संख्या श्रेणी, गलत पद वाली श्रेणी और समीकरण तुलना
लुप्त पद वाली श्रेणियाँ: हल किए उदाहरण
उदाहरण 1 (अंतर)। 6, 7, 11, 20, 36, ? अंतर 1, 4, 9, 16 हैं, जो 1, 2, 3, 4 के वर्ग हैं, इसलिए अगला अंतर 5² = 25 है और लुप्त पद 36 + 25 = 61 है।
उदाहरण 2 (गुणा और जोड़)। 2, 3, 8, 27, 112, ? वृद्धि तेज़ है, इसलिए × k + c आज़माएँ। 2 × 1 + 1 = 3, 3 × 2 + 2 = 8, 8 × 3 + 3 = 27, 27 × 4 + 4 = 112। गुणक और जोड़ी जाने वाली संख्या दोनों 1-1 बढ़ते हैं, अतः अगला पद 112 × 5 + 5 = 565 है।
उदाहरण 3 (दो गुँथी श्रेणियाँ)। 4, 21, 6, 18, 8, 15, ? विषम स्थानों पर 4, 6, 8 (2 जोड़ते हुए) और सम स्थानों पर 21, 18, 15 (3 घटाते हुए) हैं। सातवाँ पद विषम स्थान वाली श्रेणी को आगे बढ़ाता है, अतः वह 10 है।
उदाहरण 4 (घन व बदलता जोड़)। 2, 12, 36, 80, 150, ? प्रत्येक पद n³ + n² है: 1 + 1, 8 + 4, 27 + 9, 64 + 16, 125 + 25। अगला पद 216 + 36 = 252 है। ध्यान दें कि यह n²(n + 1) के बराबर है: जब पद किसी वर्ग और उसके पड़ोसी के गुणनफल जैसे दिखें तो उनके गुणनखंड करें।
गलत पद वाली श्रेणियाँ
गलत पद वाले प्रश्न में एक पद उस नियम का पालन नहीं करता जिसका शेष सब करते हैं, और आपको उसे पहचानना या उसका सही मान बताना होता है। प्रश्न-निर्माता पहले एक शुद्ध श्रेणी बनाता है और फिर एक पद बदल देता है। इसलिए उन पदों से चलें जिन पर भरोसा है: आरंभ के कुछ पद और अंतिम दो-तीन पद।
- चरण 1: श्रेणी के दोनों सिरों से नियम खोजें, जहाँ बदले हुए पद के भ्रमित करने की संभावना कम है।
- चरण 2: नियम को पद-दर-पद चलाएँ। गलत पद वही है जो अपने अगले पद को नहीं देता और अपने पिछले पद से भी नहीं मिलता।
- चरण 3: सही मान रखकर जाँचें कि अब प्रत्येक पद नियम में बैठता है।
उदाहरण A. 5, 11, 23, 48, 95, 191। प्रत्येक सही पद पिछले का × 2 + 1 है (5 → 11 → 23 → 47 → 95 → 191)। 23 से नियम 47 देता है, 48 नहीं, और 95 ठीक 47 × 2 + 1 है, अतः 48 गलत है और 47 सही।
उदाहरण B. 4, 5, 9, 19, 34, 59। अंतर वर्ग 1, 4, 9, 16, 25 होने चाहिए: 4 → 5 → 9 → 18 → 34 → 59। पद 19 अंतर 10 और 15 देता है, अतः 19 गलत है और उसे 18 होना चाहिए।
द्विघात: गुणनखंड करें, चिह्न पढ़ें, मूल लिखें
ax² + bx + c = 0 को मध्य पद तोड़कर हल करने के लिए ऐसी दो संख्याएँ खोजें जिनका गुणनफल a × c और योग b हो। x² − 7x + 12 = 0 के लिए −3 और −4 का गुणनफल 12 और योग −7 है, अतः (x − 3)(x − 4) = 0 और x = 3 या 4। 2x² − 11x + 12 = 0 के लिए गुणनफल 24 और योग −11 है, इसलिए −3 और −8: 2x² − 8x − 3x + 12 = 2x(x − 4) − 3(x − 4) = (2x − 3)(x − 4), जिससे x = 1.5 या 4।
| स्थिति | अर्थ | उदाहरण व मूल |
