छत्तीसगढ़ की कृषि, सिंचाई, खनिज, ऊर्जा, उद्योग व परिवहन

यह अध्याय मुख्य परीक्षा के सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र V के भाग 3 के आर्थिक भूगोल वाले आधे भाग (कृषि, सिंचाई परियोजनाएँ, किसान-हितकारी राज्य योजना, खनिज, कोयला, ताप व गैर-परंपरागत ऊर्जा, पैमाने व आधार से उद्योग, परिवहन के साधन व पर्यटन) तथा प्रारंभिक परीक्षा प्रश्नपत्र I के शीर्षक 5 व 7, “अर्थव्यवस्था, वन एवं कृषि” और “छत्तीसगढ़ में उद्योग, ऊर्जा, जल एवं खनिज संसाधन” का उत्तर देता है। यह क्षेत्र-से-संसाधन मानचित्र और परियोजना-सूचियाँ सिखाता है, क्योंकि आयोग पूछता है कि वस्तुएँ कहाँ हैं। उत्पादन व क्षमता के आँकड़े हर वर्ष बदलते हैं, इसलिए अध्याय स्थान व तर्क देता है और बताता है कि कहाँ आँकड़े को वर्ष व स्रोत चाहिए।

1. कृषि क्षेत्र और फ़सलें

कृषि राज्य की मुख्य आजीविका है और धान प्रमुख फ़सल है, इसीलिए मध्य मैदान को राज्य का धान का कटोरा कहा जाता है। राज्य के कृषि-जलवायु क्षेत्र उसके भौतिक विभाजनों का अनुसरण करते हैं, अतः पिछले अध्याय का तर्क यहाँ लौटता है।

कृषि-जलवायु क्षेत्र और फ़सलें
क्षेत्रइलाकाविशिष्ट फ़सलें व टिप्पणी
छत्तीसगढ़ मैदानरायपुर, दुर्ग, बिलासपुर व महानदी मैदान, राज्य का लगभग आधा भागडोरसा व कन्हार में खरीफ धान; जल उपलब्ध होने पर रबी में गेहूँ, चना, तिवड़ा व तिलहन; कबीरधाम में गन्ना
बस्तर पठारदक्षिण: बस्तर व आसपास के ज़िलेहल्की मृदा पर ऊँची भूमि का धान, लघु मोटे अनाज (कोदो, कुटकी), मक्का, रामतिल व दलहन
उत्तरी पहाड़ियाँसरगुजा, जशपुर व आसपास के ज़िलेपाटों पर धान, मक्का, आलू व सब्ज़ियाँ, दलहन व तिलहन

फ़सल-पंचांग के तीन भाग हैं: खरीफ (मानसून के साथ बोई जाने वाली, धान, मक्का, मोटे अनाज, दलहन), रबी (वर्षा के बाद बची नमी या सिंचाई पर बोई जाने वाली: गेहूँ, चना, तिवड़ा, अलसी, सरसों) और छोटा जायद मौसम। राज्य का धान किसानों की सामूहिक संपदा है: यहाँ स्थानीय किस्में बहुत हैं, जिनमें सुगंधित भी हैं, और रायपुर का कृषि विश्वविद्यालय (इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय) उन्हें सँजोता है। कोदो-कुटकी ऊँची भूमि के सूखा-सहिष्णु लघु मोटे अनाज हैं, जिन्हें मुख्य परीक्षा के उत्तर में पोषण व जलवायु से जोड़ना उपयोगी है।

ℹ️ किसान-हितकारी योजनाएँ: प्रकार सिखाएँ, नाम पर तिथि लिखें
हर सरकार इनपुट-अनुदान व किसान-आय योजनाओं का नाम या ढाँचा बदलती है, इसलिए नाम व वर्ष परिवर्तनशील हैं। स्थिर सार प्रकार है: प्राथमिक सहकारी समितियों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान-खरीद, ब्याज-अनुदानित फ़सल-ऋण, धान व अन्य फ़सलों पर प्रति एकड़ इनपुट सहायता, फ़सल बीमा और खेत-तालाब या सिंचाई सहायता। योजना-कार्ड (वर्ष, विभाग, लाभार्थी, लाभ, स्थिति) बनाएँ और उत्तर या प्रश्न में वर्ष लिखें।

2. सिंचाई और जल परियोजनाएँ

सिंचाई शुद्ध बोए गए क्षेत्र के केवल एक भाग को ढकती है, और अधिकांश नहरों का सतही जल है जो महानदी तंत्र के जलाशयों से पोषित होता है; पठार व पहाड़ियाँ वर्षा, तालाबों व कुओं पर निर्भर हैं। धान को खड़ा पानी चाहिए, इसलिए धान-अर्थव्यवस्था हेतु मैदान के नहर-कमांड सर्वाधिक मायने रखते हैं। मुख्य परीक्षा में कारण भौतिक तर्क से दें: पठार की कठोर चट्टानें व ढाल कुओं को सीमित करते और तालाबों को अनुकूल बनाते हैं, जबकि मैदान का बेसिन-आकार जलाशयों व नहरों के अनुकूल है।

