” “Mechanical finishing of cotton; Stiff, soft, wrinkle resistant, water repellent, flame retardant and enzyme (bio-polishing) finishing of cotton; Milling, decatizing and shrink resistant finishing of wool; Antistatic and soil release finishing; Heat setting of synthetic fabrics; Minimum application techniques.” “Pollution control and treatment of effluents.” इसमें छपाई की मशीनें, पेस्ट, thickener व styles, फ़िनिश व तंतु पर प्रत्येक का प्रभाव, तथा बहिःस्राव के प्राचल व उपचार पढ़ाए गए हैं। संख्यात्मक प्रश्न प्रिंट-पेस्ट का द्रव्यमान-संतुलन, फ़िनिश का add-on व बाथ-सांद्रता, dilution परीक्षण व प्रथम-कोटि बलगतिकी से BOD, तथा क्षारीय बहिःस्राव को उदासीन करने हेतु अम्ल की मात्रा हैं।

1. छपाई की विधियाँ, पेस्ट, thickener व सहायक

छपाई चुने हुए क्षेत्रों पर रंग को डिज़ाइन के रूप में रखती है; रंजक या वर्णक एक गाढ़े पेस्ट में ले जाया जाता है जिसे फैलना नहीं चाहिए। Roller printing में तांबे के रोलर पर डिज़ाइन उत्कीर्ण होता है (प्रति रंग एक रोलर), वह furnishing roller से पेस्ट उठाता है, doctor blade सतह को साफ़ पोंछती है और रोलर दाब-सिलिंडर पर कपड़े के विरुद्ध छापता है; यह लंबे रन व बारीक विवरण हेतु उपयुक्त है। Screen printing में squeegee पेस्ट को स्क्रीन की खुली जाली से धकेलती है: flat-bed स्क्रीन उठाई व चरणों में खिसकाई जाती हैं, जबकि rotary स्क्रीन भीतर squeegee वाले निर्बाध छिद्रित निकल सिलिंडर हैं, जो सतत चलते हैं और अब मुख्य विधि हैं।

प्रिंट पेस्ट में रंजक या वर्णक, thickener, विलायक या hydrotrope, fixation हेतु रसायन व सहायक होते हैं। Thickener श्यानता देता है ताकि प्रिंट के किनारे तीक्ष्ण रहें और flush या bleed न हो, रसायनों को ले जाता है, और आसानी से धुलना चाहिए। प्राकृतिक: स्टार्च, British gum (dextrin), guar व locust bean gum, और सोडियम alginate, समुद्री शैवाल का पॉलिसैकेराइड, जो reactive रंजकों हेतु पसंदीदा है क्योंकि उसमें रंजक खपाने वाले अभिक्रियाशील हाइड्रॉक्सिल समूह कम हैं। संश्लेषित पॉलिएक्रिलेट thickener को ठोस कम चाहिए, स्वच्छ चमक देते हैं और वर्णकों के साथ प्रयुक्त होते हैं; इमल्शन thickener पानी में तेल का बड़ा आयतन-अंश रखते हैं। अच्छे पेस्ट pseudoplastic होते हैं (squeegee अपरूपण में पतले, विराम में गाढ़े)।

छपाई के सहायक
सहायकभूमिका
Ureaआर्द्रताग्राही विलायक व hydrotrope: रंजक घोलता है और steaming में fixation हेतु नमी रखता है
सोडियम बाइकार्बोनेट या soda ashReactive रंजक के fixation हेतु क्षार
अमोनियम सल्फ़ेट, टार्ट्रेटतापन पर अम्ल छोड़ने वाले acid donor, acid व disperse रंजकों हेतु
सोडियम m-नाइट्रोबेंज़ीन सल्फ़ोनेटमृदु ऑक्सीकारक जो steaming में रंजकों को अपचयन से बचाता है
Binder, crosslinker व defoamerवर्णक fixation; फ़िल्म निर्माण; झाग-नियंत्रण

2. छपाई की direct styles

Direct style में रंग बिना रंगे (या हल्के) कपड़े पर छापा जाता है और उपचार से fix किया जाता है: सुखाना, फिर steaming या ऊष्मा, फिर thickener व अस्थिर रंजक की धुलाई। Reactive रंजकों से रुई: रंजक, सोडियम alginate, urea व बाइकार्बोनेट का पेस्ट छापकर सुखाया जाता है; लगभग 100 से 102 °C की संतृप्त भाप कुछ मिनट रंजक fix करती है क्योंकि बाइकार्बोनेट कार्बोनेट बनकर क्षार देता है। गर्म wash-off अनिवार्य है ताकि जल-अपघटित रंजक हटे, अन्यथा सफ़ेद पृष्ठभूमि पर दाग़ पड़ते हैं और wet fastness खराब रहती है।

Acid या metal-complex रंजकों से ऊन, रेशम व nylon: पेस्ट में guar या locust bean gum thickener, विलायक के रूप में urea या thiodiglycol और अमोनियम सल्फ़ेट या टार्ट्रेट जैसा acid donor होता है, जो steaming में अम्ल छोड़ता है ताकि तंतु प्रोटॉनित होकर ऋणायनिक रंजक ले; ऊन को रेशम या nylon से अधिक देर steaming चाहिए। Disperse रंजकों से polyester: पेस्ट में locust bean gum या alginate, acid donor व विक्षेपक होता है; रंजक उच्च-ताप steaming (लगभग 175 °C, कुछ मिनट), thermofixation (लगभग 200 °C शुष्क ऊष्मा लगभग एक मिनट) या दाब steaming से fix होता है, फिर reduction clearing होती है। प्रत्येक में fixation चरण रंजक को तंतु में धकेलता है, जैसे रंगाई में।

