धाराएँ व पवन-चालित परिसंचरण: जड़त्वीय व भूविक्षेपी प्रवाह, वायु-समुद्र फ्लक्स, Ekman व Sverdrup परिवहन

यह अध्याय अभियांत्रिकी विज्ञान (XE) पेपर की महासागर भौतिकी को आगे बढ़ाता है, XE7 वायुमंडलीय एवं महासागरीय विज्ञान का खंड XE7.2। यह शीर्षक के मध्य भाग का उत्तर देता है: “जड़त्वीय धाराएँ; भूविक्षेपी गति; वायु-समुद्र सतही फ्लक्स; पवन-चालित परिसंचरण, Ekman व Sverdrup परिवहन”। इसमें inertial वृत्त, समुद्र-सतह ढाल व dynamic height से भूविक्षेपी वेग, पवन प्रतिबल व ऊष्मा फ्लक्स के bulk सूत्र, Ekman परत, Ekman परिवहन व pumping तथा पश्चिमी तीव्रीकरण की धारणा सहित Sverdrup परिवहन सिखाए गए हैं। संख्यात्मक प्रश्न जड़त्वीय आवर्तकाल, भूविक्षेपी चाल, bulk गुप्त ऊष्मा फ्लक्स, Ekman परिवहन व Sverdrup परिवहन के हैं; हर स्थिरांक प्रश्न में दिया गया है।

1. जड़त्वीय धाराएँ

मान लीजिए हवा रुक जाती है और कोई दाब-प्रवणता नहीं है। तब चाल V से चलता जल-खंड केवल कोरिओलिस बल fV के अधीन होता है, जो वेग के लंबवत है और कार्य नहीं करता। खंड वृत्त में चलता है: inertial circle, त्रिज्या r = V/f, inertial period T = 2π/f = 2π/(2Ω sin φ) = 11.97 h / sin φ में पूरा होने वाला। यहाँ f = 2Ω sin φ कोरिओलिस प्राचल है तथा Ω = 7.292 × 10⁻⁵ s⁻¹ पृथ्वी की घूर्णन दर है। गति उत्तरी गोलार्ध में दक्षिणावर्त तथा दक्षिणी में वामावर्त होती है; आवर्तकाल 30° अक्षांश पर लगभग 24 h, 45° पर 17 h और ध्रुव पर 12 h है। भूमध्य रेखा पर f = 0 होने से जड़त्वीय दोलन नहीं होते।

हल उदाहरण। 45° N पर V = 0.30 m s⁻¹ के लिए: f = 2 × 7.292 × 10⁻⁵ × 0.7071 = 1.031 × 10⁻⁴ s⁻¹, अतः r = 0.30/1.031 × 10⁻⁴ = 2.9 km तथा T = 2π/f = 6.09 × 10⁴ s = 16.9 h। तूफ़ान गुज़रने पर जड़त्वीय धाराएँ उत्तेजित होती हैं और mooring अभिलेखों में आवृत्ति f पर दक्षिणावर्त घूमते धारा-सदिशों के रूप में दिखती हैं।

⚠️ जाल: जड़त्वीय आवर्तकाल
T = 2π/f में f = 2Ω sin φ है, अतः T = 12 h/sin φ होता है, 24 h/sin φ नहीं। 24 h/sin φ फूको लोलक के तल के घूर्णन का आवर्तकाल है, जो जड़त्वीय आवर्तकाल का दुगुना है।

2. भूविक्षेपी गति, समुद्र-सतह ढाल व dynamic height

बड़े पैमाने के, स्थायी, सीमाओं से दूर प्रवाह में क्षैतिज संवेग संतुलन कोरिओलिस बल व दाब-प्रवणता के बीच होता है (छोटी Rossby संख्या)। भूविक्षेपी संतुलन: f v_g = (1/ρ) ∂p/∂x तथा f u_g = −(1/ρ) ∂p/∂y। प्रवाह समदाब रेखाओं के अनुदिश चलता है, उत्तरी गोलार्ध में उच्च दाब दाईं ओर (दक्षिणी में बाईं ओर)। द्रवस्थैतिक संबंध से सतह पर दाब-प्रवणता समुद्र-सतह η के ढाल से तय होती है: u_g = −(g/f) ∂η/∂y, v_g = (g/f) ∂η/∂x। f = 10⁻⁴ s⁻¹ पर 100 km में 1 m की ऊँचाई से (9.81/10⁻⁴) × 10⁻⁵ = 0.98 m s⁻¹ मिलता है; अतः उपग्रह altimetry से मापी समुद्र-सतह ऊँचाई सतही भूविक्षेपी धारा का सीधा माप है।

