साहित्यिक रूप, विधाएँ और अभिव्यक्ति के ढंग
2. कविता: प्रकार, रूप व छंद
कविता तीन व्यापक प्रकारों में बँटती है। गीति (lyric) काव्य एकल वक्ता के विचार या भाव को स्वर देता है और इसमें सॉनेट, ode, शोकगीत व गीत आते हैं। आख्यानात्मक (narrative) काव्य कथा कहता है और इसमें महाकाव्य (दीर्घ, वीरतापूर्ण, in medias res आरंभ व आह्वान सहित) तथा ballad (गीतनुमा छंदों में लघु लोक-आख्यान) आते हैं। नाट्यात्मक (dramatic) काव्य ऐसा वक्ता देता है जो स्पष्टतः कवि नहीं है, जैसे नाट्य एकालाप (dramatic monologue), जो सबसे बढ़कर Robert Browning से जुड़ा है (Tennyson ने भी ऐसी कविताएँ लिखीं), जिसमें कोई पात्र किसी मौन श्रोता के सामने अनजाने ही स्वयं को उजागर कर देता है।
| रूप | परिभाषक लक्षण |
|---|---|
| सॉनेट | 14 पंक्तियाँ; Petrarchan (octave + sestet, मोड़ या volta सहित) या Shakespearean (तीन quatrain + एक couplet) |
| विलेनेल | 19 पंक्तियाँ, पाँच tercet व एक quatrain, दो क्रमिक refrain पर आधारित |
| हाइकु | परंपरागत रूप से 17 ध्वनि-इकाइयों (अंग्रेज़ी में अक्षरों के रूप में गिनी) का जापानी रूप, 5, 7 व 5 की तीन पंक्तियों में, प्रायः प्रकृति पर |
| ode / शोकगीत | ode: प्रशंसा का गंभीर, उदात्त गीति; शोकगीत: मृतक के शोक का काव्य |
| ग़ज़ल | स्वायत्त शेरों का फ़ारसी-उर्दू रूप, साझा क़ाफ़िया व रदीफ़ सहित |
छंद (metre) बलाघातयुक्त व बलाघातहीन अक्षरों का नियमित प्रतिरूप है, जो गणों (feet) में मापा जाता है। सामान्य अंग्रेज़ी गण हैं — iamb (बलहीन-बलयुक्त, सामान्य वाक्-लय), trochee (बलयुक्त-बलहीन), anapaest (दो बलहीन, एक बलयुक्त), dactyl (एक बलयुक्त, दो बलहीन) तथा spondee (दो बलयुक्त)। पंक्ति का नाम उसके गणों की संख्या से होता है: trimeter (तीन), tetrameter (चार), pentameter (पाँच), hexameter (छह)। Iambic pentameter — पाँच iamb, दस अक्षर — अंग्रेज़ी पद्य की आधार-पंक्ति है। Blank verse अतुकांत iambic pentameter है (Milton का Paradise Lost); free verse नियमित छंद व तुक दोनों छोड़ देता है (Whitman)।
3. नाटक: प्रकार व नाट्य-तकनीक
नाटक का सबसे प्राचीन विभाजन त्रासदी (tragedy) व कॉमेडी (comedy) है। अरस्तू का Poetics त्रासदी को किसी गंभीर क्रिया के अनुकरण के रूप में वर्णित करता है जिसमें उच्च-स्थिति का नायक hamartia (भूल या दोष) के कारण पतित होता है, कथानक peripeteia (भाग्य-विपर्यय) व anagnorisis (पहचान) पर घूमता है, तथा करुणा व भय जगाकर catharsis (उनका विरेचन) साधता है। कॉमेडी मेल-मिलाप, विवाह या पुनर्स्थापित व्यवस्था पर समाप्त होती है; tragicomedy दोनों को मिलाती है; इतिहास-नाटक (history play) इतिवृत्त-अतीत का नाट्यीकरण करता है; farce व्यापक हँसी हेतु अतिरंजना करती है; और comedy of manners (Restoration नाटक, बाद में Wilde) फ़ैशनपरस्त समाज की आचार-संहिताओं पर व्यंग्य करती है।
- Soliloquy (स्वगत कथन): मंच पर अकेला पात्र अपने भीतरी विचार ज़ोर से कहता है। Aside (जनांतिक) संक्षिप्त होता है, दर्शकों (या एक पात्र) से कहा जाता है और समझा जाता है कि उपस्थित अन्य पात्र उसे नहीं सुनते।