3. Resist, discharge, pigment, transfer व inkjet छपाई; दोष

Resist छपाई: पहले resist छापा जाता है (या पैटर्न सुरक्षित किया जाता है) और फिर पूरा कपड़ा रंगा या overprint किया जाता है, इसलिए जहाँ resist है वहाँ रंजक fix नहीं होता। Resist भौतिक (मोम, जैसे batik में, या मिट्टी) या रासायनिक (क्षार-fixed reactive रंजक रोकने वाला अम्ल, या vat रंजक के विरुद्ध ऑक्सीकारक) हो सकते हैं। Discharge छपाई: कपड़ा पृष्ठभूमि-रंग में रंगा होता है और छापा पेस्ट पैटर्न में रंग नष्ट करता है। प्रचलित अभिकर्मक सोडियम फ़ॉर्मेल्डिहाइड सल्फ़ॉक्सिलेट है, एक अपचायक जो ऐज़ो समूहों को रंगहीन ऐमीनों में तोड़ता है, क्षार व steaming सहित; discharge-प्रतिरोधी रंजक जोड़ने पर रंगीन discharge मिलता है। यह रुई, रेशम व polyester की पृष्ठभूमियों पर प्रयुक्त होता है, जिनके रंजक discharge योग्य चुने जाते हैं।

  • Pigment छपाई: वर्णकों की तंतुओं के प्रति affinity नहीं होती, इसलिए binder (फ़िल्म बनाने वाला एक्रिलिक सहबहुलक) उन्हें चिपकाता है, संश्लेषित thickener व crosslinker सहित; सुखाने के बाद curing (लगभग 140 से 150 °C, कुछ मिनट) binder का क्रॉसलिंकन करती है। steaming व wash-off नहीं, और यह सभी तंतुओं पर चलती है, पर स्पर्श अधिक कठोर होता है और rubbing fastness (विशेषतः आर्द्र) कमज़ोर कड़ी है।
  • Polyester की transfer छपाई: ऊर्ध्वपातित होने वाले disperse रंजक कागज़ पर छापे जाते हैं; कागज़ को कपड़े से लगभग 200 °C पर एक मिनट से कम दबाया जाता है, रंजक वाष्प बनकर polyester में विसरित होता है, और धुलाई नहीं चाहिए। इससे तीक्ष्ण, बारीक डिज़ाइन मिलते हैं, पर polyester (व समान संश्लेषित) पर केवल ऊर्ध्वपातनशील disperse रंजक ही प्रयुक्त हो सकते हैं और कागज़ खर्च होता है।
  • Inkjet छपाई डिजिटल फ़ाइल से सीधे नोज़लों से कम-श्यानता स्याही की सूक्ष्म बूँदें दागती है (drop-on-demand, पीज़ो या तापीय, या सतत): स्क्रीन नहीं, त्वरित नमूना, असीमित रंग व छोटे रन, कम पानी के साथ। स्याही रुई हेतु reactive, ऊन, रेशम व nylon हेतु acid, polyester हेतु disperse, या वर्णक होती है; कपड़े को प्रायः thickener व रसायनों से पूर्व-उपचारित करते हैं ताकि बूँदें न फैलें। लंबे रन हेतु यह rotary स्क्रीनों से धीमी है।
सामान्य छपाई दोष
दोषसामान्य कारण
Off-register व mis-fitस्क्रीन या रोलर की ख़राब सेटिंग, कपड़े का खिंचाव या तिरछापन
Flushing, bleeding व haloपेस्ट अधिक पतला या अधिक मात्रा में, कपड़ा नम
Blade streaks व तीक्ष्ण रेखाएँक्षतिग्रस्त doctor blade या squeegee, पेस्ट में गुठलियाँ
खराब rubbing fastness (वर्णक)कम binder, अपूर्ण curing
सफ़ेद पृष्ठभूमि पर दाग़जल-अपघटित reactive रंजक की ख़राब धुलाई

4. रुई की फ़िनिशिंग: यांत्रिक व रासायनिक

यांत्रिक फ़िनिशिंग मशीन-क्रिया से सतह व आयाम बदलती है: calendering (तप्त रोलर कपड़े को चिकनाहट या चमक हेतु दबाते हैं; embossing व schreinering पैटर्न या रेशम-सी चमक देते हैं), raising (तार के आवरण तंतु-सिरे खींचकर नैप बनाते हैं), stentering (कपड़ा चौड़ाई तक खींचकर ऊष्मा से सुखाया जाता है), तथा संपीडी संकुचन (sanforising), जो नम कपड़े को रबर पट्टे के विरुद्ध धकेलकर अवशिष्ट संकुचन हटाता है।

