व्यक्तिगत और समूह व्यवहार को समझना और प्रबंधित करना, तथा संगठन संरचना और अभिकल्प: व्यक्तित्व, प्रत्यक्षण, अधिगम, मूल्य, अभिवृत्तियाँ और अनुनय, अभिप्रेरणा, समूह, दल, संप्रेषण, नेतृत्व और प्रभाव, संरचना के तत्त्व, सामान्य संगठनात्मक अभिकल्प और खुले तंत्र के रूप में संगठन
2. अभिप्रेरणा के सिद्धांत
| सिद्धांत | मूल विचार | आतिथ्य में प्रयोग |
|---|---|---|
| मैस्लो का आवश्यकता पदानुक्रम (1943) | पाँच स्तर, शारीरिक, सुरक्षा, सामाजिक, सम्मान और आत्म-सिद्धि; संतुष्ट आवश्यकता अब प्रेरित नहीं करती, और निचली आवश्यकताएँ पूरी होने पर उच्चतर आवश्यकताएँ सक्रिय होती हैं | कर्मचारी भोजन और आवास निचली आवश्यकताएँ पूरी करते हैं; "माह का कर्मचारी" जैसी मान्यता योजनाएँ सम्मान आवश्यकताएँ पूरी करती हैं |
| एल्डरफ़र का ERG सिद्धांत (1969) | अस्तित्व, संबंधता और विकास आवश्यकताएँ; एक साथ एक से अधिक कार्य कर सकती हैं, और उच्चतर आवश्यकता की कुंठा व्यक्ति को निचली की ओर लौटा सकती है | पदोन्नति से वंचित रसोइया इसके बजाय अधिक वेतन माँग सकता है |
| हर्ज़बर्ग का द्वि-कारक सिद्धांत (1959) | स्वास्थ्य-कारक (कंपनी नीति, पर्यवेक्षण, वेतन, कार्य दशाएँ, सहकर्मियों से संबंध) असंतोष रोकते हैं पर प्रेरित नहीं करते; अभिप्रेरक (उपलब्धि, मान्यता, स्वयं कार्य, उत्तरदायित्व, उन्नति, विकास) संतोष उत्पन्न करते हैं | उचित वेतन और ठीक रोस्टर शिकायतें टालते हैं; उत्तरदायित्व और मान्यता प्रेरित करते हैं |
| मैक्लीलैंड का आवश्यकता सिद्धांत | उपलब्धि की आवश्यकता, संबद्धता की आवश्यकता और शक्ति की आवश्यकता, सीखी हुई और लोगों में भिन्न; उच्च उपलब्धिकर्ता मध्यम जोखिम और प्रतिपुष्टि पसंद करते हैं | उच्च उपलब्धि आवश्यकता वाले विक्रय कर्मचारी लक्ष्यों पर प्रतिक्रिया करते हैं |
| व्रूम का प्रत्याशा सिद्धांत (1964) | अभिप्रेरणा प्रत्याशा (प्रयास से निष्पादन होगा), साधनता (निष्पादन से पुरस्कार मिलेगा) और संयोजकता (पुरस्कार का मूल्य) पर निर्भर है; इसे प्रायः तीनों के गुणनफल के रूप में लिखा जाता है, अतः कोई भी शून्य हो तो अभिप्रेरणा शून्य है | ऐसा बोनस जिसे कोई प्राप्य नहीं मानता, प्रेरित नहीं करता |
| एडम्स का समता सिद्धांत (1963) और लॉक का लक्ष्य-निर्धारण सिद्धांत (1968) | कर्मचारी अपने परिणाम-से-आगत अनुपात की तुलना दूसरों से करते हैं और असमता हटाने हेतु कार्य करते हैं; स्वीकृत, विशिष्ट, कठिन लक्ष्य, प्रतिपुष्टि सहित, "अपना सर्वश्रेष्ठ करो" से अधिक निष्पादन बढ़ाते हैं | सेवा-शुल्क का असमान बँटवारा रोष उपजाता है; 90 के अतिथि अंक का लक्ष्य अस्पष्ट अपील से बेहतर है |
3. समूह, दल, संप्रेषण, नेतृत्व और प्रभाव
