जीवाश्म ऊर्जा संसाधन: R/P अनुपात, भंडार, अपारंपरिक गैस तथा शिखर तेल

यह अध्याय अभियांत्रिकी विज्ञान (XE) पेपर की ऊर्जा विज्ञान सामग्री का पहला अध्याय है और XE8 ऊर्जा विज्ञान (नौ वैकल्पिक खंडों में से एक, जिनमें से परीक्षा में कोई दो चुने जाते हैं) के खंड XE8.1 (ऊर्जा संसाधन तथा रूपांतरण प्रौद्योगिकियाँ) के पहले विषय का उत्तर देता है: “जीवाश्म ऊर्जा संसाधन: R/P अनुपात, भंडारों का आकलन, अपारंपरिक जीवाश्म संसाधन (कोल बेड मीथेन, शेल गैस, गैस हाइड्रेट, हिमीकृत मीथेन), शिखर तेल सिद्धांत।” यह ऊष्मीय मान की मूल बातें, माँग-वृद्धि सहित व रहित R/P अनुपात, भंडार व संसाधन की श्रेणियाँ और आयतनिक आकलन, प्रमुख अपारंपरिक संसाधन तथा हबर्ट का लॉजिस्टिक शिखर-तेल मॉडल पढ़ाता है। संख्यात्मक प्रश्न बढ़ती माँग में आयु, आयतनिक भंडार, लैंगम्यूर गैस-मुक्ति, HHV से LHV, तथा लॉजिस्टिक शिखर उत्पादन, रैखिकीकरण व ह्रास-समय हैं।

1. जीवाश्म ईंधन तथा ऊष्मीय मान: मूल बातें

जीवाश्म ईंधन (कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस) प्राचीन जीवों के दबे, आंशिक रूप से अपघटित अवशेष हैं, इसलिए ये एक भंडार (stock) हैं: ये भूवैज्ञानिक समय में बनते हैं और मानव-समय में खर्च होते हैं, अतः अनवीकरणीय हैं। कोयला मुख्यतः कार्बन है, साथ में हाइड्रोजन, ऑक्सीजन, सल्फर, नमी व राख; कच्चा तेल हाइड्रोकार्बनों का मिश्रण है; प्राकृतिक गैस मुख्यतः मीथेन (CH₄) है। कोयले से तेल और फिर गैस की ओर H/C अनुपात बढ़ता है, इसीलिए गैस प्रति इकाई ऊष्मा सबसे कम CO₂ देती है।

ऊष्मीय मान वह ऊष्मा है जो इकाई द्रव्यमान (या आयतन) ईंधन के पूर्ण दहन तथा उत्पादों के संदर्भ तापमान पर लौटने पर निकलती है। उच्च (सकल) ऊष्मीय मान, HHV में हाइड्रोजन के दहन से बने जल के संघनन की गुप्त ऊष्मा गिनी जाती है; निम्न (शुद्ध) ऊष्मीय मान, LHV में माना जाता है कि वह जल वाष्प बनकर निकल जाता है। 1 kg हाइड्रोजन से 9 kg जल बनता है (2 H₂ + O₂ → 2 H₂O, 4 g से 36 g), अतः हाइड्रोजन द्रव्यमान-अंश h तथा नमी-अंश w वाले ईंधन के लिए:

LHV = HHV − (9h + w) × h_fg, जहाँ सामान्य तापमान पर h_fg ≈ प्रति kg जल 2.44 MJ।

⚠️ परीक्षा जाल
दोनों मानों में अंतर केवल जल की गुप्त ऊष्मा के कारण है। जिस ईंधन में न हाइड्रोजन हो न नमी (शुद्ध कार्बन) उसके लिए HHV = LHV। बिना आधार बताए दी गई दक्षता अर्थहीन है। किसी भी दक्षता या उत्सर्जन आँकड़े में HHV या LHV का आधार बताइए; इन्हें मिला देने से प्राकृतिक गैस के लिए लगभग 10 प्रतिशत तक की त्रुटि आती है।

2. R/P अनुपात तथा उसकी सीमाएँ

भंडार-उत्पादन अनुपात R/P = (वर्ष के अंत में शेष सिद्ध भंडार) ÷ (उस वर्ष का उत्पादन) है, वर्षों में। यह बताता है कि यदि उत्पादन इसी वर्ष की दर पर बना रहे तो भंडार कितने वर्ष चलेंगे। यह दुर्लभता का त्वरित सूचकांक है और क्षेत्रों या ईंधनों की तुलना के लिए उपयोगी है, किंतु यह समाप्ति का पूर्वानुमान नहीं है।