सतह के नीचे दाब-प्रवणता घनत्व क्षेत्र पर भी निर्भर करती है। dynamic height (geopotential anomaly) Φ = ∫ δ dp है, जहाँ δ विशिष्ट आयतन विसंगति है; इसे CTD (conductivity-temperature-depth) से परिकलित किया जाता है। L दूरी पर स्थित दो स्टेशनों के बीच ऊपरी स्तर का गहरे स्थिर-स्तर के सापेक्ष वेग v = (Φ₁ − Φ₂)/(f L) है, जहाँ Φ की इकाई m² s⁻² है। z में अवकलन करने पर thermal wind संबंध ∂v_g/∂z = −(g/(ρ₀ f)) ∂ρ/∂x मिलता है: क्षैतिज घनत्व-प्रवणता का अर्थ है कि धारा गहराई के साथ बदलती है। अज्ञात संदर्भ-स्तर है; परंपरा से इसे वहाँ लिया जाता है जहाँ धारा शून्य मानी जाए (level of no motion)।

⚠️ जाल: दिशा व f
विषुवत रेखा के निकट भूविक्षेपी सन्निकटन विफल होता है (f → 0, सूत्र अनंत चाल देता है) तथा छोटे पैमाने के तीव्र प्रवाह में भी, जहाँ Rossby संख्या U/(fL) छोटी नहीं होती। गोलार्ध अवश्य देखें: वही ढाल भूमध्य रेखा के दोनों ओर विपरीत दिशा का प्रवाह देता है।

3. वायु-समुद्र सतही फ्लक्स

वायुमंडल सतह पर संवेग व ऊष्मा विनिमय से महासागर को चलाता है। 10 m पर वायु-चाल U, वायु घनत्व ρₐ तथा अनुभवजन्य स्थानांतरण गुणांकों वाले bulk सूत्र (ऊपर की ओर धनात्मक, अर्थात् महासागर ऊष्मा खोता है): पवन प्रतिबल τ = ρₐ C_D U², संवेद्य ऊष्मा Q_H = ρₐ c_pa C_H U (T_s − T_a), गुप्त ऊष्मा Q_E = ρₐ L_e C_E U (q_s − q_a), जहाँ q विशिष्ट आर्द्रता तथा L_e वाष्पन की गुप्त ऊष्मा है। प्रारूपिक मान: ρₐ = 1.2 kg m⁻³, C_D ≈ 1.3 × 10⁻³, C_H ≈ 1.0 × 10⁻³, C_E ≈ 1.2 × 10⁻³, c_pa = 1004 J kg⁻¹ K⁻¹, L_e = 2.5 × 10⁶ J kg⁻¹। तीनों U के समानुपाती हैं (प्रतिबल U² के) और गुणांक चाल व स्थायित्व से बदलते हैं, इसलिए प्रश्नों में इन्हें दिया जाता है।

विकिरणीय पद हैं: अवशोषित लघुतरंग (1 − A) Q_sw (A = albedo) तथा शुद्ध दीर्घतरंग ह्रास, जिसमें समुद्र-सतह के लिए Stefan-Boltzmann नियम σ ε T⁴ (σ = 5.67 × 10⁻⁸ W m⁻² K⁻⁴, ε ≈ 0.97) में से वायुमंडल का अधोमुखी दीर्घतरंग विकिरण घटाया जाता है। महासागर में शुद्ध सतही ऊष्मा फ्लक्स Q_net = (1 − A) Q_sw − Q_LW − Q_H − Q_E है। उष्णकटिबंध में Q_E ह्रासों में प्रमुख होता है। हल उदाहरण। U = 8 m s⁻¹, C_D = 1.3 × 10⁻³: τ = 1.2 × 1.3 × 10⁻³ × 64 = 0.10 N m⁻²। T_s − T_a = 2 K पर: Q_H = 1.2 × 1004 × 10⁻³ × 8 × 2 = 19 W m⁻²। q_s − q_a = 4 g kg⁻¹ पर: Q_E = 1.2 × 2.5 × 10⁶ × 1.2 × 10⁻³ × 8 × 0.004 = 115 W m⁻²। Bowen अनुपात Q_H/Q_E ≈ 0.17।