|---|---|---|
| c > 0, b > 0 | दोनों मूल ऋणात्मक | x² + 9x + 20 = 0: −4, −5 |
| c > 0, b < 0 | दोनों मूल धनात्मक | x² − 9x + 20 = 0: 4, 5 |
| c < 0 | विपरीत चिह्न के मूल; बड़े परिमाण वाले का चिह्न b के चिह्न से उल्टा | x² − 5x − 14 = 0: 7, −2 |
x और y की तुलना और पाँच संबंध
'I. … II. …' वाले प्रश्नों में I से x और II से y हल करें, प्रत्येक को संख्या-रेखा पर मानों के समुच्चय के रूप में लिखें और प्रत्येक युग्म (x, y) को परखें। कोई संबंध तभी चुना जा सकता है जब वह सभी युग्मों पर सही हो। पाँच विकल्प हैं x > y, x ≥ y, x < y, x ≤ y तथा 'x = y या संबंध स्थापित नहीं किया जा सकता'।
- x > y तब सही है जब x का सबसे छोटा मान y के सबसे बड़े मान से बड़ा हो; x ≥ y तब जब x का सबसे छोटा मान y के सबसे बड़े मान से कम न हो।
- x < y तब सही है जब x का सबसे बड़ा मान y के सबसे छोटे मान से छोटा हो; x ≤ y तब जब x का सबसे बड़ा मान y के सबसे छोटे मान से अधिक न हो।
- यदि चारों में से कोई सभी युग्मों पर सही न हो तो उत्तर पाँचवाँ विकल्प है। जब x और y एकल व बराबर मान हों तब भी वही उत्तर है।
उदाहरण 1. I. x² − 7x + 12 = 0, II. y² − 9y + 20 = 0। यहाँ x ∈ {3, 4} और y ∈ {4, 5} है। युग्म 3 < 4, 3 < 5, 4 = 4 और 4 < 5 देते हैं, अतः x कभी बड़ा नहीं और कभी बराबर है: x ≤ y। उदाहरण 2. I. x² − 5x − 14 = 0 से x ∈ {7, −2}; II. y² + 3y − 10 = 0 से y ∈ {2, −5}। तब 7 > 2 पर −2 < 2, इसलिए कोई संबंध सभी युग्मों पर सही नहीं: संबंध स्थापित नहीं किया जा सकता।
रैखिक युग्म, घात और मात्रा I बनाम मात्रा II
प्रत्येक प्रश्न द्विघात नहीं होता। x और y में रैखिक समीकरण-युग्म प्रत्येक का एक मान देता है, इसलिए उत्तर >, < या (कभी-कभार) = होता है। I. 3x + 2y = 22 और II. 2x + 5y = 33 के लिए I को 5 से और II को 2 से गुणा करें: 15x + 10y = 110 तथा 4x + 10y = 66; घटाने पर 11x = 44, अतः x = 4 और y = 5, इसलिए x < y। x² = k रूप के समीकरण के दो मूल ±√k होते हैं, और y³ = k का एक वास्तविक मान होता है, अतः x² = 225 से x ∈ {15, −15} जबकि y³ = 3375 से y = 15।
मात्रा I और मात्रा II वाले प्रश्नों में प्रत्येक मात्रा किसी छोटी गणना (मूल, मूलों का योग, प्रतिशत) से मिली संख्या होती है, और दोनों संख्याओं पर वही पाँच-तरफ़ा तर्क लगता है। उदाहरण। मात्रा I: 2x² − 11x + 12 = 0 के मूलों का योग। मात्रा II: y² − 7y + 10 = 0 का बड़ा मूल। पहले के मूल 1.5 और 4 हैं, जिनका योग 5.5 है; दूसरे के मूल 2 और 5 हैं, अतः बड़ा मूल 5 है। चूँकि 5.5 > 5, इसलिए मात्रा I > मात्रा II। योग का शॉर्टकट −b/a = 11/2 = 5.5 है।