प्रमुख सिंचाई व जल परियोजनाएँ
परियोजनानदीज़िलाटिप्पणी
गंगरेल (रविशंकर सागर)महानदीधमतरीमहानदी जलाशय परियोजना; जल-विद्युत व रायपुर-भिलाई हेतु जल भी
हसदेव बाँगो (मिनीमाता बाँगो)हसदेवकोरबाजांजगीर-चांपा व बिलासपुर मैदान हेतु नहरें; जल-विद्युत
दुधावामहानदी (ऊपरी)कांकेर (धमतरी सीमा)ऊपरी महानदी जलाशय
तांदुलातांदुला (शिवनाथ की सहायक)बालोदमैदान के पुराने सिंचाई जलाशयों में से एक
सोंढूरसोंढूर (महानदी की सहायक)धमतरीमहानदी तंत्र का दायें तट का जलाशय
बोधघाट (प्रस्तावित)इंद्रावतीबीजापुरबस्तर हेतु लंबित बहुउद्देशीय योजना; समय के साथ स्थिति बदली
⚠️ बाँध स्थान के नाम पर होता है, नदी के नहीं
हसदेव बाँगो हसदेव पर है, जो सहायक नदी है, स्वयं महानदी पर नहीं। गंगरेल महानदी पर है। तांदुला व सोंढूर समनाम नदियों पर हैं। जब प्रश्न में बाँध दिया हो और नदी पूछी जाए तो पहले समनाम नदी या ज़िला याद करें, फिर तंत्र।

3. खनिज पट्टियाँ

राज्य देश के अग्रणी खनिज राज्यों में है: कोयला, लौह-अयस्क, बॉक्साइट, चूना पत्थर व डोलोमाइट मूल्य में आगे हैं, और भारतीय खान ब्यूरो की वार्षिकी (इंडियन मिनरल्स ईयरबुक, 2021-22 के आँकड़े) के अनुसार यह टिन सांद्र का उत्पादन दर्ज करने वाला देश का एकमात्र राज्य है। संसाधन चट्टानों का अनुसरण करते हैं, इसलिए यह सूची नहीं, क्षेत्र-से-संसाधन मानचित्र है।

खनिज पट्टियाँ और वे कहाँ हैं
खनिजमुख्य क्षेत्रटिप्पणी
लौह-अयस्क (हेमेटाइट)बैलाडीला (दंतेवाड़ा-बीजापुर अंचल), दल्ली-राजहरा (बालोद), रावघाट (नारायणपुर-कांकेर)बैलाडीला का खनन NMDC करता है, दल्ली-राजहरा का SAIL, भिलाई हेतु
कोयलाकोरबा, मांड-रायगढ़, हसदेव-अरण्य, कोरिया अंचल (चिरमिरी, सोनहत), सूरजपुर (बिश्रामपुर)गोंडवाना परतें; मुख्यतः साउथ ईस्टर्न कोलफ़ील्ड्स (SECL), मुख्यालय बिलासपुर द्वारा
बॉक्साइटमैनपाट (सरगुजा), जशपुर, कबीरधाम (बोदई-दलदली), कांकेरदक्कन ट्रैप पर लैटेराइट टोपियाँ; कोरबा के एल्युमिनियम उद्योग को आपूर्ति
टिनबस्तर-दंतेवाड़ा पट्टी (सुकमा ज़िला सहित)टिन सांद्र उत्पादन दर्ज करने वाला एकमात्र राज्य (इंडियन मिनरल्स ईयरबुक, 2021-22); जगदलपुर में टिन प्रगलक
चूना पत्थर व डोलोमाइटरायपुर, बलौदाबाज़ार, दुर्ग, राजनांदगाँव, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, रायगढ़मैदान की छत्तीसगढ़ सुपरग्रुप चट्टानें; सीमेंट-समूह का आधार
हीरागरियाबंद (बेहराडीह-पायलीखंड के निकट किम्बरलाइट)किम्बरलाइट पाइप चिह्नित; उत्पादन बड़े पैमाने का नहीं