- Dramatic irony (नाट्य विडंबना): दर्शक वह जानते हैं जो पात्र नहीं जानता, अतः पात्र के शब्द ऐसा अर्थ धारण करते हैं जो वह स्वयं नहीं देख पाता।
- Theatre of the Absurd (बेतुका रंगमंच) (Beckett, Ionesco आदि के लिए Martin Esslin द्वारा गढ़ा लेबल) एक निरर्थक, अतार्किक संसार मंचित करता है; closet drama अभिनय के बजाय पढ़े जाने हेतु लिखा जाता है।
4. कथा-साहित्य: उपन्यास, लघुकथा व ग्राफ़िक आख्यान
उपन्यास (novel) एक विस्तृत गद्य-आख्यान है, और उसकी उपविधाएँ प्रतिरूप से नामित होती हैं। bildungsroman नायक के किशोरावस्था से परिपक्वता तक के विकास का अनुसरण करता है (Great Expectations, Jane Eyre); epistolary उपन्यास पत्रों व दस्तावेज़ों के माध्यम से कहा जाता है (Pamela, Dracula); picaresque किसी धूर्त, निम्न-कुलोत्पन्न नायक के खंडात्मक कारनामों का अनुगमन करता है; Gothic (Walpole के The Castle of Otranto से) आतंक, खंडहरों व अलौकिक का व्यापार करता है; ऐतिहासिक उपन्यास किसी अतीत युग का पुनर्निर्माण करता है; और stream-of-consciousness कथा मन के अविच्छिन्न प्रवाह को निरूपित करती है (Joyce, Woolf)।
आख्यान-तकनीक (narrative technique) यह है कि कथा कैसे कही जाती है। दृष्टिकोण (point of view) प्रथम-पुरुष हो सकता है (ऐसा वाचक जो 'मैं' कहता है व भाग लेता है) या तृतीय-पुरुष, जो या तो सर्वज्ञ (omniscient) (अनेक मनों तक पहुँच) है या सीमित (limited) (एक से बँधा)। Focalization उस परिप्रेक्ष्य को नाम देता है जिससे घटनाएँ देखी जाती हैं, जो आवश्यक नहीं कि वाचक का हो। Free indirect discourse पात्र के विचार को तृतीय-पुरुष व भूतकाल में, पर पात्र के अपने मुहावरे सहित, 'उसने सोचा' जैसे चिह्न के बिना निरूपित करता है (Austen, Flaubert)। अविश्वसनीय वाचक (unreliable narrator) इस ढंग से कहता है कि पाठक को उसे सुधारना पड़ता है। रूपवादी (Formalist) कथा (story) (घटनाएँ अपने स्वाभाविक क्रम में, fabula) को कथानक (plot) (पाठ में उनका विन्यास, sjuzhet) से अलग करते हैं।
लघुकथा (short story) एक सघन गद्य-कथा है; Edgar Allan Poe का तर्क था कि यह एक ही बैठक में पढ़े जाने योग्य एकल प्रभाव-एकता (unity of effect) का लक्ष्य रखे। ग्राफ़िक आख्यान (graphic narrative) क्रमिक चित्रों व पाठ के माध्यम से कथा कहता है। उसकी शब्दावली में panel (एक फ़्रेमबद्ध चित्र), gutter (panel के बीच का अंतराल, जिसके आर-पार पाठक जोड़ने वाली क्रिया का अनुमान लगाता है) व speech balloon आते हैं; graphic novel शब्द को Will Eisner ने लोकप्रिय किया, और Art Spiegelman के Maus ने Pulitzer पुरस्कार जीता।
5. सर्जनात्मक नॉन-फ़िक्शन व नॉन-फ़िक्शन गद्य
नॉन-फ़िक्शन गद्य वास्तविक संसार के विषय में लेखन है, और उसका बहुत-सा भाग साहित्य के शिल्प से गढ़ा जाता है। निबंध (essay) उसका केंद्रीय रूप है: Michel de Montaigne ने अपने शिथिल, अन्वेषी Essais में इसे फ़्रांसीसी essai (प्रयास या परीक्षण) से नाम दिया, जबकि Francis Bacon ने पहले प्रभावशाली अंग्रेज़ी निबंध एक संक्षिप्त, सूक्तिपरक शैली में लिखे। बाद में Charles Lamb व William Hazlitt के घरेलू (या व्यक्तिपरक) निबंध ने Bacon के संपीडन के विरुद्ध एक आत्मीय, विषयांतरी स्वर स्थापित किया।