रुई के रासायनिक फ़िनिश
फ़िनिशअभिकर्मक व क्रियाविधिचुकाई जाने वाली क़ीमत
Stiffतंतुओं पर व बीच में स्टार्च, PVA या रेज़िन फ़िल्मक्रॉसलिंक न हो तो धुल जाता है
Softधनायनिक softener ऋणायनिक रुई पर अधिशोषित होकर स्नेहन करता है; silicone टिकाऊ चिकना स्पर्श देते हैंजल-शोषकता घटा सकता है व पीलापन ला सकता है
Wrinkle resistantN-methylol रेज़िन (जैसे DMDHEU) अम्ल उत्प्रेरक सहित लगभग 150 °C पर curing में सेलुलोज़ OH समूहों का क्रॉसलिंकन करता हैघटी तन्य, विदारण व अपघर्षण सामर्थ्य; फ़ॉर्मेल्डिहाइड निष्कासन
Water repellentमोम, silicone या fluorochemical सतही ऊर्जा घटाते हैं ताकि पानी बूँद बने, रंध्र खुले रहेंश्वास-योग्य पर जलरोधी नहीं; coating उसे बंद कर देती है
Flame retardantफ़ॉस्फ़ोरस-नाइट्रोजन फ़िनिश (जैसे THPC-अमोनिया बहुलक) char को बढ़ावा देते व ज्वलनशील वाष्प घटाते हैंसामर्थ्य-हानि; टिकाऊ परिणाम हेतु add-on चाहिए
Enzyme (bio-polishing) फ़िनिशअम्लीय cellulase उभरे सूक्ष्म तंतुकों का जल-अपघटन करता है, जिन्हें यांत्रिक क्रिया हटाती हैअति-उपचार पर भार व सामर्थ्य की हानि

Bio-polishing चिकनी, साफ़ सतह व pilling के विरुद्ध स्थायी सुरक्षा देती है, क्योंकि pill बनाने वाले रोएँ चिपकाए नहीं, हटा दिए जाते हैं। Padding के add-on की गणना: add-on (% owf) = बाथ-सांद्रता (g/L) × आर्द्र pick-up अंश ÷ 10, जहाँ pick-up प्रति kg सूखे कपड़े पर लिकर के kg में है। 70% pick-up पर 40 g/L बाथ 28 g/kg देता है, यानी 2.8% owf। Flame-retardant को सीमांत ऑक्सीजन सूचकांक (LOI) से आँकते हैं, ऑक्सीजन–नाइट्रोजन मिश्रण में ऑक्सीजन का वह न्यूनतम प्रतिशत जो दहन को बनाए रखे; साधारण रुई, जो हवा के 21% से नीचे है, खुलकर जलती है।

5. ऊन की फ़िनिशिंग, antistatic व soil release, heat setting, न्यूनतम अनुप्रयोग

Milling (fulling) ऊन को जान-बूझकर felt करती है: गर्म, गीले, साबुनी या अम्लीय परिवेश में यांत्रिक दाब सहित, शल्कित तंतु एक दिशा में सरकते हैं (दिशात्मक घर्षण प्रभाव), अतः कपड़ा सिकुड़ता, मोटा व सघन होता है और रोएँदार तल पाता है; वांछित क्षेत्रफल-संकुचन पर इसे रोका जाता है। Decatizing कपड़े को छिद्रित रोलर पर तनाव में भाप (या गर्म जल) से स्थिर करती है, जिससे चमक, चिकना स्पर्श व विमीय स्थिरता मिलती है। Shrink-resist फ़िनिशिंग felting को शल्कों का निम्नीकरण (ऑक्सीकारी क्लोरीनन, जैसे क्लोरीन या डाइक्लोरोआइसोसायन्यूरेट से) या बहुलक जोड़कर, जो शल्कों को ढकता व तंतुओं को चिपकाता है, रोकती है; दोनों प्रायः संयुक्त होते हैं, जैसे क्लोरीन–बहुलक उपचार में।

Antistatic फ़िनिश: संश्लेषित तंतु कम नमी सोखने के कारण आवेश जमा करते हैं; जलस्नेही या आयनिक फ़िनिश (क्वाटर्नरी अमोनियम यौगिक, ethoxylate) सतही चालकता बढ़ाते हैं। Soil-release फ़िनिश: जलस्नेही बहुलक (पॉलिएस्टर–पॉलिईथर प्रकार) सतह को भीगने योग्य बनाता है, इसलिए धुलाई में तैलीय मैल पानी से उठ जाता है। संश्लेषित कपड़े की Heat setting में शुष्क या भाप ऊष्मा आयाम-नियंत्रण में, बाद के उच्चतम प्रक्रम-ताप से ऊपर (और काँच-संक्रमण से बहुत ऊपर) किंतु गलनांक से नीचे, थोड़े समय हेतु लगाई जाती है; वह आकार को संकुचन व सिलवट के विरुद्ध स्थिर करती है, पर रंजक-अवशोषण भी बदलती है, इसलिए एक लॉट में वही set-ताप पूरे समय रखा जाता है।

न्यूनतम अनुप्रयोग तकनीकें रसायन को लगभग 60 से 80% pick-up की padding की जगह थोड़े लिकर-आयतन में लगाती हैं: foam finishing (नियंत्रित झाग में फ़िनिश), kiss-roll, spray व print-on applicator। कम pick-up का अर्थ है वाष्पित करने हेतु कम पानी, कम ऊर्जा, सुखाने में फ़िनिश का कम प्रवास (अधिक एकसमान) तथा कम बहिःस्राव। रेसिपी तब वांछित add-on के रूप में दी जाती है, और सांद्रताएँ उसी अनुपात में बढ़ाई जाती हैं।