⚠️ जाल: आर्द्रता की इकाई
विशिष्ट आर्द्रता प्रायः g kg⁻¹ में दी जाती है; Q_E में प्रयोग से पहले kg kg⁻¹ में बदलें (1000 से भाग)। चाल दुगुनी करने पर Q_H व Q_E दुगुने होते हैं, पर प्रतिबल चार गुना।

4. पवन-चालित परिसंचरण: Ekman परत व Ekman परिवहन

सतह के निकट पवन प्रतिबल कोरिओलिस बल व घर्षण (ऊर्ध्वाधर eddy श्यानता A_z) से संतुलित होता है, दाब-प्रवणता उपेक्षित: −f v = (1/ρ) ∂τₓ/∂z, f u = (1/ρ) ∂τ_y/∂z। हल Ekman सर्पिल है: उत्तरी गोलार्ध में सतही धारा हवा से 45° दाईं ओर (दक्षिणी में बाईं) होती है और गहराई के साथ धारा क्षीण होती व दक्षिणावर्त (NH) घूमती है, Ekman गहराई D_E = π √(2A_z/f) पर, जो प्रायः कुछ दस मीटर है। परत पर समाकलन करने से घर्षण पद कट जाते हैं और परिणाम A_z पर निर्भर नहीं करता: प्रति इकाई चौड़ाई Ekman आयतन परिवहन: (Uₑ, Vₑ) = (τ_y/(ρ f), −τₓ/(ρ f)), जो हवा से 90° दाईं ओर (NH) है और परिमाण |τ|/(ρ f) है।

हल उदाहरण। f = 1.0 × 10⁻⁴ s⁻¹, ρ = 1025 kg m⁻³ पर τ = 0.10 N m⁻² पश्चिम की ओर: |M| = 0.10/(1025 × 1.0 × 10⁻⁴) = 0.98 m² s⁻¹, उत्तर की ओर (पश्चिमी हवा की दाईं ओर)। 1000 km चौड़े मोर्चे पर यह 9.8 × 10⁵ m³ s⁻¹ ≈ 0.98 Sv (1 Sv = 10⁶ m³ s⁻¹) है। तटीय उत्थान (upwelling): उत्तरी गोलार्ध के पूर्वी-सीमा तट (California) पर विषुवत की ओर की हवा तट से दूर Ekman परिवहन करती है और ठंडा पोषक-समृद्ध जल उसकी जगह ऊपर आता है (दक्षिण में Peru-Chile पर दर्पण-प्रतिबिंब)। भूमध्य रेखा पर f → 0 से Ekman परिवहन बड़ा हो जाता है, अतः विषुवतीय पवनें दोनों ओर अपसरण व upwelling करती हैं।

5. Ekman pumping

यदि पवन प्रतिबल स्थान के साथ बदलता है तो Ekman परिवहन में अपसरण होता है और सांतत्य Ekman परत के आधार पर ऊर्ध्वाधर वेग उत्पन्न करता है: w_E = (1/ρ) [∂/∂x (τ_y/f) − ∂/∂y (τₓ/f)] ≈ (1/(ρ f)) k·(∇ × τ), जहाँ f को स्थिर माना गया है। उत्तरी गोलार्ध में धनात्मक प्रतिबल-curl (चक्रवाती) upwelling देता है (w_E > 0) और ऋणात्मक curl (प्रतिचक्रवाती) downwelling (w_E < 0)। दक्षिणी गोलार्ध में f < 0 होने से चिह्न उलट जाते हैं। पछुआ व व्यापारिक पवनों के नीचे उपोष्णकटिबंधीय गायर ऋणात्मक curl में होते हैं; वहाँ अभिसरण व downwelling से thermocline गहरी होती है और गायर-केंद्र पर समुद्र-स्तर ऊँचा रहता है।

हल उदाहरण। 1000 km में प्रतिबल 0.10 N m⁻² बदलता है, अतः curl τ = 1.0 × 10⁻⁷ N m⁻³। f = 1.0 × 10⁻⁴ s⁻¹ पर: w_E = 1.0 × 10⁻⁷/(1025 × 1.0 × 10⁻⁴) = 9.8 × 10⁻⁷ m s⁻¹ ≈ 31 m प्रति वर्ष (1 वर्ष = 3.156 × 10⁷ s)। यह क्षैतिज धाराओं की तुलना में नगण्य है, फिर भी यही बेसिन-पैमाने के प्रवाह को चलाता है।