  • उत्पादन स्थिर नहीं रहता: माँग बढ़ने पर भंडार R/P से पहले चुक जाते हैं; क्षेत्र का उत्पादन-प्रोफ़ाइल घटने पर पूँछ लंबी हो जाती है।
  • भंडार स्थिर नहीं हैं: मूल्य-वृद्धि, उन्नत तकनीक और नई खोजें संसाधनों को भंडार में बदलती हैं, इसलिए R/P दशकों तक लगभग स्थिर रह सकता है।
  • भंडार के आँकड़ों में रिपोर्टिंग-अनिश्चितता होती है और वे प्रयुक्त परिभाषा (सिद्ध या सिद्ध-सह-संभावित) पर निर्भर करते हैं।
  • उत्पादन भूमिगत मात्रा से ही नहीं, कुओं व खदानों की प्रदाय-दर से भी सीमित होता है।

बढ़ती खपत। यदि पहले वर्ष का उत्पादन P₀ है और वह भिन्नात्मक दर g से चरघातांकी रूप में बढ़ता है, तो भंडार R जितने समय T तक चलता है वह R = ∫₀ᵀ P₀ e^(gt) dt = P₀ (e^(gT) − 1)/g से मिलता है। अतः

T = (1/g) ln(1 + g R/P₀)।

हल किया उदाहरण: R/P₀ = 50 वर्ष और g = 2 प्रतिशत प्रतिवर्ष से T = ln(1 + 0.02 × 50)/0.02 = ln 2/0.02 = 34.7 वर्ष, 50 नहीं। g → 0 पर T → R/P₀ (जाँच: ln(1+x) ≈ x)। g = 0 हो तो सूत्र सीधे अनुपात बन जाता है।

⚠️ परीक्षा जाल
वृद्धि के साथ आयु हमेशा R/P से कम होती है। सामान्य भूल है बढ़ती माँग पर T = R/P लगा देना, या यह भूलना कि भंडार और उत्पादन की इकाइयाँ संगत हों (बैरल के साथ बैरल प्रतिवर्ष)।

3. संसाधन, भंडार तथा उनका आकलन

संसाधन वह संपूर्ण संचय है जिसके अस्तित्व में होने का विश्वास है, जिसमें अनखोजे तथा अलाभकारी भाग भी शामिल हैं। भंडार वह भाग है जो खोजा जा चुका हो, तकनीकी रूप से निष्कर्षणीय हो और वर्तमान अर्थशास्त्र व नियमों में व्यावसायिक रूप से लाभकारी हो। अतः भंडार संसाधनों का उपसमुच्चय हैं और मूल्य व तकनीक के साथ बदलते हैं; संसाधन केवल भूविज्ञान व खोज से बदलते हैं।

भंडार की श्रेणियाँ संचयी हैं; जितनी आशावादी श्रेणी, उतनी बड़ी मात्रा और उतना कम विश्वास।
श्रेणीअर्थ (प्रायिकता परंपरा)प्रचलित नाम
सिद्धकम-से-कम 90 प्रतिशत संभावना कि इतनी या अधिक मात्रा निकलेगी1P, P90
संभावितसिद्ध और संभावित मिलाकर कम-से-कम 50 प्रतिशत संभावना (सर्वोत्तम आकलन)2P, P50
संभाव्यसिद्ध + संभावित + संभाव्य कम-से-कम 10 प्रतिशत संभावना (आशावादी)3P, P10

तेल-क्षेत्र का आयतनिक आकलन: मूल स्थान पर तेल OIIP = A h φ (1 − S_w)/B_o, जहाँ A क्षेत्रफल, h शुद्ध उत्पादक मोटाई, φ सरंध्रता, S_w जल-संतृप्ति तथा B_o निर्माण-आयतन गुणक (प्रति इकाई स्टॉक-टैंक आयतन पर जलाशय आयतन, B_o > 1 क्योंकि घुली गैस निकल जाती है) है। भंडार = OIIP × पुनःप्राप्ति गुणक RF। हल किया उदाहरण: A = 10 km², h = 20 m, φ = 0.20, S_w = 0.25, B_o = 1.2, RF = 0.30: OIIP = 10⁷ × 20 × 0.20 × 0.75/1.2 = 2.5 × 10⁷ m³ तथा भंडार = 7.5 × 10⁶ m³। कोयले के लिए यही विचार है: टन = क्षेत्रफल × परत-मोटाई × घनत्व × पुनःप्राप्ति।

🎯 यह क्यों ज़रूरी है
उत्पादन आरंभ होने के बाद अन्य विधियाँ (ह्रास-वक्र विश्लेषण, द्रव्यमान-संतुलन) प्रयुक्त होती हैं; आरंभ में आयतनिक विधि। हर चरण संख्या घटाता है: स्थान पर मात्रा और निष्कर्षणीय मात्रा का अंतर पुनःप्राप्ति गुणक है, इसीलिए 'स्थान पर तेल' कभी भंडार नहीं होता।