6. प्रदूषण-नियंत्रण व बहिःस्राव का उपचार

वस्त्रों की आर्द्र प्रक्रमण में बहुत पानी लगता है और उसका बहिःस्राव मिश्रण होता है: desizing उच्च कार्बनिक भार (साइज़) देती है, scouring व mercerising प्रबल क्षारीयता व कार्बनिक पदार्थ, bleaching ऑक्सीकारक व क्लोरीनित यौगिक, रंगाई रंग, नमक (reactive रंगाई में बड़ी मात्रा, हटाना कठिन) तथा metal-complex व chrome रंजकों से धातुएँ, और छपाई thickener व विलायक। निगरानी के प्राचल: pH, ताप, निलंबित व विलीन ठोस, रंग, BOD, COD, भारी धातुएँ तथा तेल व ग्रीज़।

BOD₅ वह ऑक्सीजन है जो सूक्ष्मजीव 20 °C पर 5 दिन में जैव-अपघट्य कार्बनिक पदार्थ ऑक्सीकृत करने में खपाते हैं। dilution परीक्षण में BOD = ΔDO × (बोतल का आयतन ÷ नमूने का आयतन)। प्रथम-कोटि क्षय में BOD_t = L₀ (1 − e^(−kt)), जहाँ L₀ चरम माँग और k दर-स्थिरांक है। COD प्रबल रासायनिक ऑक्सीकारक (डाइक्रोमेट) प्रयोग करती है और लगभग सभी कार्बनिक पदार्थ गिनती है, अतः COD ≥ BOD; कम BOD/COD अनुपात दिखाता है कि कार्बनिक पदार्थ, जैसे अनेक रंजक व संश्लेषित साइज़, सरलता से जैव-अपघट्य नहीं हैं, जिसके लिए सादी जैविक विधि की जगह रासायनिक या उन्नत उपचार चाहिए।

बहिःस्राव उपचार के चरण
चरणसंक्रियाएँक्या हटाता है
प्रारंभिक व प्राथमिकछानना, equalisation, उदासीनीकरण, alum, फ़ेरस सल्फ़ेट या चूने से स्कंदन, flocculation व अवसादनठोस, रंग का कुछ भाग (disperse, vat, sulphur रंजक), pH-सुधार
द्वितीयक (जैविक)सक्रियित पंक, वातित लैगून, ट्रिकलिंग फ़िल्टर; अवायवीय चरण azo रंजकों को ऐमीनों में अपचयित करता है, जिन्हें वायवीय चरण फिर निम्नीकृत करता हैBOD, जैव-अपघट्य COD
तृतीयक व उन्नतसक्रियित कार्बन, ओज़ोनन व अन्य ऑक्सीकरण, झिल्ली निस्पंदन व उत्क्रम परासरणशेष रंग, विलीन लवण; पुनःप्रयोग हेतु पानी
⚠️ उदासीन करें, केवल तनु न करें
क्षारीय बहिःस्राव को जैविक उपचार से पहले अम्ल, या फ़्लू गैस की कार्बन डाइऑक्साइड से उदासीन किया जाता है क्योंकि सूक्ष्मजीवों को उदासीन के निकट pH चाहिए। Reactive रंजक जल-अपघटित, जल-विलेय होते हैं और स्कंदन या अकेली वायवीय जैविक विधि से कम हटते हैं, इसलिए रंग व नमक कठिन भाग हैं। सर्वोत्तम नियंत्रण स्रोत पर है: कम लिकर-अनुपात, एन्ज़ाइम, पानी का पुनःप्रयोग व कास्टिक की पुनर्प्राप्ति।

मुख्य बिंदु

  • Roller छपाई उत्कीर्ण तांबे के रोलर व doctor blade प्रयोग करती है; screen छपाई squeegee से पेस्ट को जाली में धकेलती है, flat-bed या rotary। पेस्ट रंजक के साथ thickener, urea, क्षार या acid donor व सहायक है; reactive हेतु alginate पसंदीदा है।
  • Direct styles हैं छापो, सुखाओ, fix करो (भाप या ऊष्मा) और धोओ: रुई पर बाइकार्बोनेट व भाप से reactive; ऊन, रेशम व nylon हेतु acid donor; polyester पर disperse हेतु उच्च-ताप steaming या thermofixation।
  • Resist रंजक-fixation रोकता है; discharge अपचायक से पृष्ठभूमि-रंग नष्ट करता है; वर्णक छपाई binder व curing प्रयोग करती है; transfer छपाई कागज़ से disperse रंजक को ऊर्ध्वपातित करती है; inkjet स्क्रीन-रहित व डिजिटल है।
  • रुई के फ़िनिश: क्रॉसलिंकन रेज़िन सिलवट-पुनःप्राप्ति बढ़ाते हैं पर सामर्थ्य घटाते हैं; cellulase bio-polishing रोएँ स्थायी रूप से हटाती है; add-on (% owf) = g/L × pick-up अंश ÷ 10; न्यूनतम अनुप्रयोग वाष्पित होने वाला पानी घटाता है।
  • ऊन felt हेतु milled, set हेतु decatized, तथा शल्क निम्नीकृत कर या बहुलक जोड़कर shrink-resistant बनाई जाती है; heat setting बाद के प्रक्रम-ताप से ऊपर व गलनांक से नीचे होती है और रंजक-अवशोषण बदलती है।
  • BOD = ΔDO × बोतल ÷ नमूना आयतन और BOD_t = L₀(1 − e^(−kt)); COD ≥ BOD और कम BOD/COD अनुपात का अर्थ खराब जैव-अपघट्यता है। चरणों में उपचार: उदासीन, स्कंदन, जैविक उपचार, फिर उन्नत परिष्करण।