कौन खनन करता है, कौन नियमन। खनिजों का नियमन खान तथा खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1957 के अंतर्गत होता है; अधिकांश खनिजों के पट्टे राज्य सरकार देती है और कोयला ब्लॉक का आवंटन केंद्र। खनन कंपनियाँ राज्य को रॉयल्टी देती हैं, और अधिनियम के 2015 के संशोधन ने प्रत्येक खनन ज़िले में ज़िला खनिज प्रतिष्ठान बनाया, ताकि खनन-राजस्व का एक भाग खनन से प्रभावित लोगों व क्षेत्रों पर खर्च हो। सार्वजनिक क्षेत्र के खननकर्ताओं में NMDC (लौह-अयस्क), SAIL (दल्ली-राजहरा), SECL (कोल इंडिया की सहायक) और राज्य का अपना छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम हैं, जो टिन सांद्र के उत्पादकों में है।

🧠 चट्टान से संसाधन, एक पंक्ति में
दक्षिण व दल्ली-राजहरा: लौह व टिन। उत्तर व महानदी घाटी: कोयला (गोंडवाना)। उत्तर के पाट व कबीरधाम: बॉक्साइट। मध्य मैदान: चूना पत्थर व सीमेंट। गरियाबंद: हीरा।

4. कोयला, विद्युत और नवीकरणीय ऊर्जा

कोयला मंत्रालय की 1 अप्रैल 2023 की राज्यवार सूची में कोयला संसाधन के अनुसार छत्तीसगढ़ ओडिशा व झारखंड के बाद तीसरे स्थान पर था (लगभग 80,774 मिलियन टन, जबकि ओडिशा 94,519 और झारखंड 87,838); विभिन्न वर्षों की सूचियों में क्रम बदला है, इसलिए क्रम केवल उसी स्रोत व तिथि के साथ प्रयोग करें। कोरबा कोयला-और-बिजली का केंद्र है, जहाँ कुसमुंडा, गेवरा व दीपका की खुली खदानें (भारत की सबसे बड़ी खदानों में) और जमनीपाली में NTPC का कोरबा सुपर थर्मल पावर स्टेशन है, जो जल हसदेव से और कोयला कुसमुंडा व गेवरा से लेता है। अन्य ताप-केंद्र हैं सीपत (बिलासपुर, NTPC), लारा (रायगढ़, NTPC), मारवा (जांजगीर-चांपा, राज्य कंपनी) तथा राज्य उत्पादन कंपनी के कोरबा पूर्व व कोरबा पश्चिम स्टेशन; रायगढ़ व जांजगीर-चांपा में निजी संयंत्रों की पट्टी है।

ताप-विद्युत केंद्र (स्थान, क्षमता नहीं)
स्टेशनज़िलासंचालक
कोरबा सुपर थर्मलकोरबाNTPC
सीपतबिलासपुरNTPC
लारारायगढ़NTPC
मारवाजांजगीर-चांपाराज्य उत्पादन कंपनी
कोरबा पूर्व व पश्चिमकोरबाराज्य उत्पादन कंपनी

जल-विद्युत छोटी है: हसदेव बाँगो, गंगरेल व सिकासार की इकाइयाँ सिंचाई-जलाशयों का उपयोग करती हैं। नवीकरणीय ऊर्जा को छत्तीसगढ़ राज्य नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेडा) बढ़ाता है: सौर, लघु जल-विद्युत व बायोमास (धान के राज्य में धान-भूसी प्रचुर है)। प्रणाली उत्पादन, पारेषण व वितरण की अलग कंपनियों में बँटी है; राज्य अधिशेष बिजली बाहर बेचता है। क्षमता व उत्पादन का हर आँकड़ा परिवर्तनशील है: वर्ष व स्रोत, जैसे आर्थिक सर्वेक्षण या केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण, लिखें।

🎯 कोयला, बिजली और वन क्यों टकराते हैं
बहुत-सा कोयला उत्तर के घने वनों के नीचे है, विशेषतः हसदेव-अरण्य अंचल में, जो हाथी-आवास व आदिवासी भूमि भी है। यही मुख्य परीक्षा का केंद्रीय समझौता है: राष्ट्र हेतु राजस्व, रोज़गार व बिजली बनाम वन-क्षति, विस्थापन व हाथी-संघर्ष। चर्चा में वन अधिकार अधिनियम व ग्राम-सहमति के पेसा सिद्धांत का उल्लेख करें।

5. उद्योग: आधार और पैमाना

उद्योग वहाँ बसता है जहाँ कच्चा माल है। आधार से: खनिज-आधारित (इस्पात, स्पंज आयरन, एल्युमिनियम, सीमेंट, बिजली), कृषि-आधारित (धान की मिलें, रायपुर व धमतरी के आसपास बहुत बड़ा समूह, साथ में तेल व चीनी) और वन-आधारित (तेंदूपत्ता व बीड़ी, लाख, कोसा रेशम, बाँस व साल-बीज उत्पाद)। पैमाने से: बड़ी इकाइयाँ (इस्पात, एल्युमिनियम, बिजली, सीमेंट), मध्यम, और सूक्ष्म व लघु इकाइयों व हस्तशिल्प समूहों का व्यापक आधार।