समूह दो या अधिक व्यक्ति हैं, अंतःक्रियाशील और परस्पर निर्भर, जो उद्देश्य पाने हेतु साथ आते हैं; औपचारिक समूह संरचना से निर्धारित होते हैं (हाउसकीपिंग की एक पाली), अनौपचारिक समूह मित्रता और रुचि से उभरते हैं। ब्रूस टकमैन का मॉडल (1965) समूहों का निर्माण, संघर्ष, मानदंडीकरण और निष्पादन वर्णित करता है, जिसमें अस्थायी समूहों, जैसे किसी टूर के अनुरक्षण दल, हेतु 1977 में विघटन जोड़ा गया। समूह व्यवहार को प्रभावित करने वाले कारकों में समूह का आकार (बड़े समूहों में सामाजिक आलस्य का जोखिम है, सामूहिक रूप से काम करते समय व्यक्तियों का कम प्रयास लगाना), भूमिकाएँ, मानदंड, प्रस्थिति, संरचना और संसंजन आते हैं; अत्यधिक संसक्त समूह तभी अच्छा निष्पादन करते हैं जब उनके मानदंड संगठन के लक्ष्यों का समर्थन करें, और उनमें समूहचिंतन (इरविंग जेनिस) का जोखिम है, सहमति का वह दबाव जो असहमति दबाता है। व्यक्तिगत आयाम, हर सदस्य का व्यक्तित्व, कौशल और आवश्यकताएँ, इन समूह आयामों से अंतःक्रिया करता है।
कार्य दल समन्वित प्रयास से धनात्मक सहक्रिया उत्पन्न करता है, जिससे उसका निष्पादन व्यक्तिगत आगतों के योग से अधिक होता है; कार्य समूह केवल सूचना साझा करता है। स्टीफ़न रॉबिन्स चार सामान्य प्रकार सूचीबद्ध करते हैं: समस्या-समाधान दल (एक विभाग के सदस्य जो सुधार सुझाते हैं, जैसे गुणवत्ता मंडल), स्व-प्रबंधित कार्य दल (जो अपने पर्यवेक्षकों के उत्तरदायित्व ले लेते हैं), पार-कार्यात्मक दल (समान स्तर पर विभिन्न क्षेत्रों के सदस्य, जैसे कक्ष, खाद्य और पेय, अभियांत्रिकी और विक्रय से लिया गया होटल का पूर्व-उद्घाटन दल) और आभासी दल (सदस्य जो प्रौद्योगिकी से दूरी के पार काम करते हैं)। संप्रेषण अर्थ का अंतरण और बोध है: प्रेषक संदेश का कूटन करता है, उसे किसी माध्यम से भेजता है, प्राप्तकर्ता उसका विकूटन करता है और प्रतिपुष्टि देता है, और शोर हर चरण को विकृत कर सकता है। यह औपचारिक जालों में नीचे, ऊपर और पार्श्व में, और अनौपचारिक रूप से अफ़वाह-तंत्र से बहता है; बाधाओं में छँटाई, चयनात्मक प्रत्यक्षण, सूचना अधिभार, भावनाएँ, भाषा और सांस्कृतिक अंतर आते हैं, जो बहुभाषी पर्यटन कार्यबलों में तीव्र हैं।
| नेतृत्व दृष्टिकोण | प्रमुख विचार |
|---|---|
| गुण सिद्धांत | नेता प्रेरणा, सत्यनिष्ठा, आत्मविश्वास और बुद्धि जैसे गुणों के साथ जन्म लेते हैं; खोज को ऐसा कोई समुच्चय नहीं मिला जो सदा नेताओं को अलग करे |
| व्यवहारात्मक सिद्धांत | ओहायो स्टेट अध्ययन: संरचना आरंभ (भूमिकाएँ और कार्य परिभाषित करना) और विचारशीलता (अनुयायियों हेतु विश्वास और सम्मान); मिशिगन अध्ययन: कर्मचारी-उन्मुख और उत्पादन-उन्मुख नेता; ब्लेक और माउटन का प्रबंधकीय ग्रिड, जिसमें 9,9 "दल प्रबंधन" शैली लोगों की चिंता और उत्पादन की चिंता दोनों पर उच्च है |