अभ्यास प्रश्न (17)

उत्तर खोलने से पहले प्रत्येक प्रश्न हल करें। हर व्याख्या सही विकल्प के साथ लुभावना गलत विकल्प भी बताती है, क्योंकि अंक वहीं जाते हैं।

  1. रुई पर reactive रंजकों की छपाई हेतु thickener के रूप में सोडियम alginate को स्टार्च से अधिक पसंद किया जाता है क्योंकि

    1. वह संश्लेषित बहुलक है जो पेस्ट अम्लीय होने पर ही जेल बनाता है और फिर तंतु पर जम जाता है
    2. वह प्रबल अपचायक है जो steaming में reactive रंजक को जल-अपघटित होने से रोकता है
    3. उसमें रंजक से अभिक्रिया करने वाले हाइड्रॉक्सिल समूह कम हैं, इसलिए रंजक कम बेकार होता है और प्रिंट अधिक चमकीला
    4. वह पेस्ट का pH बढ़ाता है, जिससे रेसिपी में बाइकार्बोनेट अनावश्यक हो जाता है
    उत्तर देखें

    उत्तर: C — उसमें रंजक से अभिक्रिया करने वाले हाइड्रॉक्सिल समूह कम हैं, इसलिए रंजक कम बेकार होता है और प्रिंट अधिक चमकीला

    स्टार्च व सेलुलोज़-प्रकार के thickener में अनेक अभिक्रियाशील हाइड्रॉक्सिल समूह होते हैं जो reactive रंजक से बँधकर उसे बेकार कर सकते हैं, जिससे प्रिंट फीका पड़ता है; alginate में कम होते हैं, इसलिए अधिक रंजक रुई तक पहुँचता है। वह प्राकृतिक पॉलिसैकेराइड है, अपचायक नहीं, और क्षार अलग से दिया जाता है।
  2. disperse रंजक से polyester की छपाई में सूखे प्रिंट को उच्च-ताप भाप (लगभग 175 °C) या लगभग 200 °C शुष्क ऊष्मा से उपचारित किया जाता है। प्रयोजन है

    1. thickener को तापअपघटन से नष्ट करना ताकि बाद में न wash-off न reduction clearing चाहिए
    2. disperse रंजक को reactive रंजक में बदलना जो polyester से सहसंयोजी बंध बनाए
    3. रंजक को पेस्ट से निकालकर फूले, गतिशील polyester में विसरित कराना, जहाँ वह घुल जाए
    4. रंजक को आयनित करना ताकि वह तंतु के ऋणायनिक समूहों से थमे
    उत्तर देखें

    उत्तर: C — रंजक को पेस्ट से निकालकर फूले, गतिशील polyester में विसरित कराना, जहाँ वह घुल जाए

    Fixation रंजक का तंतु में काँच-संक्रमण से बहुत ऊपर ताप पर विसरण है, जैसे रंगाई में; thickener फिर भी धोना पड़ता है। Disperse रंजक न reactive बनते हैं न आयनिक, और polyester में आयनिक स्थल नहीं।
  3. उपयुक्त ऐज़ो रंजक से रंगी रुई की पृष्ठभूमि पर सफ़ेद discharge क्षारीय पेस्ट में सोडियम फ़ॉर्मेल्डिहाइड सल्फ़ॉक्सिलेट व steaming से मिलता है। रासायनिक आधार यह है कि

    1. अभिकर्मक रुई का ऑक्सीकरण करता है जिससे रंजक निम्नीकृत सेलुलोज़ के साथ झड़ जाता है
    2. क्षार रंजक को घोलता है, जो फिर अविलेय लवण के रूप में धुल जाता है
    3. अभिकर्मक अपचायक है जो azo बंध को रंगहीन ऐमीनों में तोड़ता है
    4. भाप रंजक को तंतु पर रंगहीन रेज़िन में बहुलकित करती है
    उत्तर देखें

    उत्तर: C — अभिकर्मक अपचायक है जो azo बंध को रंगहीन ऐमीनों में तोड़ता है

    अपचयी discharge वर्णकारी –N=N– समूह को ऐमीनों में तोड़ता है जिनका दृश्य रंग नहीं होता। रुई का ऑक्सीकरण कपड़े को tender कर देता, और रंजक का घुलना या बहुलकन क्रियाविधि नहीं है।
  4. एक वर्णक प्रिंट को सुखाकर लगभग 140 से 150 °C पर cure किया जाता है। curing से क्या प्राप्त होता है?