6. Sverdrup परिवहन व पश्चिमी तीव्रीकरण

Ekman परत के नीचे, आंतरिक भाग में, गहराई-समाकलित प्रवाह भूविक्षेपी होता है। गहराई-समाकलित भूविक्षेपी व Ekman संतुलन का curl लेने पर (घर्षण उपेक्षित) Sverdrup संबंध मिलता है: β V = (1/ρ₀) k·(∇ × τ), अर्थात् V = (1/(ρ₀ β)) k·(∇ × τ), जहाँ V प्रति इकाई पूर्व-पश्चिम चौड़ाई गहराई-समाकलित उत्तर-दक्षिण आयतन परिवहन (m² s⁻¹) है, β = ∂f/∂y = 2Ω cos φ/R ≈ 2.0 × 10⁻¹¹ m⁻¹ s⁻¹ (30° पर)। भौतिक रूप से, प्रतिबल-curl भ्रमिलता डालता है और आंतरिक भाग जल को उत्तर-दक्षिण चलाकर f बदलते हुए उसे संतुलित करता है। ऋणात्मक curl (उपोष्ण गायर) में आंतरिक प्रवाह विषुवत की ओर; धनात्मक curl (उपध्रुवीय गायर) में ध्रुव की ओर। चौड़ाई W के बेसिन पर कुल परिवहन V × W है।

हल उदाहरण। 4000 km चौड़े बेसिन में curl τ = −1.5 × 10⁻⁷ N m⁻³, β = 2.0 × 10⁻¹¹: V = −1.5 × 10⁻⁷/(1025 × 2.0 × 10⁻¹¹) = −7.3 m² s⁻¹ (विषुवत की ओर), कुल = 7.3 × 4 × 10⁶ = 29 Sv। Sverdrup आंतरिक प्रवाह अपने आप बंद नहीं हो सकता: पूरे आंतरिक भाग में विषुवत की ओर जाता जल कहीं ध्रुव की ओर लौटना चाहिए। इसे संकीर्ण, तीव्र पश्चिमी सीमा धारा (Gulf Stream, Kuroshio, Agulhas, Brazil व East Australian धाराएँ) बंद करती है। पश्चिमी तीव्रीकरण इसलिए होता है कि β के कारण उत्तर जाने वाले खंड की भ्रमिलता का बदलाव अधिक चाहिए, और केवल पश्चिमी ओर ही घर्षण (Stommel) या पार्श्व श्यानता (Munk) संकीर्ण पट्टी में भ्रमिलता संतुलन दे सकती है; पूर्वी सीमा पर उसी संतुलन के लिए आंतरिक भाग से भी चौड़ी सीमा-परत चाहिए होती। Sverdrup संतुलन सीमा-परतों में, भूमध्य रेखा के निकट तथा जहाँ घर्षण महत्त्वपूर्ण है, लागू नहीं होता।

⚠️ जाल: Sverdrup परिवहन में क्या शामिल है
V पूरे जल-स्तंभ का (Ekman परत सहित) प्रति इकाई चौड़ाई आयतन परिवहन है। Sv के लिए बेसिन की चौड़ाई से गुणा करें। यह केवल उत्तर-दक्षिण घटक देता है; पूर्व-पश्चिम घटक सांतत्य से मिलता है।

मुख्य बिंदु

  • जड़त्वीय आवर्तकाल T = 2π/f = 11.97 h/sin φ तथा त्रिज्या V/f; गति उत्तरी गोलार्ध में दक्षिणावर्त होती है।
  • भूविक्षेपी प्रवाह उत्तरी गोलार्ध में उच्च दाब दाईं ओर रखता है: v_g = (g/f) ∂η/∂x, और dynamic height संदर्भ-स्तर के सापेक्ष वेग देती है।
  • Bulk फ्लक्स: τ = ρₐ C_D U², Q_H व Q_E, U में रैखिक; आर्द्रता को kg kg⁻¹ में बदलें और चिह्न-परिपाटी देखें।
  • Ekman परिवहन = |τ|/(ρ f), उत्तरी गोलार्ध में हवा से 90° दाईं ओर; सतही धारा 45° दाईं ओर।
  • Ekman pumping w_E = curl τ/(ρ f): उत्तरी गोलार्ध में धनात्मक curl से upwelling, ऋणात्मक से downwelling।
  • Sverdrup: आंतरिक भाग में V = curl τ/(ρ₀ β); पश्चिमी सीमा धारा परिसंचरण को बंद करती है।

अभ्यास प्रश्न (17)

उत्तर खोलने से पहले प्रत्येक प्रश्न हल करें। हर व्याख्या सही विकल्प के साथ लुभावना गलत विकल्प भी बताती है, क्योंकि अंक वहीं जाते हैं।