| आकस्मिकता सिद्धांत | फ़्रेड फ़ीडलर: प्रभावशीलता नेता की शैली (न्यूनतम पसंदीदा सहकर्मी पैमाने से मापी गई) के स्थिति से मेल पर निर्भर है; पॉल हर्सी और केन ब्लैंचर्ड का स्थितिजन्य नेतृत्व: अनुयायियों की तत्परता बढ़ने के साथ बताना, बेचना, सहभागिता और प्रत्यायोजन; रॉबर्ट हाउस का पथ-लक्ष्य सिद्धांत: नेता अनुयायियों के लक्ष्यों का मार्ग साफ़ करता है |
| विनिमयात्मक और रूपांतरणकारी | विनिमयात्मक नेता निष्पादन के बदले पुरस्कार देते हैं; रूपांतरणकारी नेता (जेम्स मैकग्रेगर बर्न्स, 1978, और बर्नार्ड बास) करिश्मा, प्रेरणा, बौद्धिक उद्दीपन और व्यक्तिगत विचार से अनुयायियों को स्वार्थ से ऊपर उठने की प्रेरणा देते हैं |
नेतृत्व एक प्रभाव प्रक्रिया है, और प्रभाव शक्ति पर टिका है। जॉन फ़्रेंच और बर्ट्राम रेवन (1959) ने शक्ति के पाँच आधार नामित किए: वैध (पद से), पुरस्कार (पुरस्कारों पर नियंत्रण से), दंडात्मक (दंड देने की क्षमता से), विशेषज्ञ (कौशल या ज्ञान से) और संदर्भ (प्रशंसित होने और जिससे तादात्म्य हो उससे)। पहले तीन औपचारिक हैं, पद से बँधे; विशेषज्ञ और संदर्भ शक्ति व्यक्तिगत हैं और व्यक्ति के साथ जाती हैं। रसोई में किसी सम्मानित एग्ज़ीक्यूटिव शेफ़ का अधिकार प्रायः उसके पदनाम से अधिक विशेषज्ञ और संदर्भ शक्ति पर टिका होता है।
4. संगठन संरचना: इसके तत्त्व, और रणनीति तथा संरचना
संगठन संरचना परिभाषित करती है कि कार्य औपचारिक रूप से कैसे बाँटे, समूहित और समन्वित किए जाते हैं। रॉबिन्स छह प्रमुख तत्त्व पहचानते हैं, और पाठ्यक्रम उन सभी को नामित करता है। कार्य विशेषज्ञता (श्रम विभाजन) किसी काम को चरणों में तोड़ती है जिनमें से हर एक अलग व्यक्ति करता है, जो दक्षता को उस बिंदु तक बढ़ाती है जहाँ ऊब और थकान उसे घटा दें। विभागीकरण कामों को कार्य (कक्ष, खाद्य और पेय, विक्रय), उत्पाद या सेवा (अंतर्गामी, बहिर्गामी और घरेलू टूर), भूगोल (उत्तर और दक्षिण क्षेत्र), प्रक्रिया (आरक्षण, टिकटिंग, लेखा) या ग्राहक (कॉर्पोरेट, अवकाश और सरकारी यात्रा डेस्क) के अनुसार समूहित करता है। आदेश शृंखला शीर्ष से निम्नतम पद तक अधिकार की अटूट रेखा है, जो स्पष्ट करती है कि कौन किसे रिपोर्ट करता है, अधिकार और आदेश की एकता के सिद्धांतों से जुड़ी। नियंत्रण का विस्तार उन अधीनस्थों की संख्या है जिन्हें एक प्रबंधक कुशलता से निर्देशित कर सकता है। केंद्रीकरण वह मात्रा है जिस तक निर्णयन किसी एक बिंदु, प्रायः शीर्ष, पर केंद्रित है; विकेंद्रीकरण निर्णयों को समस्या के सबसे निकट वालों तक नीचे धकेलता है, जैसे जब फ्रंट ऑफ़िस प्रबंधक ऊपर भेजे बिना कक्ष उन्नयन स्वीकृत कर सके। औपचारिकीकरण वह मात्रा है जिस तक काम नियमों, प्रक्रियाओं और नियमावलियों से मानकीकृत हैं, जो किसी होटल शृंखला की मानक संचालन प्रक्रियाओं में उच्च है।