- आत्मकथा (autobiography) व संस्मरण (memoir) दोनों किसी वास्तविक जीवन को भीतर से वर्णित करते हैं, पर आत्मकथा जीवन के विस्तार को ढकती है जबकि memoir विशिष्ट प्रसंगों, संबंधों या विषयों पर केंद्रित होता है; जीवनी (biography) किसी अन्य द्वारा लिखा गया जीवन है।
- यात्रा-लेखन (travel writing) यात्राओं व स्थानों को अंकित करता है; साहित्यिक पत्रकारिता (literary journalism) (और Truman Capote व Tom Wolfe की बाद की अमेरिकी 'New Journalism') तथ्य को कथा के दृश्य-निर्माण व स्वर के साथ प्रस्तुत करती है।
- पूर्ववर्ती गद्य में भी यही विस्तार दिखता है: मध्यकालीन इतिवृत्त व उपदेश, Thomas Malory का गद्य-रोमांस Le Morte Darthur, और अठारहवीं सदी में Addison व Steele के The Spectator का पत्रिका-निबंध (periodical essay)।
6. अलंकार व आलंकारिक युक्तियाँ
अलंकार अर्थ-परिवर्तक अलंकार (tropes) व विन्यास-अलंकार (schemes) में बँटते हैं। Trope किसी शब्द के शाब्दिक अर्थ को मोड़ता या बदलता है; scheme विन्यास का अलंकार है जो शब्दों के अर्थ को बदले बिना उनके सामान्य क्रम या ध्वनि को बदलता है। Metaphor, metonymy व irony — tropes हैं; anaphora व chiasmus — schemes हैं। (ये पद पाश्चात्य अलंकार-शास्त्र के हैं; संस्कृत काव्यशास्त्र के शब्दालंकार/अर्थालंकार भेद से इन्हें एकदम समान न मानें।) यह भेद इसलिए महत्त्वपूर्ण है कि यह शब्द का अर्थ क्या है को शब्द कैसे रखे गए हैं से अलग करता है।
| अलंकार | यह क्या करता है |
|---|---|
| Metaphor / Simile | असमान वस्तुओं के बीच अंतर्निहित तदाकारता; simile उसे 'like' या 'as' से स्पष्ट करता है |
| Metonymy / Synecdoche | Metonymy किसी संबद्ध वस्तु को प्रतिस्थापित करता है ('the crown' राजतंत्र हेतु); synecdoche अंश को समग्र हेतु प्रयोग करता है ('all hands on deck') |
| Irony | जो कहा गया व जो अभिप्रेत है, उनके बीच का अंतराल |
| Oxymoron / Paradox | Oxymoron विरोधी पदों को जोड़ता है ('bittersweet'); paradox ऐसा कथन है जो स्व-विरोधी लगता है फिर भी सत्य रखता है |
| Hyperbole / Litotes | Hyperbole अतिशयोक्ति करता है; litotes विपरीत का निषेध कर अल्पोक्ति करता है ('not bad') |
विन्यास-अलंकार क्रम व ध्वनि पर काम करते हैं। Anaphora क्रमिक उपवाक्यों के आरंभ में एक ही शब्द दोहराता है; chiasmus पहले उपवाक्य के व्याकरणिक क्रम को दूसरे में उलट देता है (ABBA, जैसे 'ask not what your country can do for you; ask what you can do for your country'); antithesis विरोधी विचारों को समांतर रखता है; alliteration आरंभिक व्यंजन-ध्वनियाँ दोहराता है और assonance स्वर-ध्वनियाँ। समस्त प्रेरक लेखन के मूल में अरस्तू की तीन आलंकारिक अपीलें हैं: ethos (वक्ता की विश्वसनीयता), pathos (भावना) व logos (तर्क)।
मुख्य बिंदु
- विधा रूढ़ि से नियत लेखन-प्रकार है, रूप वह आकार है जो पाठ धारण करता है, और ढंग (त्रासद, हास्य, व्यंग्य, चरवाही (pastoral)) वह रीति है जो विधाओं के आर-पार जाती है। शास्त्रीय प्रकार हैं गीति, आख्यान/महाकाव्य व नाटक; विधा लेखक व पाठक के बीच अपेक्षा के अनुबंध की तरह काम करती है।