  1. उत्तरी गोलार्ध में उच्च समुद्र-सतह ऊँचाई वाले क्षेत्र के चारों ओर भूविक्षेपी प्रवाह है

    1. दक्षिणावर्त, उच्च ऊँचाई इसकी दाईं ओर रखते हुए
    2. वामावर्त, उच्च ऊँचाई इसकी दाईं ओर रखते हुए
    3. सीधे ढाल से नीचे, उच्च ऊँचाई से दूर
    4. दक्षिणावर्त, उच्च ऊँचाई इसकी बाईं ओर रखते हुए
    उत्तर देखें

    उत्तर: A — दक्षिणावर्त, उच्च ऊँचाई इसकी दाईं ओर रखते हुए

    उत्तरी गोलार्ध में प्रवाह की दाईं ओर उच्च दाब होने से उच्च के चारों ओर प्रवाह दक्षिणावर्त होता है। ढाल से नीचे प्रवाह अभूविक्षेपी होगा, और उच्च को बाईं ओर रखना दक्षिणी गोलार्ध का नियम है।
  2. खुले उत्तरी-गोलार्ध महासागर पर हवा पूर्व की ओर स्थायी रूप से चल रही है। अन्य बलों की उपेक्षा करने पर गहराई-समाकलित Ekman परिवहन की दिशा है

    1. उत्तर की ओर, हवा से 90° बाईं ओर
    2. दक्षिण की ओर, हवा से 90° दाईं ओर
    3. पूर्व की ओर, हवा के अनुदिश
    4. दक्षिण-पूर्व की ओर, हवा से 45° दाईं ओर
    उत्तर देखें

    उत्तर: B — दक्षिण की ओर, हवा से 90° दाईं ओर

    उत्तरी गोलार्ध में परिवहन हवा से 90° दाईं ओर होता है, अतः पूर्वी हवा से दक्षिणी परिवहन। 45° की दिशा केवल सतही धारा की है, समाकलित परिवहन की नहीं।
  3. उत्तरी गोलार्ध के खुले महासागर में धनात्मक (चक्रवाती) पवन प्रतिबल-curl उत्पन्न करता है

    1. Ekman अभिसरण, downwelling और गहरी होती thermocline
    2. Ekman अभिसरण, जल के जमाव व समुद्र-सतह के उठने
    3. Ekman अपसरण, upwelling व उथली होती thermocline
    4. कोई ऊर्ध्वाधर गति नहीं, केवल Ekman गहराई में बदलाव
    उत्तर देखें

    उत्तर: C — Ekman अपसरण, upwelling व उथली होती thermocline

    धनात्मक curl से Ekman परिवहन अपसारी होता है, जल नीचे से उठता है, w_E > 0, और thermocline उथली होती है। Downwelling व ऊँची सतह ऋणात्मक curl के साथ आते हैं।
  4. उत्तरी अटलांटिक के पश्चिमी ओर Gulf Stream संकीर्ण व तीव्र क्यों है जबकि आंतरिक वापसी प्रवाह धीमा व चौड़ा है?

    1. आंतरिक प्रवाह विषुवत की ओर है, उसे लौटना है, और β-प्रभाव का भ्रमिलता संतुलन घर्षण केवल संकीर्ण पश्चिमी परत में बंद करता है
    2. पृथ्वी पूर्व की ओर घूमती है, इसलिए महासागरीय जल हर बेसिन के पश्चिमी तट पर पीछे खिंचकर टकराता है
    3. पवन प्रतिबल सदा बेसिन की पश्चिमी सीमा पर ही सबसे प्रबल होता है
    4. Coriolis प्राचल हर बेसिन की पश्चिमी सीमा पर अधिक होता है
    उत्तर देखें

    उत्तर: A — आंतरिक प्रवाह विषुवत की ओर है, उसे लौटना है, और β-प्रभाव का भ्रमिलता संतुलन घर्षण केवल संकीर्ण पश्चिमी परत में बंद करता है

    द्रव्यमान संरक्षण के लिए ध्रुव की ओर वापसी प्रवाह चाहिए, और केवल पश्चिमी ओर घर्षण संकीर्ण परत में आवश्यक भ्रमिलता दे सकता है। हवा वहाँ चरम पर होना आवश्यक नहीं, और f अक्षांश पर निर्भर है, बेसिन के किस ओर पर नहीं।
  5. bulk सूत्रों में, जब 10 m की वायु-चाल दुगुनी हो और सभी गुणांक तथा ताप व आर्द्रता अंतर अपरिवर्तित रहें, तब पवन प्रतिबल और गुप्त ऊष्मा फ्लक्स क्रमशः कितने गुना बदलते हैं