नियंत्रण का विस्तार संरचना का आकार तय करता है। अग्रपंक्ति कर्मचारियों की समान संख्या के साथ, संकीर्ण विस्तार अधिक स्तर और एक ऊँची संरचना बनाते हैं, निकट पर्यवेक्षण पर धीमे संप्रेषण, अधिक लागत और कम पहल सहित; विस्तृत विस्तार कम स्तर और एक सपाट संरचना बनाते हैं, तेज़ निर्णयों, कम लागत और अधिक स्वायत्तता पर हर प्रबंधक पर भारी बोझ सहित। मान लीजिए किसी होटल में 216 अग्रपंक्ति कर्मचारी हैं, हर पर्यवेक्षक उनमें से 6 की देखरेख करता है और हर प्रबंधक 6 पर्यवेक्षकों की: उसे 216 / 6 = 36 पर्यवेक्षक और 36 / 6 = 6 प्रबंधक चाहिए, जो एक महाप्रबंधक को रिपोर्ट करते हैं। यदि विस्तार 12 तक चौड़े हों, तो होटल को 18 पर्यवेक्षक चाहिए और वह उन्हें सीधे 2 प्रबंधकों के नीचे रख सकता है, एक सपाट और सस्ती संरचना। अल्फ़्रेड चैंडलर के बड़ी अमेरिकी फ़र्मों के अध्ययन, स्ट्रैटेजी एंड स्ट्रक्चर (1962), ने निष्कर्ष निकाला कि संरचना रणनीति का अनुसरण करती है: जैसे-जैसे फ़र्मों ने विविधीकरण किया, वे केंद्रीकृत कार्यात्मक संरचनाओं से विकेंद्रीकृत बहुप्रभागीय संरचनाओं की ओर गईं, जैसे कई ब्रांडों और देशों में फैलने वाली होटल कंपनी ब्रांड और क्षेत्रीय प्रभाग स्थापित करती है।
5. सामान्य संगठनात्मक अभिकल्प, और खुले तंत्र के रूप में संगठन
| अभिकल्प | विशेषताएँ | पर्यटन उदाहरण |
|---|---|---|
| सरल संरचना | कम विभागीकरण, विस्तृत विस्तार, एक व्यक्ति में केंद्रित अधिकार, अल्प औपचारिकीकरण; तेज़ और सस्ती पर जोखिमपूर्ण, क्योंकि सब कुछ स्वामी पर निर्भर है | अपने स्वामी द्वारा चलाई जाती छोटी ट्रैवल एजेंसी या होमस्टे |
| नौकरशाही | विशेषज्ञता, औपचारिक नियमों, कार्यात्मक विभागों, केंद्रीकृत अधिकार, संकीर्ण विस्तारों और आदेश शृंखला का अनुसरण करते निर्णयों से प्राप्त अत्यधिक नियमित कार्य; मानकीकृत काम हेतु कुशल पर कठोर | एक बड़ा रेल संगठन या कोई सरकारी पर्यटन निगम |
| मैट्रिक्स संरचना | कार्यात्मक और उत्पाद या परियोजना विभागीकरण को जोड़ती है, एक दोहरी आदेश शृंखला बनाते हुए जिसमें कर्मचारी एक कार्यात्मक प्रबंधक और एक परियोजना प्रबंधक को रिपोर्ट करते हैं; लचीली पर यह आदेश की एकता तोड़ती है और शक्ति संघर्ष उत्पन्न कर सकती है | विक्रय, संचालन और वित्त से कर्मचारी लेता MICE या महा-आयोजन परियोजना दल |
| आभासी (जाल) संगठन | एक छोटा केंद्र जो अपने प्रमुख व्यावसायिक कार्य अन्य फ़र्मों को बाह्य-स्रोत देता और उनका समन्वय करता है | एक टूर ऑपरेटर जिसके पास कोई कोच या होटल नहीं और जो परिवहन, कक्ष और गाइड अनुबंधित करता है |
| सीमाहीन संगठन | जनरल इलेक्ट्रिक में जैक वेल्च से जुड़ा पद: यह आदेश शृंखला हटाने, असीम विस्तार रखने और विभागों को सशक्त दलों से बदलने का प्रयास करता है, ऊर्ध्वाधर, क्षैतिज और आपूर्तिकर्ताओं तथा ग्राहकों के साथ बाहरी सीमाएँ तोड़ते हुए | साझा प्रणालियों से साझेदार होटलों और एयरलाइनों के साथ तरल दलों में काम करती ऑनलाइन यात्रा कंपनी |