- कविता गीति, आख्यानात्मक या नाट्यात्मक है; नियत रूपों में 14-पंक्ति सॉनेट (Petrarchan या Shakespearean), 19-पंक्ति villanelle, 17-अक्षर हाइकु व ग़ज़ल आते हैं। छंद गणों में गिना जाता है (iamb, trochee, anapaest, dactyl, spondee); iambic pentameter में पाँच गण हैं, blank verse अतुकांत iambic pentameter है, free verse न छंद रखता है न तुक।
- नाटक त्रासदी, कॉमेडी, tragicomedy, इतिहास-नाटक व farce में बँटता है। अरस्तू के त्रासद पद हैं hamartia, peripeteia, anagnorisis व catharsis; soliloquy, aside व dramatic irony मंच-रूढ़ियाँ हैं। केवल क्रिया की एकता स्पष्टतः अरस्तू की है — नियम के रूप में तीन एकताएँ नव-शास्त्रीय हैं।
- उपन्यास की उपविधाओं में bildungsroman, epistolary, picaresque, Gothic, ऐतिहासिक व stream-of-consciousness आते हैं। आख्यान-तकनीक में दृष्टिकोण, focalization, free indirect discourse व कथा/कथानक (fabula/sjuzhet) भेद आते हैं। लघुकथा प्रभाव-एकता का लक्ष्य रखती है; ग्राफ़िक आख्यान panel व उनके बीच के gutter से काम करता है।
- नॉन-फ़िक्शन गद्य मध्यकालीन इतिवृत्त व उपदेश से लेकर निबंध (Montaigne ने नाम दिया, Bacon ने अंग्रेज़ी रूप दिया, Lamb व Hazlitt ने घरेलू बनाया), जीवनी व संस्मरण, यात्रा-लेखन व साहित्यिक पत्रकारिता तक फैला है। सर्जनात्मक नॉन-फ़िक्शन तथ्यगत सत्य रखता है पर कथा का शिल्प प्रयोग करता है।
- अलंकार अर्थ-परिवर्तक अलंकारों/tropes (metaphor, metonymy, synecdoche, irony, oxymoron, hyperbole, litotes), जो अर्थ बदलते हैं, और विन्यास-अलंकारों (anaphora, chiasmus, antithesis, alliteration, assonance), जो शब्द व ध्वनि को क्रमित करते हैं, में बँटते हैं। अनुनय अरस्तू के ethos, pathos व logos पर टिका है।
अभ्यास प्रश्न (16)
उत्तर खोलने से पहले प्रत्येक प्रश्न हल करें। हर व्याख्या सही विकल्प के साथ लुभावना गलत विकल्प भी बताती है, क्योंकि अंक वहीं जाते हैं।
कौन-सा पद प्रस्तुति के ऐसे व्यापक ढंग को सबसे अच्छी तरह नाम देता है — जैसे त्रासद, हास्य, व्यंग्य या चरवाही (pastoral) — जो अनेक भिन्न विधाओं में प्रकट हो सकता है?
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उत्तर: A — ढंग (mode)
ढंग (mode) प्रस्तुति की वह रीति है (त्रासद, हास्य, व्यंग्य, चरवाही (pastoral)) जो विधाओं के आर-पार चलती है, अतः त्रासद ढंग किसी कविता, नाटक या उपन्यास को रंग सकता है। विधा अपनी रूढ़ियों सहित एक विशिष्ट लेखन-प्रकार है, रूप वह विशेष आकार है जो पाठ धारण करता है, और कैनन किसी परंपरा के केंद्रीय माने गए कृति-समूह को कहते हैं। विधा भ्रामक उत्तर है क्योंकि त्रासद को प्रायः विधा भी माना जाता है, पर प्रश्न उस पद को पूछता है जो विधाओं के आर-पार जाए, वह है ढंग।चौदह-पंक्ति की एक प्रेम-कविता तीन quatrain के बाद एक तुकांत couplet के रूप में, पूरी iambic pentameter में रची गई है। यह संरचना इसे किस रूप के रूप में पहचानती है?