औद्योगिक केंद्र
केंद्रज़िलाआधार
भिलाई इस्पात संयंत्रदुर्गसोवियत सहयोग से स्थापित; दल्ली-राजहरा से अयस्क; राज्य का पहला बड़ा एकीकृत इस्पात संयंत्र
बाल्कोकोरबाएल्युमिनियम; बॉक्साइट मैनपाट व कबीरधाम से, बिजली कोरबा से; सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी के रूप में आरंभ, बाद में विनिवेश
सिल्तरा व उरलारायपुरस्पंज आयरन, इस्पात रोलिंग, फ़ेरो-मिश्रधातु व राइस-मिल समूह
सीमेंट पट्टीरायपुर, बलौदाबाज़ार, दुर्ग, बिलासपुरमैदान का चूना पत्थर
कोसा रेशमजांजगीर-चांपा, रायगढ़तसर-प्रकार की रेशम बुनाई; वन-व-शिल्प उद्योग

राज्य की औद्योगिक नीति हर कुछ वर्षों में संशोधित होती है और पूँजी-अनुदान, बिजली व स्टांप-शुल्क छूट तथा भूमि-बैंक देती है, इसलिए उसका उल्लेख करते समय नीति-अवधि लिखें। छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम औद्योगिक क्षेत्र विकसित करता है, और नई राजधानी नवा रायपुर अटल नगर संस्थानों व कार्यालयों के नगर के रूप में नियोजित हुई। खनिज-आधारित उद्योग राजस्व (रॉयल्टी, ज़िला खनिज प्रतिष्ठान निधि) लाता है और ऊपर के खंड 4 की दुविधा भी।

6. परिवहन और संपर्क

रेल। राज्य मुख्यतः दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अंतर्गत है, जिसका मुख्यालय बिलासपुर है, और यह अत्यंत भारी माल-ढुलाई का क्षेत्र है क्योंकि कोयला, लौह-अयस्क, इस्पात व सीमेंट यहीं से बाहर जाते हैं। मुख्य मार्ग दुर्ग, रायपुर व बिलासपुर से होकर मुंबई-हावड़ा लाइन है। दक्षिण में किरंदुल-कोठावलसा लाइन बैलाडीला का लौह-अयस्क विशाखापट्टनम बंदरगाह तक ले जाती है।

सड़क व वायु। राष्ट्रीय राजमार्ग 53 (हज़ीरा से पारादीप, पुराने सूरत-कोलकाता गलियारे का अनुसरण करता हुआ) राजनांदगाँव, दुर्ग, रायपुर व महासमुंद से होकर मैदान को पार कर ओडिशा की ओर जाता है; अन्य राष्ट्रीय राजमार्ग रायपुर को उत्तर में बिलासपुर व रायगढ़ से तथा दक्षिण में जगदलपुर व बस्तर से जोड़ते हैं। दक्षिण व उत्तर आपस में कमज़ोर जुड़े हैं, जो आदिवासी व वामपंथी उग्रवाद प्रभावित ज़िलों हेतु मायने रखता है। रायपुर का स्वामी विवेकानंद विमानतल मुख्य हवाई द्वार है, बिलासपुर, जगदलपुर व अंबिकापुर में भी निर्धारित सेवाएँ हैं; उड़ान-जाल बार-बार बदलता है, इसलिए तिथि लिखें। पर्यटन परिवहन को स्थान से जोड़ता है: चित्रकोट व तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर की गुफाएँ, मैनपाट और भोरमदेव के मंदिर वे परिपथ हैं जिन्हें परीक्षक उपयोग करते हैं।

⚠️ बिलासपुर बनाम रायपुर
रायपुर राजधानी और मुख्य विमानतल है; बिलासपुर रेलवे ज़ोन का मुख्यालय और उच्च न्यायालय की पीठ है। प्रश्न जानबूझकर रेलवे ज़ोन मुख्यालय के रूप में रायपुर को विकल्प में रखते हैं।