4. अपारंपरिक जीवाश्म संसाधन

परंपरागत तेल व गैस सरंध्र, पारगम्य जलाशय-शैल में एक आवरण के नीचे होते हैं और कुएँ की ओर बहते हैं। अपारंपरिक संसाधन अत्यंत कम पारगम्यता वाले शैल में बिखरे या बंद होते हैं, या ठोस रूप में होते हैं, इसलिए उन्हें अतिरिक्त उद्दीपन, अधिक कुएँ और अधिक ऊर्जा चाहिए।

संसाधनक्या और कहाँउत्पादन कैसे
कोल बेड मीथेन (CBM)कोयले के सूक्ष्म-रंध्रों की भीतरी सतह पर अधिशोषित मीथेन; परत स्रोत व जलाशय दोनों है और प्रायः जल-संतृप्त होती हैजल निकालकर (dewatering) दाब घटाया जाता है; मीथेन विशोषित होकर बहती है
शेल गैसबारीक कणों वाले अति-अल्प पारगम्य शेल में रंध्रों व दरारों में मुक्त तथा कार्बनिक पदार्थ पर अधिशोषित गैसक्षैतिज बोरिंग और जलीय विभंजन से प्रवाह-पथ बनाना
गैस हाइड्रेटबर्फ़-सदृश क्रिस्टलीय ठोस जिसमें जल-अणु मीथेन के चारों ओर पिंजरे बनाते हैं; पर्माफ़्रॉस्ट व ठंडे, गहरे महासागरीय तलछट मेंदाब घटाकर, गर्म करके या अवरोधक डालकर वियोजित किया जाता है; अभी अनुसंधान व प्रायोगिक चरण में

हिमीकृत मीथेन (frozen methane) पर्माफ़्रॉस्ट व समुद्र-तल के तलछट में हाइड्रेट के रूप में बंद मीथेन का प्रचलित नाम है। हाइड्रेट केवल कम तापमान व उच्च दाब पर स्थायी होते हैं, इसीलिए वे गहरे जल या ठंडी भूमि के नीचे मिलते हैं। तापन या दाब-ह्रास उन्हें वियोजित कर मीथेन, एक प्रबल हरितगृह गैस, मुक्त करता है, अतः वे संभावित ईंधन भी हैं और जलवायु-प्रतिपुष्टि की चिंता भी।

कोयले पर संग्रहित गैस का लैंगम्यूर समतापी वक्र: V = V_L P/(P_L + P), जहाँ V_L अधिकतम (एकलस्तरी) क्षमता और P_L वह दाब है जिस पर उसका आधा धारित होता है। हल किया उदाहरण: V_L = 10 m³ गैस प्रति टन, P_L = 2 MPa। 6 MPa पर V = 10 × 6/8 = 7.5 m³/t; 2 MPa तक जल-निष्कासन के बाद V = 10 × 2/4 = 5 m³/t; मुक्त गैस 2.5 m³ प्रति टन। उच्च P पर वक्र समतल हो जाता है, इसलिए अधिकांश गैस तभी निकलती है जब दाब काफ़ी घटाया जाए।

ℹ️ ध्यान दें
हाइड्रेट क्रिस्टल मानक स्थितियों पर अपने आयतन का लगभग डेढ़ सौ गुना गैस समेटता है, इसीलिए हाइड्रेट निक्षेप विशाल संसाधन माने जाते हैं; निष्कर्षणीय भाग इससे कहीं छोटा और अनिश्चित है।

5. शिखर तेल: हबर्ट का लॉजिस्टिक सिद्धांत

शिखर तेल (peak oil) यह विचार है कि किसी सीमित संसाधन का उत्पादन बढ़ता है, अधिकतम पर पहुँचता है और फिर घटता है। हबर्ट ने किसी क्षेत्र के संचयी उत्पादन Q(t) को लॉजिस्टिक वक्र तथा उत्पादन-दर P = dQ/dt को उसका अवकलज, यानी सममित घंटीनुमा वक्र, माना। Q∞ अंतिम निष्कर्षणीय संसाधन और k वृद्धि-स्थिरांक हो तो:

  • Q(t) = Q∞ / [1 + e^(−k(t − t_m))], जहाँ t_m शिखर का समय है।
  • P = dQ/dt = k Q (1 − Q/Q∞): उत्पादन अब तक उत्पादित मात्रा और शेष अंश दोनों के समानुपाती है।
  • शिखर Q = Q∞/2 पर आता है और P_max = k Q∞/4। वक्र t_m के प्रति सममित है।
  • Q∞ के 10 प्रतिशत से 90 प्रतिशत तक पहुँचने का समय: Δt = 2 ln 9/k ≈ 4.39/k।