    1. गुणक 2 और 2
    2. गुणक 4 और 2
    3. गुणक 4 और 4
    4. गुणक 2 और 4
    उत्तर देखें

    उत्तर: B — गुणक 4 और 2

    τ = ρₐ C_D U² है, U² के अनुपात में, जबकि Q_E = ρₐ L_e C_E U Δq, U में रैखिक है। दोनों को द्विघात मानना भूल है, ऊष्मा फ्लक्स में U का एक ही गुणक होता है।
  6. 100 km की दूरी पर दो CTD स्टेशनों की गहरे स्थिर-स्तर के सापेक्ष सतह पर dynamic height 20.00 m² s⁻² व 19.00 m² s⁻² है। f = 1.0 × 10⁻⁴ s⁻¹ पर उस स्तर के सापेक्ष सतही चाल है

    1. 0.10 m s⁻¹
    2. 1.0 m s⁻¹
    3. 0.010 m s⁻¹
    4. 10 m s⁻¹
    उत्तर देखें

    उत्तर: A — 0.10 m s⁻¹

    v = ΔΦ/(f L) = 1.00/(1.0 × 10⁻⁴ × 1.0 × 10⁵) = 0.10 m s⁻¹। 100 km को मीटर में न बदलने पर चाल 100 गुना अधिक आती है।
  7. दो भिन्न महासागरों में 40° N व 40° S पर समान परिमाण के प्रतिबल, घनत्व और |f| वाली पछुआ हवा चलती है। उत्तरी स्थिति की तुलना में दक्षिणी स्थिति में Ekman परिवहन का

    1. परिमाण वही, दिशा हवा से 90° बाईं ओर (विषुवत की ओर)
    2. परिमाण व दिशा वही, क्योंकि केवल हवा मायने रखती है
    3. आधा परिमाण, दिशा हवा की दाईं ओर
    4. परिमाण वही, दिशा हवा से 90° दाईं ओर (ध्रुव की ओर)
    उत्तर देखें

    उत्तर: A — परिमाण वही, दिशा हवा से 90° बाईं ओर (विषुवत की ओर)

    दक्षिणी गोलार्ध में f ऋणात्मक है, इसलिए परिवहन हवा से 90° बाईं ओर मुड़ता है; पछुआ के लिए यह विषुवत की ओर (उत्तर) है। परिमाण |τ|/(ρ|f|) वही रहता है, अतः दोनों गोलार्धों में केवल दिशा भिन्न है।
  8. thermal wind संबंध ∂v_g/∂z = −(g/(ρ₀ f)) ∂ρ/∂x के बारे में कौन-सा कथन सही है?

    1. यह तभी लागू है जब घनत्व पूरे क्षैतिज तल में एकसमान हो
    2. क्षैतिज घनत्व-प्रवणता का अर्थ है कि भूविक्षेपी धारा गहराई के साथ बदलती है
    3. यह बिना संदर्भ-स्तर के सीधे निरपेक्ष सतही धारा देता है
    4. यह Ekman संतुलन से निकलता है, भूविक्षेपी व द्रवस्थैतिक संतुलन से नहीं
    उत्तर देखें

    उत्तर: B — क्षैतिज घनत्व-प्रवणता का अर्थ है कि भूविक्षेपी धारा गहराई के साथ बदलती है

    भूविक्षेपी व द्रवस्थैतिक संतुलन मिलाने पर झुकी घनत्व-सतहें (∂ρ/∂x ≠ 0) ऊर्ध्वाधर अपरूपण दर्शाती हैं। यह केवल अपरूपण देता है, इसलिए संदर्भ वेग फिर भी चाहिए। यह भूविक्षेपी तथा द्रवस्थैतिक संतुलन से निकलता है, Ekman संतुलन से नहीं।
  9. गर्म उष्णकटिबंधीय महासागर में सतह (SST) 28 °C और वायु तापमान 27 °C है, तथा वायु की आपेक्षिक आर्द्रता लगभग 80 % है, अतः सतह और वायु की आर्द्रता का अंतर कुछ g kg⁻¹ है। शुद्ध सतही ऊष्मा फ्लक्स का कौन-सा पद ह्रास में प्रमुख होगा, और क्यों?