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उत्तर: A — Shakespearean (अंग्रेज़ी) सॉनेट
iambic pentameter में तीन quatrain व एक समापक couplet (तुक ababcdcdefefgg) Shakespearean या अंग्रेज़ी सॉनेट की पहचान है। Petrarchan सॉनेट भी चौदह पंक्तियों का है पर आठ-पंक्ति octave व छह-पंक्ति sestet में बँटता है, अतः वही प्रबलतम भ्रामक विकल्प है; villanelle (उन्नीस पंक्तियाँ) व sestina (उनतालीस पंक्तियाँ) में तो चौदह पंक्तियाँ ही नहीं होतीं। केवल पंक्ति-योग नहीं, छंद-आकृति गिनना ही दोनों सॉनेट-प्रकारों को अलग करता है।अरस्तू के Poetics में, कौन-सा पद त्रासद नायक की उस भूल या दोष को नाम देता है जो महाविपत्ति लाता है?
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उत्तर: C — Hamartia
Hamartia नायक की वह भूल या दोष है जो त्रासद पतन की ओर ले जाता है। Catharsis दर्शकों पर भावनात्मक प्रभाव है, peripeteia भाग्य-विपर्यय है, और anagnorisis पहचान है; तीनों अरस्तू के वास्तविक पद हैं, इसीलिए वे लुभाते हैं, पर केवल hamartia उस मूल भूल को नाम देता है।एक आलोचक दावा करता है कि अरस्तू के Poetics ने क्रिया, काल व स्थान की 'तीन एकताओं' का पूरा नियम निर्धारित किया। इस दावे का आकलन कैसे किया जाना चाहिए?
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उत्तर: A — यह काफ़ी हद तक अशुद्ध है: Poetics में केवल क्रिया की एकता स्पष्ट है, पूरा नियम नव-शास्त्रीय है
केवल क्रिया की एकता अरस्तू ने स्पष्टतः प्रतिपादित की; काल की एकता का उल्लेख ढीला है और स्थान की एकता बाद का जोड़ है, पूरा तीन-एकता नियम इतालवी व फ़्रांसीसी नव-शास्त्रीय आलोचकों ने संहिताबद्ध किया। यह दावा कि तीनों Poetics में स्पष्ट बाध्यकारी नियम हैं, सामान्य भूल है। उन्हें Horace को देना भी ग़लत है, और एकताओं का Theatre of the Absurd से विशेष कोई संबंध नहीं।एक उपन्यास अपने नायक का अनुसरण एक कष्टमय बचपन से शिक्षा, भूल व आत्मज्ञान होते हुए स्थिर परिपक्वता तक करता है। यह किस उपविधा का वर्णन है?
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उत्तर: B — bildungsroman
bildungsroman निर्माण का उपन्यास है, जो नायक के किशोरावस्था से परिपक्वता तक के विकास का अनुसरण करता है। epistolary उपन्यास अपने पत्र-रूप से, picaresque खंडात्मक धूर्तता से, और Gothic आतंक व अलौकिक से परिभाषित होता है; इनमें से कोई भी उस मनोवैज्ञानिक व नैतिक विकास-चाप पर केंद्रित नहीं जो bildungsroman को परिभाषित करता है।विचार कीजिए: 'Oh, this was unbearable. How could he be so late again, today of all days?' — यह तृतीय-पुरुष, भूतकालीन आख्यान में बिना किसी चिह्न जैसे 'she thought' के निरूपित है। कौन-सी तकनीक प्रयुक्त हो रही है?
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उत्तर: B — मुक्त परोक्ष कथन (free indirect discourse)
अंश पात्र के अपने मुहावरे व विस्मयादिबोधक ('Oh, this was unbearable') को रखता है फिर भी तृतीय-पुरुष व भूतकाल में, बिना किसी निरूपण-चिह्न के रहता है: यही free indirect discourse है। यह द्वितीय-पुरुष संबोधन नहीं है, और यह प्रथम-पुरुष वाचक है ही नहीं, विश्वसनीय हो या न हो; न ही यह अलिप्त सर्वज्ञ सारांश है, क्योंकि हम पात्र के स्वर के भीतर हैं। बिना चिह्न के रखे मुहावरे को पहचानना ही कुंजी है।कॉमिक्स व ग्राफ़िक आख्यानों की शब्दावली में, 'gutter' पद किसका संकेत करता है?