हबर्ट रैखिकीकरण। P = kQ(1 − Q/Q∞) को Q से भाग देने पर P/Q = k − (k/Q∞) Q मिलता है, जो P/Q को Q के विरुद्ध खींचने पर सीधी रेखा है। P/Q अक्ष पर अंतःखंड k है और Q अक्ष पर अंतःखंड Q∞। हल किया उदाहरण: Q = 500 Gb पर P/Q = 0.04 वर्ष⁻¹ और Q = 1000 Gb पर 0.02 वर्ष⁻¹। ढाल = −0.02/500 = −4 × 10⁻⁵ Gb⁻¹ वर्ष⁻¹; k = 0.04 + 500 × 4 × 10⁻⁵ = 0.06 वर्ष⁻¹; Q∞ = k/|ढाल| = 0.06/(4 × 10⁻⁵) = 1500 Gb। एक और जाँच: Q∞ = 2000 Gb, k = 0.05 वर्ष⁻¹ हो तो P_max = 0.05 × 2000/4 = 25 Gb/वर्ष।

⚠️ परीक्षा जाल
शिखर उत्पादन अंतिम निष्कर्षण के आधे पर होता है, संसाधन के अंत पर नहीं। मॉडल सममित है और Q∞ को स्थिर मानता है; यह किसी क्षेत्र या अंचल पर लगता है, और मूल्य, तकनीक, माँग-आघात या पुनर्वर्गीकृत अपारंपरिक संसाधन Q∞ बदल दें या वक्र बिगाड़ दें तो विफल होता है।

मुख्य बिंदु

  • R/P = भंडार ÷ वार्षिक उत्पादन; चरघातांकी वृद्धि g के साथ आयु T = (1/g) ln(1 + g R/P) है, जो सदा R/P से कम होती है।
  • संसाधनों में अनखोजी व अलाभकारी मात्राएँ भी शामिल हैं; भंडार खोजे हुए, निष्कर्षणीय और अभी व्यावसायिक होते हैं। सिद्ध, संभावित, संभाव्य क्रमशः P90, P50, P10 हैं और संचयी हैं।
  • आयतनिक भंडार = A h φ (1 − S_w)/B_o × RF; भंडार सदा मूल स्थान पर तेल से कम होते हैं।
  • CBM अधिशोषित मीथेन है जो जल-निष्कासन से मुक्त होती है (लैंगम्यूर V = V_L P/(P_L + P)); शेल गैस को विभंजन चाहिए; हाइड्रेट जल-पिंजरों में मीथेन है, केवल निम्न T व उच्च P पर स्थायी।
  • हबर्ट: P = kQ(1 − Q/Q∞), शिखर Q∞/2 पर, P_max = kQ∞/4; P/Q बनाम Q का आलेख सीधी रेखा है जिसके अंतःखंड k और Q∞ हैं।
  • LHV = HHV − (9h + w) h_fg; ऊष्मीय मान का आधार सदा बताइए।

अभ्यास प्रश्न (18)

उत्तर खोलने से पहले प्रत्येक प्रश्न हल करें। हर व्याख्या सही विकल्प के साथ लुभावना गलत विकल्प भी बताती है, क्योंकि अंक वहीं जाते हैं।

  1. किसी ईंधन के भंडार-उत्पादन (R/P) अनुपात का सर्वोत्तम वर्णन निम्न में से कौन-सा है?

    1. वर्षों की वह संख्या जिनमें शेष सिद्ध भंडार चलेंगे यदि उत्पादन वर्तमान वार्षिक दर पर बना रहे
    2. वर्षों की वह संख्या जिसके बाद अंतिम बैरल का उत्पादन निश्चित है, माँग-वृद्धि को ध्यान में रखते हुए
    3. कुल संसाधन का वह अंश जो वर्तमान वर्ष तक उत्पादित हो चुका है
    4. क्षेत्र के सिद्ध भंडार और कुल अनखोजे संसाधन का अनुपात
    उत्तर देखें

    उत्तर: A — वर्षों की वह संख्या जिनमें शेष सिद्ध भंडार चलेंगे यदि उत्पादन वर्तमान वार्षिक दर पर बना रहे

    R/P वर्तमान वर्ष के उत्पादन से भंडार का भागफल है, स्थिर उत्पादन पर वर्षों में। माँग-वृद्धि सहित आयु, जो आकर्षक विकल्प है, ठीक वही है जो R/P नहीं देता; वृद्धि आयु घटाती है।
  2. किसी देश के भंडार का R/P = 40 वर्ष है। इस संख्या के बारे में कौन-सा कथन सर्वाधिक तर्कसंगत है?

