3. मूल, तने व पत्ती की प्राथमिक संरचना
मूल में एकस्तरीय बाह्यत्वचा (मूलीय त्वचा, epiblema) मूलरोम धारण करती है; चौड़ा मृदूतकी वल्कुट अंतस्त्वचा पर समाप्त होता है, जिसकी अरीय व अनुप्रस्थ भित्तियों पर सुबेरिन व लिग्निन युक्त कैस्पेरी पट्टी होती है, जो जल व आयनों को सिमप्लास्ट में जाने पर विवश करती है (पतली भित्ति वाली मार्ग कोशिकाएँ आदिदारु के सामने होती हैं)। इसके भीतर परिरंभ है, जो पार्श्व मूल आरंभ करता है (अतः वे अंतर्जात हैं) और द्विबीजपत्रियों में एधा का एक भाग भी बनाता है। जाइलम व फ्लोएम भिन्न त्रिज्याओं पर अलग-अलग, एकांतर पूल बनाते हैं (अरीय विन्यास), और जाइलम बाह्यादिदारुक (exarch) होता है, आदिदारु सबसे बाहर। तने में पूल संयुक्त होते हैं, जाइलम व फ्लोएम एक ही त्रिज्या पर, और जाइलम अंतरादिदारुक (endarch) होता है।
| अंग | द्विबीजपत्री | एकबीजपत्री |
|---|---|---|
| मूल | प्रायः दो से छह जाइलम पूल (द्विआदिदारुक से षट्आदिदारुक); मज्जा छोटी या अनुपस्थित; एधा बाद में बनती है | बहुआदिदारुक, प्रायः छह से अधिक जाइलम पूल; बड़ी मज्जा; द्वितीयक वृद्धि नहीं |
| तना | स्थूलकोणोतकी अधस्त्वचा; मज्जा के चारों ओर वलय में संयुक्त, बहिःफ्लोएमी, वर्धी (open) पूल (सुरंभ) | दृढ़ोतकी अधस्त्वचा; अविभेदित भरण ऊतक में बिखरे अवर्धी (closed) पूल, प्रत्येक दृढ़ोतक आच्छद में (विकीर्ण रंभ); मक्का में आदिदारु गुहिका; फ्लोएम मृदूतक नहीं |
| पत्ती | पृष्ठाधारी (dorsiventral): ऊपर खंभ ऊतक, नीचे स्पंजी पर्णमध्योतक, निचली सतह पर अधिक रंध्र | घासों में समद्विपार्श्विक (isobilateral): अविभेदित पर्णमध्योतक, दोनों सतहों पर रंध्र, ऊपरी बाह्यत्वचा में आवर्ध त्वक कोशिकाएँ (bulliform cells), जो स्फीति खोने पर पत्ती को मोड़ देती हैं |
पूलों के प्रकार जाइलम व फ्लोएम के विन्यास से निकलते हैं: अरीय (मूल); संयुक्त बहिःफ्लोएमी (collateral), फ्लोएम जाइलम के बाहर, द्विबीजपत्री तनों में एधा सहित वर्धी और एकबीजपत्रियों में अवर्धी; द्विपार्श्व (bicollateral), फ्लोएम दोनों ओर, जैसे Cucurbitaceae व Solanaceae में; और संकेंद्री, जो या तो एम्फ़िक्रिब्रल (फ्लोएम जाइलम को घेरे, फ़र्नों में सामान्य) या एम्फ़िवेसल (जाइलम फ्लोएम को घेरे, जैसे Dracaena के द्वितीयक पूलों में) होते हैं। C4 पत्तियाँ क्रांज़ शारीरिकी दिखाती हैं: पर्णमध्योतक से घिरी, हरितलवक-समृद्ध पूलाच्छद कोशिकाएँ।