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उत्तर: D — panel के बीच का अंतराल, जिसके आर-पार पाठक जोड़ने वाली क्रिया का अनुमान लगाता है
Gutter, panel के बीच का अंतराल है; पाठक मानसिक रूप से वह क्रिया भरता है जो एक panel को अगले से जोड़ती है (जिसे Scott McCloud 'closure' कहते हैं)। घेरने वाला फ़्रेम स्वयं panel है, balloon में संवाद रहता है, और caption box आख्यान वहन करता है, अतः वे तीनों पृष्ठ के अन्य भागों को नाम देते हैं।'Essay' शब्द, जो प्रयास या परीक्षण के अर्थ वाले एक फ़्रांसीसी शब्द से है, किस लेखक ने सर्वप्रथम किसी साहित्यिक रूप के नाम के रूप में अपनाया?
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उत्तर: B — Michel de Montaigne (मिशेल द मोंतेन)
Montaigne ने अपने अन्वेषी Essais से इस रूप को फ़्रांसीसी essai (प्रयास) से नाम दिया। Bacon ने पहले प्रभावशाली अंग्रेज़ी निबंध लिखे और वही प्रबलतम भ्रामक विकल्प हैं, पर उन्होंने पहले से गढ़ा नाम उधार लिया, आविष्कार नहीं किया; Lamb व Johnson कहीं बाद के निबंधकार हैं।एक पुस्तक लेखिका के अपने स्वर में केवल उन तीन वर्षों को कहती है जो उसने किसी युद्ध में परिचर्या करते बिताए, उसी अनुभव पर टिकते हुए, न कि अपने पूरे जीवन पर। कौन-सा लेबल इस पर सर्वाधिक सटीक बैठता है?
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उत्तर: B — संस्मरण (memoir)
प्रथम-पुरुष विवरण जो पूरे जीवन के बजाय किसी विशेष अवधि या विषय पर केंद्रित हो, वह संस्मरण (memoir) है। पूर्ण आत्मकथा जीवन के विस्तार को ढकती, अतः वही भ्रामक उत्तर है, पर तीन वर्षों तक सीमित होना इसे memoir बनाता है। जीवनी किसी अन्य द्वारा लिखी जाती है, और picaresque एक काल्पनिक रूप है, तथ्यपरक नहीं।'All hands on deck!' आदेश में, 'hands' शब्द, जो प्रत्येक नाविक का एक अंग है, स्वयं नाविकों हेतु प्रयुक्त है। यह अलंकार किसका उदाहरण है?
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उत्तर: A — Synecdoche
अंश (hands) को समग्र (नाविकों) हेतु प्रयोग करना synecdoche है। Personification अमानवीय वस्तुओं को मानवीय गुण देता है, simile 'like' या 'as' से स्पष्ट तुलना करता है, और litotes विपरीत का निषेध कर अल्पोक्ति करता है; इनमें से कोई अंश-हेतु-समग्र प्रतिस्थापन का वर्णन नहीं करता।'Ask not what your country can do for you; ask what you can do for your country.' दूसरा उपवाक्य पहले के व्याकरणिक क्रम को उलट देता है (ABBA)। यह कौन-सा अलंकार है?
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उत्तर: C — Chiasmus
Chiasmus पहले उपवाक्य के व्याकरणिक क्रम को दूसरे में उलट देता है, जिससे ABBA दर्पण बनता है। Anaphora उपवाक्यों के आरंभ में पुनरावृत्ति है, उलटाव नहीं; oxymoron विरोधी शब्दों को जोड़ता है, और hyperbole अतिशयोक्ति करता है, अतः कोई भी क्रॉस-संरचना को नाम नहीं देता। संकेत दोनों उपवाक्यों का दर्पणवत उलटा क्रम है।'Shall I compare thee to a summer's day' पंक्ति का scansion कीजिए और उसमें छंद-गणों (metrical feet) की संख्या बताइए। उत्तर एक पूर्ण संख्या में दीजिए।
संख्यात्मक उत्तर — मान टाइप करें।
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उत्तर: 5
पंक्ति पाँच iambic गणों में बँटती है: Shall I / com-pare / thee to / a sum / mer's day, दस अक्षर जो बलहीन-बलयुक्त क्रम में बदलते हैं। iamb के पाँच गण इसे iambic pentameter बनाते हैं, अतः गणों की संख्या 5 है। सामान्य भूल पाँच गणों के बजाय दस अक्षर बता देना, या इसे tetrameter (4) गिन लेना है।निम्नलिखित में से कौन-से काव्य-प्रकार नियत पंक्ति-संख्या या नियत अक्षर-संख्या से परिभाषित होते हैं?