    1. संवेद्य ऊष्मा, क्योंकि जल की ऊष्माधारिता बड़ी है और वह ऊपर की वायु को गरम करता है
    2. शुद्ध दीर्घतरंग विकिरण, क्योंकि 28 °C जल कृष्णिका की तरह प्रबल उत्सर्जन करता है
    3. thermocline से होकर गहरे महासागर में ऊष्मा का नीचे की ओर चालन
    4. गुप्त ऊष्मा: आर्द्रता-अंतर बड़ा है जबकि तापांतर छोटा
    उत्तर देखें

    उत्तर: D — गुप्त ऊष्मा: आर्द्रता-अंतर बड़ा है जबकि तापांतर छोटा

    T_s − T_a केवल 1 K होने से Q_H छोटा है, पर q_s − q_a कुछ g kg⁻¹ है, इसलिए वाष्पन कहीं अधिक ऊष्मा हटाता है। शुद्ध दीर्घतरंग ह्रास कुछ दस W m⁻² है और उष्णकटिबंध में सामान्यतः Q_E से कम है।
  10. Ekman गतिकी के बारे में निम्न में से कौन-से कथन सही हैं?

    1. उत्तरी गोलार्ध में सतही धारा हवा से 45° दाईं ओर होती है
    2. प्रति इकाई चौड़ाई Ekman आयतन परिवहन |τ|/(ρ f) है और eddy श्यानता पर निर्भर नहीं करता
    3. उत्तरी गोलार्ध के पूर्वी-सीमा तट पर विषुवत की ओर की हवा तटीय upwelling चलाती है
    4. Ekman परिवहन हवा के समानांतर है
    उत्तर देखें

    उत्तर: A — उत्तरी गोलार्ध में सतही धारा हवा से 45° दाईं ओर होती है; B — प्रति इकाई चौड़ाई Ekman आयतन परिवहन |τ|/(ρ f) है और eddy श्यानता पर निर्भर नहीं करता; C — उत्तरी गोलार्ध के पूर्वी-सीमा तट पर विषुवत की ओर की हवा तटीय upwelling चलाती है

    पहले तीन Ekman मॉडल के मानक परिणाम हैं। परिवहन हवा के लंबवत है, समानांतर नहीं।
  11. Sverdrup संतुलन βV = (1/ρ₀) k·(∇ × τ) के बारे में कौन-से कथन सही हैं?

    1. यह आंतरिक महासागर में गहराई-समाकलित उत्तर-दक्षिण परिवहन को पवन प्रतिबल-curl से जोड़ता है
    2. उत्तरी गोलार्ध में ऋणात्मक curl के नीचे आंतरिक प्रवाह विषुवत की ओर होता है
    3. यह पश्चिमी सीमा-परत में वापसी प्रवाह की माँग करता है, जहाँ यह संतुलन स्वयं लागू नहीं होता
    4. यह भूमध्य रेखा पर लागू है, जहाँ β अधिकतम और f शून्य है
    उत्तर देखें

    उत्तर: A — यह आंतरिक महासागर में गहराई-समाकलित उत्तर-दक्षिण परिवहन को पवन प्रतिबल-curl से जोड़ता है; B — उत्तरी गोलार्ध में ऋणात्मक curl के नीचे आंतरिक प्रवाह विषुवत की ओर होता है; C — यह पश्चिमी सीमा-परत में वापसी प्रवाह की माँग करता है, जहाँ यह संतुलन स्वयं लागू नहीं होता

    पहले तीन सही हैं। यह भूविक्षेपी, घर्षणहीन आंतरिक परिणाम है और भूमध्य रेखा पर विफल है, जहाँ भूविक्षेपी सन्निकटन अमान्य है; β वहाँ अधिकतम है पर संतुलन प्रयुक्त नहीं होता।
  12. जड़त्वीय व भूविक्षेपी गति के बारे में निम्न में से कौन-से कथन सही हैं?