| स्त्रैण संगठन | रॉबिन्स द्वारा, नारीवादी लेखकों के आधार पर, नौकरशाही के विकल्प के रूप में वर्णित: यह सदस्यों को व्यक्तियों के रूप में महत्त्व देता है, अवसरवादी नहीं है, करियर को दूसरों की सेवा से परिभाषित करता है, कर्मचारी विकास हेतु प्रतिबद्ध है, एक देखभाल करने वाला समुदाय बनाता है और शक्ति साझा करता है | समुदाय-संचालित पर्यटन सहकारिताएँ और सेवा-केंद्रित संगठन सबसे निकट आते हैं |
संगठन एक खुला तंत्र है: यह आगतों और बाज़ारों हेतु अपने परिवेश पर निर्भर है, और परिवेश इसकी आंतरिक गतिकी को आकार देता है। बर्न्स और स्टॉकर का निष्कर्ष कि स्थिर परिवेश यांत्रिक और गतिशील परिवेश जैविक संरचनाओं के अनुकूल हैं यहाँ लागू होता है, और प्रौद्योगिकी भी। जोन वुडवर्ड के अंग्रेज़ी विनिर्माण फ़र्मों के अध्ययनों ने प्रौद्योगिकी को इकाई, बड़े पैमाने और प्रक्रिया उत्पादन में वर्गीकृत किया और पाया कि हर एक भिन्न संरचना के अनुकूल है; बाद के लेखकों ने यह बात सामान्यीकृत की कि नियमित प्रौद्योगिकी औपचारिक, केंद्रीकृत संरचनाओं से और अनियमित प्रौद्योगिकी लचीली संरचनाओं से मेल खाती है। प्रौद्योगिकीय नवाचारों ने पर्यटन संगठनों को नया रूप दिया है: कंप्यूटर आरक्षण प्रणालियों और वैश्विक वितरण प्रणालियों ने सूची को केंद्रीकृत किया; इंटरनेट और ऑनलाइन ट्रैवल एजेंसियों ने यात्रा व्यापार के भागों को मध्यस्थहीन किया और छोटे होटलों को सीधे बेचने दिया; मोबाइल ऐप, स्व-चेक-इन कियोस्क और राजस्व प्रबंधन सॉफ़्टवेयर ने फ्रंट ऑफ़िस के काम बदले और कुछ परतें सपाट कीं; और दूरस्थ कार्य तथा क्लाउड प्रणालियों ने आभासी दलों को सामान्य बनाया। जो संगठन इन परिवर्तनों को अपने परिवेश के संकेत मानकर अपनी संरचनाएँ ढालते हैं, वे ऐसा न करने वालों से बेहतर टिकते हैं।
मुख्य बिंदु
- व्यक्तित्व बिग फ़ाइव (OCEAN), MBTI के सोलह प्रकारों, नियंत्रण-केंद्र और टाइप A या B से संक्षेपित होता है; प्रत्यक्षण केली के आरोपण संकेतों (विशिष्टता, सर्वसम्मति, संगति) से समझाया जाता है और मौलिक आरोपण त्रुटि, प्रभामंडल प्रभाव तथा रूढ़िबद्धता से विकृत होता है।
- अधिगम शास्त्रीय (पावलोव), क्रियाप्रसूत (स्किनर) या सामाजिक (बंडूरा) है; रोकीच अठारह अंतिम और अठारह साधन मूल्य सूचीबद्ध करते हैं; अभिवृत्तियों के संज्ञानात्मक, भावात्मक और व्यवहारात्मक भाग हैं, फ़ेस्टिंगर की असंगति सहित; अनुनय केंद्रीय या परिधीय मार्गों और सियाल्डिनी के छह सिद्धांतों का अनुसरण करता है।
- विषयवस्तु सिद्धांत मैस्लो (पाँच आवश्यकताएँ), एल्डरफ़र (ERG), हर्ज़बर्ग (स्वास्थ्य-कारक और अभिप्रेरक) और मैक्लीलैंड (उपलब्धि, संबद्धता, शक्ति) हैं; प्रक्रिया सिद्धांत व्रूम (प्रत्याशा, साधनता, संयोजकता), एडम्स (समता) और लॉक (विशिष्ट, कठिन लक्ष्य) हैं।