    1. यह समाप्ति-समय की निम्न सीमा है क्योंकि नई खोजें भंडार में केवल जोड़ ही सकती हैं
    2. यह एक तात्कालिक सूचकांक है: उत्पादन-वृद्धि आयु घटाएगी जबकि खोजें और मूल्य-जनित पुनर्वर्गीकरण उसे बढ़ा सकते हैं
    3. यह सटीक है क्योंकि भंडार और उत्पादन दोनों हर वर्ष सटीक मापे जाते हैं
    4. यह वर्तमान से उस समय के बराबर है जब ईंधन का वार्षिक उत्पादन शिखर पर पहुँचकर घटने लगेगा
    उत्तर देखें

    उत्तर: B — यह एक तात्कालिक सूचकांक है: उत्पादन-वृद्धि आयु घटाएगी जबकि खोजें और मूल्य-जनित पुनर्वर्गीकरण उसे बढ़ा सकते हैं

    R/P उत्पादन और भंडार दोनों को आज के मानों पर स्थिर कर देता है। माँग-वृद्धि आयु घटाती है और भंडार-वृद्धि बढ़ाती है, अतः यह न निम्न सीमा है न सटीक, और शिखर कब आएगा यह नहीं बताता।
  3. जीवाश्म संसाधनों और भंडारों का सही संबंध कौन-सा कथन बताता है?

    1. संसाधन भंडार का वह भाग हैं जो वर्तमान मूल्य पर लाभकारी है और वर्तमान तकनीक से निकाला जा सकता है
    2. भंडार और संसाधन एक ही मात्रा हैं जो भिन्न एजेंसियों और देशों द्वारा भिन्न इकाइयों में दी जाती है
    3. भंडार संसाधन का खोजा हुआ, तकनीकी रूप से निष्कर्षणीय और व्यावसायिक रूप से लाभकारी भाग हैं, अतः वे उसका उपसमुच्चय हैं
    4. भंडारों में वे सभी अनखोजे संचय शामिल हैं जिनके अवसादी बेसिनों में कहीं भी होने की भूवैज्ञानिक आशा करते हैं
    उत्तर देखें

    उत्तर: C — भंडार संसाधन का खोजा हुआ, तकनीकी रूप से निष्कर्षणीय और व्यावसायिक रूप से लाभकारी भाग हैं, अतः वे उसका उपसमुच्चय हैं

    भंडारों के लिए खोज, तकनीकी निष्कर्षणीयता और व्यावसायिक लाभ चाहिए, अतः वे संसाधनों के उपसमुच्चय हैं। अनखोजे संचय संसाधन हैं, भंडार नहीं, इसलिए उन्हें गिनने वाला विकल्प गलत है।
  4. उस परंपरा में, जिसमें सिद्ध, सिद्ध-सह-संभावित तथा सिद्ध-सह-संभावित-सह-संभाव्य मात्राएँ वे हैं जिनके निकलने या अधिक निकलने की संभावना क्रमशः कम-से-कम 90, 50 व 10 प्रतिशत है, एक क्षेत्र के लिए P90 = 40, P50 = 60 और P10 = 90 मिलियन बैरल हैं। सिद्ध-सह-संभावित (2P) भंडार क्या है?

    1. 40 मिलियन बैरल
    2. 100 मिलियन बैरल
    3. 90 मिलियन बैरल
    4. 60 मिलियन बैरल
    उत्तर देखें

    उत्तर: D — 60 मिलियन बैरल

    श्रेणियाँ संचयी हैं और निचली को पहले से समेटे हैं, अतः 2P वही P50 मान, 60 मिलियन बैरल है। 40 + 60 = 100 जोड़ना दोहरी गिनती है, और 90 तो 3P (P10) का मान है।
  5. एक कोयला खंड का क्षेत्रफल 4 km², परत की मोटाई 5 m और कोयले का घनत्व 1.4 t/m³ है। खनन से स्थान पर उपस्थित कोयले का 60 प्रतिशत निकलने की अपेक्षा है। निष्कर्षणीय कोयला भंडार कितना है?

    1. 28.0 मिलियन टन
    2. 11.2 मिलियन टन
    3. 16.8 मिलियन टन
    4. 12.0 मिलियन टन
    उत्तर देखें

    उत्तर: C — 16.8 मिलियन टन

    स्थान पर = 4 × 10⁶ m² × 5 m × 1.4 t/m³ = 2.8 × 10⁷ t = 28 Mt। निष्कर्षणीय = 0.60 × 28 = 16.8 Mt। 28 Mt बताना स्थान-पर मात्रा को भंडार समझना है।
  6. जल-संतृप्त कोयला परत में कोल बेड मीथेन को कुएँ की ओर बहाने की भौतिक क्रियाविधि क्या है?