    1. उत्तरी गोलार्ध में जड़त्वीय गति दक्षिणावर्त है और आवर्तकाल 2π/f है
    2. जड़त्वीय त्रिज्या V/f के बराबर है
    3. भूविक्षेपी धारा की चाल तभी अशून्य होती है जब समुद्र-सतह या दाब-सतहें झुकी हों
    4. जड़त्वीय आवर्तकाल भूमध्य रेखा पर न्यूनतम होता है
    उत्तर देखें

    उत्तर: A — उत्तरी गोलार्ध में जड़त्वीय गति दक्षिणावर्त है और आवर्तकाल 2π/f है; B — जड़त्वीय त्रिज्या V/f के बराबर है; C — भूविक्षेपी धारा की चाल तभी अशून्य होती है जब समुद्र-सतह या दाब-सतहें झुकी हों

    पहले तीन सही हैं। जड़त्वीय आवर्तकाल 11.97 h/sin φ ध्रुवों पर न्यूनतम और भूमध्य रेखा पर अनंत है।
  13. Ω = 7.292 × 10⁻⁵ s⁻¹ लें। 30° N अक्षांश पर जल का जड़त्वीय आवर्तकाल ____ घंटे है (एक दशमलव स्थान)।

    संख्यात्मक उत्तर — मान टाइप करें।

    उत्तर देखें

    उत्तर: 23.9

    f = 2Ω sin 30° = 7.292 × 10⁻⁵ s⁻¹। T = 2π/f = 6.2832/7.292 × 10⁻⁵ = 8.617 × 10⁴ s = 23.9 h। 2Ω sin φ की जगह Ω sin φ लेने पर यह दुगुना आता है।
  14. समुद्र-सतह 200 km क्षैतिज दूरी में 0.80 m ऊपर उठती है। g = 9.81 m s⁻² व f = 1.0 × 10⁻⁴ s⁻¹ लेने पर सतही भूविक्षेपी चाल ____ m s⁻¹ है (दो दशमलव स्थान)।

    संख्यात्मक उत्तर — मान टाइप करें।

    उत्तर देखें

    उत्तर: 0.39

    v = (g/f)(Δη/L) = (9.81/1.0 × 10⁻⁴)(0.80/2.0 × 10⁵) = 9.81 × 10⁴ × 4.0 × 10⁻⁶ = 0.392, अर्थात् 0.39 m s⁻¹।
  15. 0.080 N m⁻² का एकसमान पवन प्रतिबल खुले महासागर में उस अक्षांश पर लगता है जहाँ f = 1.2 × 10⁻⁴ s⁻¹ है। ρ = 1025 kg m⁻³ लें। परिवहन दिशा के लंबवत 500 km लंबी रेखा के पार Ekman आयतन परिवहन ____ × 10⁵ m³ s⁻¹ है (दो दशमलव स्थान)।

    संख्यात्मक उत्तर — मान टाइप करें।

    उत्तर देखें

    उत्तर: 3.25

    प्रति इकाई चौड़ाई |M| = τ/(ρ f) = 0.080/(1025 × 1.2 × 10⁻⁴) = 0.6504 m² s⁻¹। इसे 5.0 × 10⁵ m से गुणा करने पर 3.252 × 10⁵ m³ s⁻¹, अर्थात् 3.25।
  16. ρ₀ = 1025 kg m⁻³ व β = 2.0 × 10⁻¹¹ m⁻¹ s⁻¹ लें। 4000 km चौड़े उपोष्ण बेसिन में पवन प्रतिबल-curl −1.5 × 10⁻⁷ N m⁻³ है। बेसिन के पार कुल Sverdrup परिवहन का परिमाण ____ Sv है (एक दशमलव स्थान; 1 Sv = 10⁶ m³ s⁻¹)।

    संख्यात्मक उत्तर — मान टाइप करें।

    उत्तर देखें

    उत्तर: 29.3

    |V| = 1.5 × 10⁻⁷/(1025 × 2.0 × 10⁻¹¹) = 1.5 × 10⁻⁷/2.05 × 10⁻⁸ = 7.317 m² s⁻¹। इसे 4.0 × 10⁶ m से गुणा करने पर 2.927 × 10⁷ m³ s⁻¹ = 29.3 Sv।
  17. bulk सूत्र Q_E = ρₐ L_e C_E U (q_s − q_a) में ρₐ = 1.2 kg m⁻³, L_e = 2.5 × 10⁶ J kg⁻¹, C_E = 1.2 × 10⁻³, U = 10 m s⁻¹ तथा q_s − q_a = 3.0 g kg⁻¹ लेने पर गुप्त ऊष्मा फ्लक्स ____ W m⁻² है (पूर्णांक)।

    संख्यात्मक उत्तर — मान टाइप करें।

    उत्तर देखें

    उत्तर: 108

    q बदलें: 3.0 g kg⁻¹ = 0.0030। Q_E = 1.2 × 2.5 × 10⁶ × 1.2 × 10⁻³ × 10 × 0.0030 = 3600 × 10 × 0.0030 = 108 W m⁻²। q को g kg⁻¹ में रखने पर 1000 गुना आता है।