मुख्य बिंदु

  • धान प्रमुख है; क्षेत्र उच्चावच का अनुसरण करते हैं: मैदान (धान, गेहूँ, चना, तिवड़ा, कबीरधाम में गन्ना), बस्तर पठार (ऊँची भूमि का धान, कोदो-कुटकी, मक्का, रामतिल), उत्तरी पहाड़ियाँ (धान, मक्का, आलू)। योजनाओं के नाम बदलते हैं, इसलिए तिथि लिखें।
  • सिंचाई मुख्यतः महानदी-तंत्र के जलाशयों का नहर-जल है: गंगरेल (महानदी, धमतरी), हसदेव बाँगो (हसदेव, कोरबा), दुधावा, तांदुला, सोंढूर; इंद्रावती पर बोधघाट लंबित योजना है।
  • क्षेत्र से संसाधन: बैलाडीला (NMDC) व दल्ली-राजहरा (SAIL) में लौह; कोरबा, मांड-रायगढ़, हसदेव-अरण्य व कोरिया में कोयला (SECL); उत्तरी पाटों व कबीरधाम में बॉक्साइट; बस्तर पट्टी में टिन (टिन सांद्र उत्पादन दर्ज करने वाला एकमात्र राज्य, इंडियन मिनरल्स ईयरबुक 2021-22); मैदान में चूना पत्थर; गरियाबंद में हीरे की किम्बरलाइट।
  • विद्युत कोयला-ताप आधारित है: कोरबा, सीपत, लारा व मारवा, साथ में छोटी जल-विद्युत इकाइयाँ व क्रेडा-प्रवर्तित नवीकरणीय। कोयला संसाधन में छत्तीसगढ़ ओडिशा व झारखंड के बाद तीसरा था (कोयला मंत्रालय, 1 अप्रैल 2023 तक); वन के नीचे कोयला केंद्रीय समझौता है।
  • उद्योग: भिलाई इस्पात (दुर्ग), बाल्को एल्युमिनियम (कोरबा), सिल्तरा-उरला (रायपुर), मैदान में सीमेंट, जांजगीर-चांपा व रायगढ़ में कोसा रेशम और चावल मिलिंग। आधार (खनिज, कृषि, वन) व पैमाने से वर्गीकृत करें।
  • दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे का मुख्यालय बिलासपुर है, रायपुर नहीं; किरंदुल-कोठावलसा बैलाडीला अयस्क विशाखापट्टनम ले जाती है; NH 53 दुर्ग से रायपुर होते हुए मैदान पार कर ओडिशा की ओर जाता है; रायपुर में मुख्य विमानतल है।

अभ्यास प्रश्न (18)

उत्तर खोलने से पहले प्रत्येक प्रश्न हल करें। हर व्याख्या सही विकल्प के साथ लुभावना गलत विकल्प भी बताती है, क्योंकि अंक वहीं जाते हैं।

  1. कौन-सी फ़सल छत्तीसगढ़ की प्रमुख खरीफ फ़सल है, जिससे उसके मध्य मैदान को राज्य का धान का कटोरा कहा जाता है?

    1. धान
    2. मक्का
    3. गन्ना
    4. गेहूँ
    उत्तर देखें

    उत्तर: A — धान

    धान मैदान की डोरसा व कन्हार मृदा में नहर-जल से उगाया जाता है। गेहूँ भ्रामक विकल्प है क्योंकि वह सिंचित मैदान की प्रमुख रबी फ़सल है, पर प्रमुख फ़सल नहीं।
  2. छत्तीसगढ़ की खेती के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए। P: कोदो व कुटकी ऊँची भूमि के लघु मोटे अनाज हैं। Q: तिवड़ा (लाखड़ी) धान की कटाई के बाद उगाई जाने वाली रबी फ़सल है। R: बस्तर पठार राज्य का मुख्य गेहूँ-उत्पादक क्षेत्र है। S: कबीरधाम ज़िले में गन्ना उगाया जाता है। कौन-से सही हैं?

    1. केवल P और Q
    2. केवल P, Q और S
    3. केवल Q, R और S
    4. केवल P, R और S
    उत्तर देखें

    उत्तर: B — केवल P, Q और S

    P, Q और S सही हैं। R गलत है: गेहूँ सिंचित मैदान की फ़सल है, जबकि बस्तर पठार में ऊँची भूमि का धान, मोटे अनाज, मक्का व रामतिल होते हैं। P और Q वाला विकल्प भ्रामक है क्योंकि वह सत्य कथन S छोड़ देता है।
  3. निम्नलिखित में से कौन-सी बाँध-नदी जोड़ी सही नहीं है?

    1. गंगरेल - महानदी
    2. सोंढूर - सोंढूर
    3. हसदेव बाँगो - महानदी
    4. तांदुला - तांदुला
    उत्तर देखें

    उत्तर: C — हसदेव बाँगो - महानदी

    हसदेव बाँगो हसदेव पर बना है, जो महानदी की सहायक है, स्वयं महानदी पर नहीं। गंगरेल धमतरी ज़िले में महानदी पर है; सोंढूर व तांदुला समनाम नदियों पर हैं। महानदी वाली जोड़ी भ्रामक है क्योंकि हसदेव उसमें मिलती है।
  4. छत्तीसगढ़ में नहर-सिंचाई पठार के बजाय मध्य मैदान में केंद्रित क्यों है?