    1. ऊपर के बलुआ पत्थर को तोड़ना ताकि उसके नीचे फँसी मुक्त गैस ऊपर उठ सके
    2. परत का कुछ भाग भूमिगत जलाकर कोयले को तोड़ना और मीथेन मुक्त करना
    3. जल निकालकर परत का दाब घटाना ताकि अधिशोषित मीथेन कोयले की सतह से विशोषित हो जाए
    4. परत को उस तापमान से ऊपर गर्म करना जिस पर मीथेन हाइड्रेट स्थायी रहता है
    उत्तर देखें

    उत्तर: C — जल निकालकर परत का दाब घटाना ताकि अधिशोषित मीथेन कोयले की सतह से विशोषित हो जाए

    CBM कोयले पर अधिशोषित रहती है; जल पंप कर दाब घटाने से अधिशोषण-संतुलन खिसकता है और गैस विशोषित होती है। हाइड्रेट को गर्म करना और भूमिगत दहन भिन्न संसाधनों या प्रक्रियाओं के वर्णन हैं।
  7. शेल गैस के कुओं को उत्पादक बनने के लिए प्रायः जलीय विभंजन और क्षैतिज बोरिंग क्यों चाहिए?

    1. शेल की पारगम्यता अत्यंत कम है, इसलिए गैस परंपरागत कुएँ तक नहीं बहती; विभंजन और लंबा संपर्क-विस्तार प्रवाह-पथ बनाते हैं
    2. शेल में गैस ठोस रूप में है जिसे बहने से पहले अंतःक्षेपित गर्म जल से पिघलाना पड़ता है
    3. शेल उच्च पारगम्यता वाला शैल है जिसकी गैस रंध्र-कंठ को ड्रिलिंग कीचड़ से बंद किए बिना बहुत जल्दी निकल जाती है
    4. विभंजन केवल शैल की जल-संतृप्ति घटाने के लिए चाहिए, जैसे कोयला परत में जल-निष्कासन से किया जाता है
    उत्तर देखें

    उत्तर: A — शेल की पारगम्यता अत्यंत कम है, इसलिए गैस परंपरागत कुएँ तक नहीं बहती; विभंजन और लंबा संपर्क-विस्तार प्रवाह-पथ बनाते हैं

    शेल अत्यंत कम पारगम्यता वाला स्रोत-शैल है, अतः कुएँ को लंबे क्षैतिज खंड के साथ विभंजनों से बड़े शैल-सतह से जोड़ना पड़ता है। गैस ठोस नहीं है (वह हाइड्रेट है) और शेल उच्च पारगम्यता वाला नहीं है।
  8. कोयले पर गैस-संग्रहण V = V_L P/(P_L + P) का पालन करता है, जहाँ V_L = 10 m³ प्रति टन और P_L = 2 MPa। जल-निष्कासन से परत का दाब 6 MPa से 2 MPa तक घटाया जाता है। प्रति टन कोयले से कितनी गैस मुक्त होती है?

    1. 2.5 m³
    2. 5.0 m³
    3. 7.5 m³
    4. 4.0 m³
    उत्तर देखें

    उत्तर: A — 2.5 m³

    6 MPa पर V = 10 × 6/8 = 7.5 m³/t; 2 MPa पर V = 10 × 2/4 = 5.0 m³/t; मुक्त = 7.5 − 5.0 = 2.5 m³/t। 7.5 और 5.0 संग्रहित मात्राएँ हैं, मुक्त मात्रा नहीं।
  9. मीथेन हाइड्रेट निक्षेप पर्माफ़्रॉस्ट के नीचे और गहरे महासागरीय तलछट में इसलिए मिलते हैं क्योंकि वहाँ परिस्थितियाँ हैं:

    1. निम्न दाब और उच्च तापमान, जो जल-पिंजरों को दृढ़ बनाते हैं
    2. उच्च दाब और निम्न तापमान, जिन पर गैस-भरे जल-पिंजरे स्थायी रहते हैं
    3. उच्च तापमान और उच्च दाब, क्योंकि ऊष्मा मीथेन को जल में धकेलती है
    4. निम्न तापमान और निम्न दाब, क्योंकि हाइड्रेट समुद्री जल के वाष्पन से बनता है
    उत्तर देखें

    उत्तर: B — उच्च दाब और निम्न तापमान, जिन पर गैस-भरे जल-पिंजरे स्थायी रहते हैं

    हाइड्रेट केवल तभी स्थायी हैं जब तापमान कम और दाब अधिक हो; तापन या दाब-ह्रास उन्हें जल व मीथेन में वियोजित कर देता है।
  10. एक ईंधन का HHV = 45 MJ/kg, हाइड्रोजन द्रव्यमान-अंश 0.12 और नमी शून्य है। बने जल की गुप्त ऊष्मा 2.44 MJ प्रति kg जल लीजिए, और ध्यान रखिए कि 1 kg हाइड्रोजन जलकर 9 kg जल बनाता है। LHV कितना है?