    1. वह वर्णक को तंतु में ऊर्ध्वपातित करती है ताकि वहाँ घुल जाए
    2. वह वर्णक व तंतु के रंजक-स्थलों के बीच आयनिक बंध विकसित करती है
    3. वह वर्णक को विलेय leuco रूप में अपचयित करती है जिसे steaming के बाद अगले बाथ में धोया जा सके
    4. वह binder का क्रॉसलिंकन कर ऐसी फ़िल्म बनाती है जो वर्णक को कपड़े की सतह पर थामे
    उत्तर देखें

    उत्तर: D — वह binder का क्रॉसलिंकन कर ऐसी फ़िल्म बनाती है जो वर्णक को कपड़े की सतह पर थामे

    वर्णकों की तंतु के प्रति affinity नहीं होती; binder curing पर क्रॉसलिंक्ड फ़िल्म बनाता है और उन्हें यांत्रिक रूप से थामता है, steaming या wash-off के बिना। ऊर्ध्वपातन transfer छपाई है, और leuco बनना vat राह है।
  5. जिस transfer छपाई में डिज़ाइन वाला कागज़ ऊष्मा सहित कपड़े पर दबाया जाता है, वह मुख्यतः किसके उपयुक्त है

    1. polyester, ऊर्ध्वपातनशील disperse रंजकों सहित
    2. रुई, leuco रूप में vat रंजकों सहित
    3. ऊन, उबाल पर milling acid रंजकों सहित
    4. viscose, direct रंजकों व नमक सहित
    उत्तर देखें

    उत्तर: A — polyester, ऊर्ध्वपातनशील disperse रंजकों सहित

    ऊर्ध्वपातनशील disperse रंजक कागज़ से वाष्पित होकर polyester में घुलते हैं; अन्य तंतु–रंजक जोड़ियों को जल-आधारित fixation चाहिए और वे शुष्क अवस्था में स्थानांतरित नहीं होतीं।
  6. एक सूती शर्ट-कपड़े को N-methylol क्रॉसलिंकन रेज़िन से फ़िनिश कर cure किया गया। अनुपचारित कपड़े की तुलना में कौन-सा परिवर्तन-युग्म अपेक्षित है?

    1. कम सिलवट-पुनःप्राप्ति तथा उच्च तन्य व अपघर्षण सामर्थ्य
    2. उच्च सिलवट-पुनःप्राप्ति तथा उच्च तन्य व अपघर्षण सामर्थ्य
    3. अपरिवर्तित सिलवट-पुनःप्राप्ति किंतु बहुत अधिक जल-शोषकता
    4. उच्च सिलवट-पुनःप्राप्ति तथा कम तन्य व अपघर्षण सामर्थ्य
    उत्तर देखें

    उत्तर: D — उच्च सिलवट-पुनःप्राप्ति तथा कम तन्य व अपघर्षण सामर्थ्य

    सेलुलोज़ शृंखलाओं के बीच क्रॉसलिंक संरचना को जकड़ते हैं ताकि वह सिलवट से लौट आए, पर वे उसे प्रतिबल साझा करने में कम सक्षम और अधिक भंगुर भी बनाते हैं, इसलिए तन्य, विदारण व अपघर्षण सामर्थ्य घटती है। दोनों गुणों में साथ-साथ वृद्धि भ्रामक पर ग़लत चुनाव है।
  7. एक polyester कपड़ा 190 °C पर heat set कर 130 °C पर रंगा गया। दूसरा लॉट 170 °C पर heat set कर उसी बाथ में रंगा गया। सबसे संभावित परिणाम क्या है?

    1. समान शेड, क्योंकि रंजक-अवशोषण केवल रंगाई-ताप से तय होता है
    2. भिन्न शेड, क्योंकि set-ताप तंतु-संरचना बदलता है और इसलिए रंजक-अवशोषण बदलता है
    3. 170 °C पर set लॉट रंगाई में सिकुड़ेगा क्योंकि वह रंगाई-ताप से ऊपर set हुआ था
    4. दोनों लॉट अरंग्य होंगे, क्योंकि heat setting polyester की सतह को बंद कर देती है
    उत्तर देखें

    उत्तर: B — भिन्न शेड, क्योंकि set-ताप तंतु-संरचना बदलता है और इसलिए रंजक-अवशोषण बदलता है

    Heat-set ताप क्रिस्टलीयता व मुक्त आयतन बदलता है, इसलिए लॉटों के बीच disperse रंजक का अवशोषण भिन्न होता है, इसीलिए एक लॉट को एक समान ताप पर set करते हैं। दोनों सेटिंग 130 °C रंगाई-ताप से ऊपर हैं, इसलिए किसी लॉट के रंगाई-चरण में सिकुड़ने की अपेक्षा नहीं, और heat-set polyester रंगा जा सकता है।
  8. एक रंगाई-गृह के बहिःस्राव का BOD₅ = 60 mg/L और COD = 900 mg/L है। सर्वोत्तम व्याख्या है कि

    1. माप ग़लत होंगे, क्योंकि COD कभी BOD से अधिक नहीं हो सकती
    2. बहिःस्राव सादे सक्रियित पंक से सरलता से उपचारित है, क्योंकि BOD कम है
    3. बहिःस्राव लगभग कार्बनिक पदार्थ-रहित है, क्योंकि BOD छोटी संख्या है
    4. कार्बनिक पदार्थ मुख्यतः अजैव-अपघट्य है, इसलिए उन्नत उपचार चाहिए
    उत्तर देखें