    1. मैदान जलाशयों के अनुकूल बेसिन है, जबकि पठार की कठोर चट्टान व ढाल तालाबों के अनुकूल हैं
    2. पठार में लगभग वर्षा होती ही नहीं, इसलिए कोई भी नहर वहाँ जल नहीं ले जा सकती
    3. धान को खड़ा पानी नहीं चाहिए, इसलिए केवल गेहूँ वाले मैदान को ही नहरों की आवश्यकता है
    4. मैदान में अपनी नदियाँ नहीं हैं, इसलिए उसके जलाशय समुद्र से लाए जल से भरे जाते हैं
    उत्तर देखें

    उत्तर: A — मैदान जलाशयों के अनुकूल बेसिन है, जबकि पठार की कठोर चट्टान व ढाल तालाबों के अनुकूल हैं

    जलाशय व नहरें वहाँ चलते हैं जहाँ बेसिन जल एकत्र करता है और भूमि सौम्य है, जैसे महानदी मैदान में। पठार में वर्षा न होने का कथन गलत है: वह राज्य का अधिक वर्षा वाला भाग है, पर उसकी भूमि कमांड-क्षेत्रों के अनुकूल नहीं।
  5. एक ज़िला 200 हज़ार हेक्टेयर शुद्ध बोया क्षेत्र, 260 हज़ार हेक्टेयर सकल फ़सल क्षेत्र और 80 हज़ार हेक्टेयर शुद्ध सिंचित क्षेत्र दर्शाता है। उसके बारे में कौन-सा कथन सही है?

    1. फ़सल-सघनता 130 प्रतिशत है और शुद्ध बोए क्षेत्र का 40 प्रतिशत सिंचित है
    2. फ़सल-सघनता 77 प्रतिशत है और शुद्ध बोए क्षेत्र का 40 प्रतिशत सिंचित है
    3. फ़सल-सघनता 130 प्रतिशत है और शुद्ध बोए क्षेत्र का 31 प्रतिशत सिंचित है
    4. फ़सल-सघनता 160 प्रतिशत है और शुद्ध बोए क्षेत्र का 40 प्रतिशत सिंचित है
    उत्तर देखें

    उत्तर: A — फ़सल-सघनता 130 प्रतिशत है और शुद्ध बोए क्षेत्र का 40 प्रतिशत सिंचित है

    फ़सल-सघनता सकल फ़सल क्षेत्र को शुद्ध बोए क्षेत्र से भाग देने पर आती है: 260 / 200 = 130 प्रतिशत। सिंचित हिस्सा 80 / 200 = 40 प्रतिशत है। सकल क्षेत्र से भाग देने पर 31 प्रतिशत आता है, जो भ्रामक भूल है क्योंकि संख्याएँ निकट हैं।
  6. दक्षिणी छत्तीसगढ़ की बैलाडीला श्रेणी का लौह-अयस्क कौन-सी संस्था खनन करती है, और भिलाई इस्पात संयंत्र हेतु दल्ली-राजहरा का अयस्क कौन?

    1. बैलाडीला SAIL द्वारा, दल्ली-राजहरा NMDC द्वारा
    2. बैलाडीला NMDC द्वारा, दल्ली-राजहरा SAIL द्वारा
    3. दोनों NMDC द्वारा
    4. दोनों SECL द्वारा
    उत्तर देखें

    उत्तर: B — बैलाडीला NMDC द्वारा, दल्ली-राजहरा SAIL द्वारा

    NMDC बैलाडीला और SAIL अपने भिलाई संयंत्र हेतु दल्ली-राजहरा खनन करती है। अदला-बदली वाली जोड़ी मानक जाल है। SECL कोल इंडिया की सहायक है और कोयला खनन करती है, लौह-अयस्क नहीं।
  7. खनिज का उसकी पट्टी से मिलान कीजिए। (i) टिन (ii) हीरा-वाहक किम्बरलाइट (iii) भिलाई हेतु लौह-अयस्क (iv) बॉक्साइट। पट्टियाँ: क. गरियाबंद; ख. दल्ली-राजहरा; ग. बस्तर-दंतेवाड़ा; घ. मैनपाट व कबीरधाम। सही जोड़ी चुनिए।

    1. (i)-क, (ii)-ग, (iii)-ख, (iv)-घ
    2. (i)-ग, (ii)-ख, (iii)-क, (iv)-घ
    3. (i)-ग, (ii)-क, (iii)-घ, (iv)-ख
    4. (i)-ग, (ii)-क, (iii)-ख, (iv)-घ
    उत्तर देखें

    उत्तर: D — (i)-ग, (ii)-क, (iii)-ख, (iv)-घ

    टिन बस्तर-दंतेवाड़ा पट्टी में, हीरा-वाहक किम्बरलाइट गरियाबंद में, भिलाई का लौह-अयस्क दल्ली-राजहरा में और बॉक्साइट मैनपाट व कबीरधाम में है। आम भूल टिन को गरियाबंद से जोड़ना है क्योंकि दोनों कोयले व लोहे से दुर्लभ खनिज हैं।
  8. निम्नलिखित में से कौन-सा छत्तीसगढ़ का कोयला क्षेत्र नहीं है?