    1. 42.4 MJ/kg
    2. 47.6 MJ/kg
    3. 44.7 MJ/kg
    4. 39.9 MJ/kg
    उत्तर देखें

    उत्तर: A — 42.4 MJ/kg

    प्रति kg ईंधन जल = 9 × 0.12 = 1.08 kg; गुप्त ऊष्मा = 1.08 × 2.44 = 2.64 MJ। LHV = 45 − 2.64 = 42.4 MJ/kg। गुप्त ऊष्मा जोड़ने पर 47.6 आता है (गलत दिशा), और 0.12 × 2.44 लेने पर गुणक 9 छूट जाता है।
  11. हबर्ट के लॉजिस्टिक मॉडल में P/Q को Q के विरुद्ध (P = वार्षिक उत्पादन, Q = संचयी उत्पादन) आलेखित करने पर सीधी रेखा मिलती है। Q अक्ष पर उसका अंतःखंड देता है:

    1. वृद्धि-स्थिरांक k, प्रति वर्ष में
    2. शिखर उत्पादन-दर P_max
    3. वह वर्ष जिसमें उत्पादन शिखर पर होता है
    4. अंतिम निष्कर्षणीय संसाधन Q∞
    उत्तर देखें

    उत्तर: D — अंतिम निष्कर्षणीय संसाधन Q∞

    P/Q = k − (k/Q∞) Q: Q-अक्ष का अंतःखंड Q∞ है, जबकि P/Q-अक्ष का अंतःखंड k है। शिखर-दर व शिखर-वर्ष अंतःखंडों से सीधे नहीं पढ़े जाते।
  12. किसी ऐसे क्षेत्र के लिए जिसका उत्पादन अंतिम निष्कर्षण Q∞ और स्थिरांक k वाले लॉजिस्टिक हबर्ट मॉडल का पालन करता है, कौन-से कथन सही हैं?

    1. उत्पादन तब सर्वाधिक होता है जब Q∞ का आधा उत्पादित हो चुका हो
    2. उत्पादन-वक्र शिखर के प्रति समय में सममित है
    3. शिखर उत्पादन-दर k Q∞/2 के बराबर है
    4. k स्थिर रखकर Q∞ दोगुना करने पर शिखर-दर अपने पहले मान से दोगुनी हो जाती है
    उत्तर देखें

    उत्तर: A — उत्पादन तब सर्वाधिक होता है जब Q∞ का आधा उत्पादित हो चुका हो; B — उत्पादन-वक्र शिखर के प्रति समय में सममित है; D — k स्थिर रखकर Q∞ दोगुना करने पर शिखर-दर अपने पहले मान से दोगुनी हो जाती है

    P = kQ(1 − Q/Q∞) का अधिकतम Q = Q∞/2 पर है, और लॉजिस्टिक अवकलज सममित है। P_max = kQ∞/4 है, kQ∞/2 नहीं, इसलिए k Q∞/2 वाला कथन गलत है; P_max, Q∞ के समानुपाती है, इसलिए Q∞ दोगुना करने पर वह दोगुना हो जाता है।
  13. अपारंपरिक जीवाश्म संसाधनों के बारे में कौन-से कथन सही हैं?

    1. कोल बेड मीथेन मुख्यतः कोयले की सतह पर अधिशोषित रहती है और परत का दाब घटने पर मुक्त होती है
    2. शेल गैस उच्च पारगम्यता वाले बलुआ-पत्थर जलाशयों से बिना किसी उद्दीपन के उत्पादित होती है
    3. गैस हाइड्रेट एक क्रिस्टलीय ठोस है जिसमें जल-अणु गैस-अणुओं को घेरने वाले पिंजरे बनाते हैं
    4. स्थिर दाब पर तापमान बढ़ने से मीथेन हाइड्रेट अधिक स्थायी हो जाता है
    उत्तर देखें

    उत्तर: A — कोल बेड मीथेन मुख्यतः कोयले की सतह पर अधिशोषित रहती है और परत का दाब घटने पर मुक्त होती है; C — गैस हाइड्रेट एक क्रिस्टलीय ठोस है जिसमें जल-अणु गैस-अणुओं को घेरने वाले पिंजरे बनाते हैं

    CBM दाब-ह्रास से मुक्त होने वाली अधिशोषित गैस है, और हाइड्रेट जल-पिंजरे वाले ठोस हैं। शेल गैस अति-अल्प पारगम्य शैल से आती है और उद्दीपन माँगती है, और तापन हाइड्रेट को अस्थायी करता है।
  14. निम्न में से कौन-से R/P अनुपात की, ईंधन कितने समय चलेगा इसके माप के रूप में, वास्तविक सीमाएँ हैं?