    उत्तर: D — कार्बनिक पदार्थ मुख्यतः अजैव-अपघट्य है, इसलिए उन्नत उपचार चाहिए

    COD लगभग सभी ऑक्सीकरणीय कार्बनिक पदार्थ गिनती है जबकि BOD केवल वह जो सूक्ष्मजीव 5 दिन में उपयोग करें, इसलिए COD, BOD से अधिक होती है; लगभग 0.07 का अनुपात अधिकांशतः दुर्निम्नीकरणीय पदार्थ, जैसे रंजक व संश्लेषित सहायक, दर्शाता है। कम BOD से स्वच्छ या सरलता से जैव-उपचारित बहिःस्राव निष्कर्ष निकालना COD की उपेक्षा है।
  9. 70% आर्द्र pick-up पर फ़िनिश की padding की तुलना में, उसी फ़िनिश की काफ़ी कम आर्द्र pick-up पर foam finishing मुख्यतः देती है

    1. वाष्पित करने हेतु कम पानी, कम ऊर्जा-उपयोग व फ़िनिश का कम प्रवास
    2. उच्चतर अंतिम add-on, क्योंकि झाग प्रति इकाई लिकर अधिक फ़िनिश रखता है
    3. सभी तंतुओं पर स्थायी फ़िनिश, क्योंकि झाग हर तंतु से सहसंयोजी बंध बनाता है
    4. लंबे curing समय की आवश्यकता, क्योंकि झाग पहले टूटना और फिर अभिक्रिया करना चाहिए
    उत्तर देखें

    उत्तर: A — वाष्पित करने हेतु कम पानी, कम ऊर्जा-उपयोग व फ़िनिश का कम प्रवास

    फ़िनिश थोड़े लिकर-आयतन में लगती है, इसलिए सुखाने हेतु बहुत कम पानी रहता है, जिससे ऊर्जा बचती है और कम प्रवास के साथ अधिक एकसमान फ़िनिश मिलती है। add-on रेसिपी से तय होता है और स्वभावतः अधिक नहीं होता, और झाग स्वयं सहसंयोजी बंध नहीं बनाता।
  10. छपाई की styles व दोषों के बारे में कौन-से कथन सही हैं?

    1. Rotary screen छपाई निर्बाध छिद्रित सिलिंडर के भीतर रखी squeegee के साथ सतत चलती है
    2. Roller छपाई में doctor blade उत्कीर्ण रोलर की सतह से अधिक पेस्ट पोंछती है
    3. अति पतला पेस्ट flushing व तीक्ष्ण रूपरेखा की हानि करता है
    4. reactive प्रिंटों की ख़राब wash-off अछपे सफ़ेद भाग की श्वेतता सुधारती है
    उत्तर देखें

    उत्तर: A — Rotary screen छपाई निर्बाध छिद्रित सिलिंडर के भीतर रखी squeegee के साथ सतत चलती है; B — Roller छपाई में doctor blade उत्कीर्ण रोलर की सतह से अधिक पेस्ट पोंछती है; C — अति पतला पेस्ट flushing व तीक्ष्ण रूपरेखा की हानि करता है

    रोटरी स्क्रीन, डॉक्टर ब्लेड और अत्यधिक पतले पेस्ट वाले कथन मानक मशीन-क्रिया व मानक दोष बताते हैं। ख़राब wash-off जल-अपघटित रंजक छोड़ती है जो पृष्ठभूमि पर दाग़ लगाता और उसे कम सफ़ेद बनाता है।
  11. फ़िनिशिंग के बारे में कौन-से कथन सही हैं?

    1. Cellulase bio-polishing रुई के उभरे रोएँ हटाती है और इस प्रकार pilling स्थायी रूप से घटाती है
    2. ऊन की milling ऊष्मा, नमी व दाब में शल्कित तंतुओं के दिशात्मक घर्षण पर निर्भर है
    3. जल-विकर्षी फ़िनिश सभी रंध्र बंद कर कपड़े को जलरोधी बनाती है
    4. Decatizing ऊन को प्रबलता से felt करती है ताकि वह सिकुड़े व मोटी हो
    उत्तर देखें

    उत्तर: A — Cellulase bio-polishing रुई के उभरे रोएँ हटाती है और इस प्रकार pilling स्थायी रूप से घटाती है; B — ऊन की milling ऊष्मा, नमी व दाब में शल्कित तंतुओं के दिशात्मक घर्षण पर निर्भर है

    रोएँ हटाने से टिकाऊ pill-प्रतिरोध मिलता है, और ऊन की felting शल्कों व घर्षण से उत्पन्न होती है। विकर्षी फ़िनिश सतही ऊर्जा घटाती है पर रंध्र खुले रखती है, अतः जलरोधी नहीं है, और decatizing भाप से set करने का चरण है, milling नहीं।
  12. वस्त्र आर्द्र प्रक्रमण के बहिःस्राव के बारे में कौन-से कथन सही हैं?