    1. कोरबा
    2. मांड-रायगढ़
    3. बैलाडीला
    4. हसदेव-अरण्य
    उत्तर देखें

    उत्तर: C — बैलाडीला

    बैलाडीला दक्षिण की लौह-अयस्क श्रेणी है। कोरबा, मांड-रायगढ़ व हसदेव-अरण्य गोंडवाना कोयला क्षेत्र हैं। बैलाडीला भ्रामक है क्योंकि विद्यार्थी उसे राज्य के सबसे प्रसिद्ध खनन-नाम के रूप में याद रखते हैं।
  9. भारतीय खान ब्यूरो (इंडियन मिनरल्स ईयरबुक, 2021-22 के आँकड़े) के अनुसार टिन सांद्र का उत्पादन दर्ज करने वाला एकमात्र राज्य कौन-सा था?

    1. ओडिशा
    2. छत्तीसगढ़
    3. झारखंड
    4. कर्नाटक
    उत्तर देखें

    उत्तर: B — छत्तीसगढ़

    टिन अयस्क का खनन छत्तीसगढ़ की बस्तर-दंतेवाड़ा पट्टी में होता है। ओडिशा भ्रामक है क्योंकि मलकानगिरी में टिन की उपस्थिति बस्तर की सीमा के निकट है, पर वह सांद्र उत्पादित नहीं करता।
  10. कोयला मंत्रालय की 1 अप्रैल 2023 की कोयला संसाधनों की राज्यवार सूची में छत्तीसगढ़ तीसरे स्थान पर था। उससे ऊपर कौन-से दो राज्य हैं?

    1. झारखंड और पश्चिम बंगाल
    2. ओडिशा और पश्चिम बंगाल
    3. झारखंड और मध्य प्रदेश
    4. ओडिशा और झारखंड
    उत्तर देखें

    उत्तर: D — ओडिशा और झारखंड

    ओडिशा व झारखंड के संसाधन बड़े हैं। पश्चिम बंगाल भ्रामक है क्योंकि उसका रानीगंज कोयला क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से प्रसिद्ध है, पर उस सूची में उसका संसाधन-आधार छत्तीसगढ़ से छोटा है।
  11. NTPC के कोरबा सुपर थर्मल पावर स्टेशन को शीतलन जल किस नदी से मिलता है?

    1. महानदी
    2. शिवनाथ
    3. हसदेव
    4. इंद्रावती
    उत्तर देखें

    उत्तर: C — हसदेव

    जमनीपाली, कोरबा का संयंत्र हसदेव का जल और निकट की कुसमुंडा व गेवरा खदानों का कोयला उपयोग करता है। महानदी मूल नदी होने से भ्रामक है, पर संयंत्र हसदेव पर है।
  12. ताप-विद्युत केंद्र का उसके ज़िले से मिलान कीजिए। (i) सीपत (ii) लारा (iii) मारवा (iv) कोरबा सुपर थर्मल। ज़िले: क. जांजगीर-चांपा; ख. कोरबा; ग. बिलासपुर; घ. रायगढ़। सही जोड़ी चुनिए।

    1. (i)-ग, (ii)-घ, (iii)-क, (iv)-ख
    2. (i)-घ, (ii)-ग, (iii)-क, (iv)-ख
    3. (i)-ग, (ii)-घ, (iii)-ख, (iv)-क
    4. (i)-क, (ii)-घ, (iii)-ग, (iv)-ख
    उत्तर देखें

    उत्तर: A — (i)-ग, (ii)-घ, (iii)-क, (iv)-ख

    सीपत बिलासपुर में, लारा रायगढ़ में, मारवा जांजगीर-चांपा में और कोरबा सुपर थर्मल कोरबा में है। विद्यार्थी कोयला-पट्टी की स्थिति के कारण प्रायः मारवा को कोरबा में रख देते हैं।
  13. निम्नलिखित में से कौन-सी उद्योग-केंद्र जोड़ी सही है?