- समूह निर्माण, संघर्ष, मानदंडीकरण, निष्पादन और विघटन से गुज़रते हैं (टकमैन); आकार, भूमिकाएँ, मानदंड, प्रस्थिति और संसंजन उन्हें आकार देते हैं, सामाजिक आलस्य और समूहचिंतन जोखिम हैं; दल समस्या-समाधान, स्व-प्रबंधित, पार-कार्यात्मक या आभासी होते हैं; नेतृत्व गुणों और व्यवहारों से आकस्मिकता (फ़ीडलर, हर्सी-ब्लैंचर्ड, हाउस) और रूपांतरणकारी मॉडलों तक चलता है, फ़्रेंच और रेवन के शक्ति के पाँच आधारों पर टिका।
- संरचना के छह तत्त्व कार्य विशेषज्ञता, विभागीकरण, आदेश शृंखला, नियंत्रण का विस्तार, केंद्रीकरण और औपचारिकीकरण हैं; संकीर्ण विस्तार ऊँची और विस्तृत विस्तार सपाट संरचनाएँ बनाते हैं; संरचना रणनीति का अनुसरण करती है (चैंडलर 1962); अभिकल्प सरल, नौकरशाही, मैट्रिक्स (दोहरा आदेश), आभासी (बाह्य-स्रोतित), सीमाहीन और स्त्रैण हैं, और खुले तंत्रों के रूप में संगठनों को परिवेश और प्रौद्योगिकी के अनुरूप ढलना होता है।
अभ्यास प्रश्न (10)
उत्तर खोलने से पहले प्रत्येक प्रश्न हल करें। हर व्याख्या सही विकल्प के साथ लुभावना गलत विकल्प भी बताती है, क्योंकि अंक वहीं जाते हैं।
हर्ज़बर्ग के द्वि-कारक सिद्धांत में निम्नलिखित में से कौन-सा अभिप्रेरक के बजाय स्वास्थ्य-कारक है?
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उत्तर: D — वेतन
वेतन, पर्यवेक्षण, कंपनी नीति और कार्य दशाएँ स्वास्थ्य-कारक हैं जो असंतोष रोकते हैं। मान्यता, उपलब्धि, उत्तरदायित्व, स्वयं कार्य और उन्नति अभिप्रेरक हैं।एक यात्रा कंपनी ऐसे विक्रय लक्ष्य तक पहुँचने पर बड़ा बोनस घोषित करती है जिसे कर्मचारी पहुँचना असंभव मानते हैं। व्रूम का प्रत्याशा सिद्धांत दुर्बल अभिप्रेरणा का पूर्वानुमान करता है क्योंकि
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उत्तर: C — प्रत्याशा, यह विश्वास कि प्रयास से अपेक्षित निष्पादन होगा, शून्य के निकट है
अभिप्रेरणा प्रत्याशा, साधनता और संयोजकता पर एक साथ निर्भर है; यदि कर्मचारी सोचें कि कोई प्रयास लक्ष्य तक नहीं पहुँच सकता, तो प्रत्याशा शून्य के निकट है और आकर्षक पुरस्कार प्रेरित नहीं करता। स्वास्थ्य-कारक हर्ज़बर्ग के और संबद्धता मैक्लीलैंड की है।किसी रिसॉर्ट में 216 अग्रपंक्ति कर्मचारी हैं। हर पर्यवेक्षक 6 अग्रपंक्ति कर्मचारियों की और हर प्रबंधक 6 पर्यवेक्षकों की देखरेख करता है। रिसॉर्ट को कितने प्रबंधक चाहिए?
संख्यात्मक उत्तर — मान टाइप करें।
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उत्तर: 6
आवश्यक पर्यवेक्षक 216 / 6 = 36 हैं, और आवश्यक प्रबंधक 36 / 6 = 6 हैं। विस्तारों को चौड़ा करने से पर्यवेक्षकों और प्रबंधकों की संख्या घटेगी और संरचना सपाट होगी।एक आयोजन कंपनी एक विक्रय कार्यकारी को छह माह हेतु एक सम्मेलन परियोजना दल में लगाती है; वह विक्रय प्रमुख और परियोजना प्रबंधक दोनों को रिपोर्ट करती है। यह किसकी विशेषता है?