    1. स्टार्च-साइज़ित कपड़े की desizing उच्च कार्बनिक भार देती है जो BOD व COD बढ़ाता है
    2. क्षारीय बहिःस्राव को जैविक उपचार से पहले उदासीन करते हैं क्योंकि सूक्ष्मजीव उदासीन के निकट pH पर सर्वोत्तम कार्य करते हैं
    3. alum से स्कंदन जल-अपघटित reactive रंजकों को पूर्णतः हटा देता है क्योंकि वे अविलेय हैं
    4. COD मान सदा उसी नमूने के BOD मान से कम होता है
    उत्तर देखें

    उत्तर: A — स्टार्च-साइज़ित कपड़े की desizing उच्च कार्बनिक भार देती है जो BOD व COD बढ़ाता है; B — क्षारीय बहिःस्राव को जैविक उपचार से पहले उदासीन करते हैं क्योंकि सूक्ष्मजीव उदासीन के निकट pH पर सर्वोत्तम कार्य करते हैं

    Desizing का साइज़ जैव-अपघट्य कार्बनिक पदार्थ है, और उदासीन pH सूक्ष्मजीवों के अनुकूल है। जल-अपघटित reactive रंजक जल-विलेय हैं और स्कंदन से केवल आंशिक हटते हैं, और COD, जो लगभग सभी कार्बनिक पदार्थ गिनती है, BOD से कम नहीं होती।
  13. 200 kg का एक reactive प्रिंट पेस्ट 6 kg रंजक, 10 kg urea, 2 kg सोडियम बाइकार्बोनेट व 100 kg stock thickener से बनता है, शेष 200 kg पानी से पूरा होता है। मिलाए गए पानी का द्रव्यमान ____ kg है।

    संख्यात्मक उत्तर — मान टाइप करें।

    उत्तर देखें

    उत्तर: 82

    पानी = 200 − (6 + 10 + 2 + 100) = 200 − 118 = 82 kg। पेस्ट-रेसिपी द्रव्यमान-संतुलन है: thickener stock सहित घटकों का योग बैच-द्रव्यमान के बराबर होना चाहिए।
  14. एक wrinkle-resistant रेज़िन उत्पाद में द्रव्यमान से 50% सक्रिय ठोस है। लक्ष्य add-on सूखे कपड़े के भार पर 6% ठोस है। pad mangle का आर्द्र pick-up 75% है (100 kg सूखे कपड़े पर 75 kg लिकर) और लिकर का घनत्व 1.00 kg/L लें। pad बाथ में रेज़िन उत्पाद की आवश्यक सांद्रता ____ g/L है।

    संख्यात्मक उत्तर — मान टाइप करें।

    उत्तर देखें

    उत्तर: 160

    प्रति kg सूखे कपड़े: आवश्यक ठोस = 0.06 kg = 60 g। सोखा लिकर = 0.75 kg = 0.75 L। ठोस सांद्रता = 60/0.75 = 80 g/L। उत्पाद में केवल 50% ठोस है, अतः उत्पाद = 80/0.50 = 160 g/L। 80 g/L पर रुकना उत्पाद की ठोस-मात्रा भूलना है।
  15. BOD परीक्षण में 6.0 mL बहिःस्राव 300 mL की बोतल में डालकर नगण्य ऑक्सीजन-माँग वाले dilution जल से भरा जाता है। तनु नमूने की विलीन ऑक्सीजन आरंभ में 8.2 mg/L और 20 °C पर 5 दिन बाद 3.7 mg/L है। बहिःस्राव का BOD₅ ____ mg/L है।

    संख्यात्मक उत्तर — मान टाइप करें।

    उत्तर देखें

    उत्तर: 225

    ΔDO = 8.2 − 3.7 = 4.5 mg/L। तनुकरण-गुणक = 300/6.0 = 50। BOD₅ = 4.5 × 50 = 225 mg/L। 4.5 mg/L बताना अतनु बहिःस्राव तक पुनः मापन भूलना है।
  16. एक बहिःस्राव की चरम BOD L₀ = 400 mg/L है और BOD प्रथम-कोटि बलगतिकी BOD_t = L₀ (1 − e^(−kt)) का पालन करती है, परीक्षण-ताप पर k = 0.20 प्रति दिन (प्राकृतिक लघुगणक आधार) है। BOD₅, निकटतम पूर्ण संख्या में mg/L में, ____ है।

    संख्यात्मक उत्तर — मान टाइप करें।

    उत्तर देखें

    उत्तर: 253

    kt = 0.20 × 5 = 1.0। BOD₅ = 400 (1 − e⁻¹) = 400 × 0.63212 = 252.85, जो 253 mg/L है। 400 × e⁻¹ (147 mg/L) लेना शेष माँग देता, प्रयुक्त माँग नहीं।
  17. 1000 m³ क्षारीय बहिःस्राव का pH 11 है। उसे [OH⁻] = 1.0 × 10⁻³ mol/L (Kw = 1.0 × 10⁻¹⁴) वाला प्रबल क्षार का तनु विलयन मानें और बफ़र-प्रभाव की उपेक्षा करें। उसे 100% सल्फ्यूरिक अम्ल (मोलर द्रव्यमान 98 g/mol, प्रति अणु दो H⁺) से pH 7 तक लाया जाता है। आवश्यक अम्ल का द्रव्यमान ____ kg है, निकटतम पूर्ण संख्या में।

    संख्यात्मक उत्तर — मान टाइप करें।

    उत्तर देखें

    उत्तर: 49

    आयतन = 1000 m³ = 10⁶ L। OH⁻ = 10⁻³ mol/L × 10⁶ L = 1000 mol, जिसे 1000 mol H⁺ चाहिए। H₂SO₄ = 1000/2 = 500 mol × 98 g/mol = 49,000 g = 49 kg। प्रति अणु एक H⁺ लेने पर 98 kg आता।