    1. भिलाई इस्पात संयंत्र - बिलासपुर
    2. बाल्को एल्युमिनियम - रायगढ़
    3. भिलाई इस्पात संयंत्र - दुर्ग
    4. टिन प्रगलक - रायपुर
    उत्तर देखें

    उत्तर: C — भिलाई इस्पात संयंत्र - दुर्ग

    भिलाई इस्पात संयंत्र दुर्ग ज़िले के भिलाई में है। बाल्को कोरबा में और टिन प्रगलक बस्तर के जगदलपुर में है। इस्पात हेतु बिलासपुर भ्रामक ज़िला है क्योंकि वह रेलवे मुख्यालय है।
  14. भिलाई इस्पात संयंत्र दुर्ग ज़िले में क्यों लगाया गया, इसे कौन-सा कारक सर्वोत्तम समझाता है?

    1. समुद्र-तट की निकटता, जो जहाज़ से सस्ता आयातित अयस्क व कोयला लाती है
    2. दल्ली-राजहरा लौह-अयस्क की निकटता, कोयले हेतु रेल-संपर्क और समतल स्थल
    3. मैनपाट के बॉक्साइट की निकटता, जो इस्पात का कच्चा माल है
    4. गरियाबंद के हीरा-क्षेत्रों व बस्तर की टिन पट्टी की निकटता
    उत्तर देखें

    उत्तर: B — दल्ली-राजहरा लौह-अयस्क की निकटता, कोयले हेतु रेल-संपर्क और समतल स्थल

    इस्पात को लौह-अयस्क व कोयला चाहिए; दल्ली-राजहरा का अयस्क निकट है, मुख्य रेल-लाइन मैदान से गुज़रती है और स्थल समतल है। बॉक्साइट एल्युमिनियम हेतु है, और राज्य स्थलरुद्ध है, इसलिए समुद्र वाली व्याख्या गलत है।
  15. दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे का मुख्यालय छत्तीसगढ़ के किस नगर में है?

    1. रायपुर
    2. दुर्ग
    3. जगदलपुर
    4. बिलासपुर
    उत्तर देखें

    उत्तर: D — बिलासपुर

    ज़ोन का मुख्यालय बिलासपुर में है। रायपुर भ्रामक उत्तर है क्योंकि वह राजधानी व मुख्य विमानतल है, पर ज़ोन और उच्च न्यायालय की पीठ बिलासपुर में हैं।
  16. दक्षिणी छत्तीसगढ़ की किरंदुल-कोठावलसा रेल लाइन मुख्यतः क्या ढोती है, और किस बंदरगाह की ओर?

    1. कोरबा का कोयला कोलकाता बंदरगाह को
    2. मैदान का सीमेंट मुंबई बंदरगाह को
    3. बैलाडीला लौह-अयस्क विशाखापट्टनम को
    4. मैदान का चावल चेन्नई बंदरगाह को
    उत्तर देखें

    उत्तर: C — बैलाडीला लौह-अयस्क विशाखापट्टनम को

    यह लाइन बैलाडीला का लौह-अयस्क किरंदुल से विशाखापट्टनम बंदरगाह की ओर ले जाती है। कोयला उत्तरी मुख्य मार्ग पर चलता है, और किरंदुल लाइन अयस्क की है, इसलिए कोलकाता को कोयला भ्रामक पर गलत विकल्प है।
  17. कोसा रेशम बुनाई छत्तीसगढ़ के किस ज़िला-युग्म से सर्वाधिक जुड़ी है?

    1. जांजगीर-चांपा और रायगढ़
    2. बीजापुर और नारायणपुर
    3. दंतेवाड़ा और सुकमा
    4. दुर्ग और राजनांदगाँव
    उत्तर देखें

    उत्तर: A — जांजगीर-चांपा और रायगढ़

    जांजगीर-चांपा का चांपा और रायगढ़ कोसा बुनाई के जाने-माने केंद्र हैं। दुर्ग-राजनांदगाँव औद्योगिक व कृषि क्षेत्र है और दक्षिणी ज़िले वन व आदिवासी ज़िले हैं, इसलिए वे भ्रामक विकल्प हैं।
  18. छत्तीसगढ़ के खनिज व ऊर्जा के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए। P: राज्य की कोयला परतें गोंडवाना अवसादों में हैं। Q: NTPC का सीपत स्टेशन रायगढ़ ज़िले में है। R: बैलाडीला का लौह-अयस्क NMDC खनन करती है। S: गरियाबंद ज़िले में हीरा-वाहक किम्बरलाइट चिह्नित हुए हैं। कौन-से सही हैं?

    1. केवल P, Q और R
    2. केवल Q और S
    3. केवल P, R और S
    4. केवल P और S
    उत्तर देखें

    उत्तर: C — केवल P, R और S

    P, R और S सही हैं। Q गलत है: सीपत बिलासपुर ज़िले में है, जबकि रायगढ़ में NTPC का लारा स्टेशन है। P और S वाला विकल्प भ्रामक है पर वह R छोड़ देता है, जो भी सत्य है।