    1. यह मानता है कि उत्पादन वर्तमान वार्षिक दर पर बना रहता है
    2. यह इसे अनदेखा करता है कि मूल्य और तकनीक संसाधनों को भंडार में बदल सकते हैं
    3. इसे तब तक नहीं निकाला जा सकता जब तक अनखोजा संसाधन पहले ठीक-ठीक ज्ञात न हो
    4. यह इस पर निर्भर नहीं करता कि भंडार कैसे परिभाषित हैं, इसलिए 1P और 2P के लिए यह समान है
    उत्तर देखें

    उत्तर: A — यह मानता है कि उत्पादन वर्तमान वार्षिक दर पर बना रहता है; B — यह इसे अनदेखा करता है कि मूल्य और तकनीक संसाधनों को भंडार में बदल सकते हैं

    R/P उत्पादन व भंडार को आज के मानों पर स्थिर करता है। यह केवल रिपोर्ट किया भंडार लेता है, अनखोजा संसाधन नहीं, और 2P जैसी बड़ी श्रेणी बड़ा R देती है, इसलिए परिभाषा-निरपेक्षता व अनखोजे संसाधन की सटीक माँग वाले कथन असत्य हैं।
  15. किसी ईंधन के सिद्ध भंडार वर्तमान वार्षिक उत्पादन के 50 गुना हैं। उत्पादन अपने वर्तमान मान से 2 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से चरघातांकी रूप में बढ़ने की अपेक्षा है, और भंडार स्थिर रहते हैं। कितने वर्षों में भंडार चुक जाएँगे? उत्तर वर्षों में एक दशमलव स्थान तक दीजिए।

    संख्यात्मक उत्तर — मान टाइप करें।

    उत्तर देखें

    उत्तर: 34.7

    R = P₀(e^(gT) − 1)/g से T = ln(1 + gR/P₀)/g = ln(1 + 0.02 × 50)/0.02 = ln 2/0.02 = 34.66, लगभग 34.7 वर्ष। Python जाँच: log(2)/0.02 = 34.657।
  16. एक तेल-क्षेत्र का क्षेत्रफल 10 km², शुद्ध उत्पादक मोटाई 20 m, सरंध्रता 0.20, जल-संतृप्ति 0.25 और निर्माण-आयतन गुणक 1.2 है। पुनःप्राप्ति गुणक 0.30 है। स्टॉक-टैंक तेल का निष्कर्षणीय भंडार मिलियन घन मीटर में एक दशमलव स्थान तक ज्ञात कीजिए।

    संख्यात्मक उत्तर — मान टाइप करें।

    उत्तर देखें

    उत्तर: 7.5

    OIIP = A h φ (1 − S_w)/B_o = 10⁷ × 20 × 0.20 × 0.75/1.2 = 2.5 × 10⁷ m³। भंडार = 0.30 × 2.5 × 10⁷ = 7.5 × 10⁶ m³ = 7.5 मिलियन m³।
  17. किसी अंचल का उत्पादन लॉजिस्टिक हबर्ट मॉडल का पालन करता है। उसके P/Q मान 0.040 प्रति वर्ष हैं जब संचयी उत्पादन Q = 500 Gb है और 0.020 प्रति वर्ष जब Q = 1000 Gb है। सीधी रेखा (रैखिकीकृत) रूप से अंतिम निष्कर्षणीय संसाधन Gb में (पूर्णांक) ज्ञात कीजिए।

    संख्यात्मक उत्तर — मान टाइप करें।

    उत्तर देखें

    उत्तर: 1500

    ढाल = (0.020 − 0.040)/(1000 − 500) = −4 × 10⁻⁵; अंतःखंड k = 0.040 + 500 × 4 × 10⁻⁵ = 0.060। रेखा Q∞ = 0.060/(4 × 10⁻⁵) = 1500 Gb पर शून्य होती है। Python जाँच 1500.0 देती है।
  18. किसी अंचल का संचयी उत्पादन वृद्धि-स्थिरांक k = 0.05 प्रति वर्ष वाले लॉजिस्टिक वक्र का पालन करता है। संचयी उत्पादन को अंतिम निष्कर्षणीय संसाधन के 10 प्रतिशत से 90 प्रतिशत तक पहुँचने में कितने वर्ष लगते हैं? उत्तर एक दशमलव स्थान तक दीजिए।

    संख्यात्मक उत्तर — मान टाइप करें।

    उत्तर देखें

    उत्तर: 87.9

    Q/Q∞ = 1/(1 + e^(−k(t − t_m))): 0.9 पर k(t − t_m) = ln 9 और 0.1 पर −ln 9 मिलता है। अतः Δt = 2 ln 9/k = 2 × 2.1972/0.05 = 87.9 वर्ष।