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उत्तर: A — सॉनेट, चौदह पंक्तियों की कविता; B — villanelle, उन्नीस पंक्तियों की कविता, दो refrain सहित; D — हाइकु, परंपरागत रूप से पाँच, सात व पाँच की तीन पंक्तियों में सत्रह अक्षरों की कविता
सॉनेट (14 पंक्तियाँ), villanelle (19 पंक्तियाँ) व हाइकु (17 अक्षर) — सभी पंक्ति या अक्षर की गणना से नियत हैं। नाट्य एकालाप इसके बजाय अपनी आलंकारिक स्थिति से परिभाषित होता है — एकल वक्ता जो किसी मौन श्रोता के समक्ष स्वयं को उजागर करता है — और उसकी कोई नियत लंबाई नहीं, अतः वह गणना-आधारित रूपों में नहीं आता।निम्नलिखित में से कौन-से अलंकार अर्थ-परिवर्तक अलंकार (tropes, जो शाब्दिक अर्थ को मोड़ते या बदलते हैं) हैं, न कि विन्यास-अलंकार (schemes)?
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उत्तर: A — Metaphor; B — Irony; C — Metonymy
Metaphor, irony व metonymy — सभी किसी शब्द के शाब्दिक अर्थ को मोड़ते या खिसकाते हैं, अतः वे अर्थ-परिवर्तक अलंकार (tropes) हैं। Anaphora केवल किसी शब्द को क्रमिक उपवाक्यों के आरंभ में, उसका अर्थ बदले बिना, दोहराता है, जो उसे विन्यास-अलंकार (scheme) बनाता है, अतः वही इनमें नहीं आता।आख्यान के दृष्टिकोण व तकनीक के बारे में निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं?
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उत्तर: A — प्रथम-पुरुष वाचक 'I' का प्रयोग करता है और कथा के भीतर प्रतिभागी या प्रेक्षक होता है; B — तृतीय-पुरुष सर्वज्ञ वाचक एक से अधिक पात्रों के विचार बता सकता है; D — Focalization उस परिप्रेक्ष्य को नाम देता है जिससे आख्यानित घटनाएँ देखी जाती हैं
प्रथम-पुरुष वाचक 'I' कहता है व कथा का अंग है, सर्वज्ञ तृतीय-पुरुष वाचक अनेक मनों में प्रवेश कर सकता है, और focalization वह परिप्रेक्ष्य है जिससे घटनाएँ देखी जाती हैं। अविश्वसनीय वाचक के बारे में कथन परिभाषा से ही ग़लत है: अविश्वसनीय वाचक ठीक वही है जिसके विवरण पर पाठक को अविश्वास कर उसे सुधारना पड़ता है, अतः वही कथन टिकता नहीं।निम्नलिखित में से कौन-से सामान्यतः कविता या नाटक के बजाय नॉन-फ़िक्शन या सर्जनात्मक नॉन-फ़िक्शन गद्य के रूप में वर्गीकृत होते हैं?
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उत्तर: A — व्यक्तिपरक (घरेलू) निबंध; C — संस्मरण (memoir); D — साहित्यिक पत्रकारिता (literary journalism)
व्यक्तिपरक निबंध, संस्मरण व साहित्यिक पत्रकारिता — सभी गद्य-रूप हैं जो वास्तविक संसार पर विवरण या चिंतन करते हैं, और संस्मरण व साहित्यिक पत्रकारिता तो सीधे सर्जनात्मक नॉन-फ़िक्शन के अंतर्गत आते हैं। महाकाव्य एक दीर्घ आख्यानात्मक कविता है, अतः वह कविता का अंग है, नॉन-फ़िक्शन गद्य का नहीं, और वही इनमें नहीं बैठता।