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उत्तर: C — मैट्रिक्स संरचना
मैट्रिक्स कार्यात्मक और परियोजना विभागीकरण को जोड़ता है, दोहरी आदेश शृंखला देते हुए और आदेश की एकता तोड़ते हुए। सरल संरचना अधिकार एक व्यक्ति में केंद्रित करती है, और आभासी संगठन प्रमुख कार्यों को बाह्य-स्रोत देता है।1977 में विघटन जोड़े जाने के बाद टकमैन के समूह विकास मॉडल में कितने चरण हैं? संख्या लिखिए।
संख्यात्मक उत्तर — मान टाइप करें।
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उत्तर: 5
चरण निर्माण, संघर्ष, मानदंडीकरण, निष्पादन और विघटन हैं, कुल पाँच; मूल 1965 के मॉडल में पहले चार थे।निम्नलिखित में से कौन-से रॉबिन्स द्वारा पहचाने गए और पाठ्यक्रम में नामित संगठन संरचना के छह प्रमुख तत्त्वों में हैं? सभी सही विकल्प चुनिए।
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उत्तर: C — नियंत्रण का विस्तार; D — औपचारिकीकरण
छह तत्त्व कार्य विशेषज्ञता, विभागीकरण, आदेश शृंखला, नियंत्रण का विस्तार, केंद्रीकरण और विकेंद्रीकरण, और औपचारिकीकरण हैं। संस्कृति और अभिप्रेरणा महत्त्वपूर्ण हैं पर संरचना के तत्त्व नहीं हैं।जिस हेड शेफ़ का अनुसरण उसके रसोइए इसलिए करते हैं कि वे उसकी प्रशंसा करते हैं और उसके जैसा बनना चाहते हैं, वह फ़्रेंच और रेवन की योजना में शक्ति के किस आधार का प्रयोग कर रहा है?
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उत्तर: D — संदर्भ शक्ति
संदर्भ शक्ति प्रशंसित होने और तादात्म्य से आती है, और यह पद से बँधी होने के बजाय व्यक्तिगत है। वैध, पुरस्कार और दंडात्मक शक्ति औपचारिक पद से आती हैं।अभिकथन (A): अल्फ़्रेड चैंडलर ने बड़ी फ़र्मों के अपने अध्ययन से निष्कर्ष निकाला कि संरचना रणनीति का अनुसरण करती है। कारण (R): चैंडलर ने पाया कि फ़र्में पहले एक संरचना चुनती हैं और फिर उसके अनुरूप रणनीति बनाती हैं।
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उत्तर: C — A सत्य है, पर R असत्य है
A सत्य है और R असत्य। स्ट्रैटेजी एंड स्ट्रक्चर (1962) में चैंडलर ने पाया कि फ़र्मों ने पहले विविधीकरण द्वारा रणनीति बदली, और फिर बहुप्रभागीय रूपों की ओर बढ़ते हुए अपनी संरचना बदली; R यह क्रम उलट देता है।निम्नलिखित में से कौन-से अभिप्रेरणा के प्रक्रिया सिद्धांत हैं, जो यह समझाते हैं कि अभिप्रेरणा कैसे काम करती है न कि क्या प्रेरित करता है? सभी सही विकल्प चुनिए।
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उत्तर: A — एडम्स का समता सिद्धांत; C — लॉक का लक्ष्य-निर्धारण सिद्धांत; D — व्रूम का प्रत्याशा सिद्धांत
प्रत्याशा, समता और लक्ष्य-निर्धारण सिद्धांत उस प्रक्रिया का वर्णन करते हैं जिससे लोग प्रयास चुनते और बनाए रखते हैं। मैस्लो का पदानुक्रम एक विषयवस्तु सिद्धांत है, जो प्रेरित करने वाली आवश्यकताओं की पहचान करता है।एक टूर ऑपरेटर उत्पाद अभिकल्प और विपणन हेतु केवल एक छोटा मुख्य कार्यालय रखता है, और सभी कोच, होटल, गाइड और टिकटिंग अन्य फ़र्मों को अनुबंधित करता है। उसका संगठनात्मक अभिकल्प सबसे अच्छी तरह कहलाता है
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उत्तर: C — एक आभासी (जाल) संगठन
अपने प्रमुख व्यावसायिक कार्य बाह्य-स्रोत देने और साझेदारों का समन्वय करने वाला छोटा केंद्र एक आभासी या जाल संगठन है। नौकरशाही विशेषीकृत विभागों से नियमित काम स्वयं करती है, और मैट्रिक्स में दोहरी आदेश शृंखला होती है।