मुख्य बिंदु
- श्रेणी इस क्रम से पढ़ें: वृद्धि का आकार, प्रथम अंतर, द्वितीय अंतर, अनुपात, फिर × k + c, वर्ग, घन व अभाज्य; गुँथी श्रेणी को दो भागों में बाँटें।
- नियम केवल तीन पदों से तय न करें; उसे प्रत्येक पद पर परखें और सबसे सरल नियम चुनें जो सबको समझाए।
- गलत पद के लिए दोनों सिरों से नियम खोजें, उसे पद-दर-पद चलाएँ, और समता, विभाज्यता व आकार से दोषी को शीघ्र पहचानें।
- द्विघात को मध्य पद तोड़कर हल करें: दो संख्याएँ जिनका गुणनफल a × c और योग b हो; c और b के चिह्न मूलों के चिह्न देते हैं।
- x और y का संबंध तभी मान्य है जब वह मूलों के प्रत्येक युग्म पर सही हो; यदि चारों में से कोई न हो तो उत्तर 'x = y या संबंध स्थापित नहीं किया जा सकता' है।
- जब निकटतम मान स्पर्श करें तो दुर्बल संबंध (≥ या ≤) चुनें; याद रखें x² = k के दो मूल, y³ = k का एक, और मूलों का योग −b/a होता है।
अभ्यास प्रश्न (16)
उत्तर खोलने से पहले प्रत्येक प्रश्न हल करें। हर व्याख्या सही विकल्प के साथ लुभावना गलत विकल्प भी बताती है, क्योंकि अंक वहीं जाते हैं।
लुप्त पद ज्ञात कीजिए: 6, 13, 27, 55, 111, ?
उत्तर देखें
उत्तर: B — 223
प्रत्येक पद पिछले पद का × 2 + 1 है: 6 → 13 → 27 → 55 → 111 → 223। उत्तर 222 नियम को केवल दुगुना करना मान लेता है और + 1 भूल जाता है।लुप्त पद ज्ञात कीजिए: 12, 13, 17, 26, 42, ?
उत्तर देखें
उत्तर: D — 67
अंतर 1, 4, 9, 16 हैं, जो 1 से 4 के वर्ग हैं, इसलिए अगला अंतर 25 है और पद 42 + 25 = 67 है। मान 65 के लिए 23 जोड़ना पड़ता है, जो वर्गों के प्रतिरूप को तोड़ता है।लुप्त पद ज्ञात कीजिए: 2, 12, 36, 80, 150, ?
उत्तर देखें
उत्तर: A — 252
पद n = 1 से 5 के लिए n³ + n² हैं (1 + 1, 8 + 4, 27 + 9, 64 + 16, 125 + 25), इसलिए अगला 6³ + 6² = 216 + 36 = 252 है। मान 216 केवल घन है और वर्ग छोड़ देता है।श्रेणी 3, 20, 5, 17, 7, 14, 9, ? में दो प्रतिरूप बारी-बारी से चलते हैं। आठवाँ पद है
उत्तर देखें
उत्तर: C — 11
विषम स्थान 3, 5, 7, 9 में 2 की वृद्धि है; सम स्थान 20, 17, 14 में 3 की कमी है, इसलिए आठवाँ पद 14 − 3 = 11 है। मान 13 गलत श्रेणी में 2 की वृद्धि जारी रखता है।लुप्त पद ज्ञात कीजिए: 4, 9, 25, 49, 121, ?
उत्तर देखें
उत्तर: B — 169
ये क्रमागत अभाज्य 2, 3, 5, 7, 11 के वर्ग हैं, इसलिए अगला 13² = 169 है। मान 144 अर्थात् 12² है, पर 12 अभाज्य नहीं है, अतः प्रतिरूप टूट जाता है।श्रेणी 7, 15, 31, 64, 127, 255 में ठीक एक पद गलत है। कौन-सा पद गलत है?
उत्तर देखें
उत्तर: A — 64
प्रत्येक सही पद पिछले का × 2 + 1 है, इसलिए पद 7, 15, 31, 63, 127, 255 होने चाहिए। अतः 64 गलत है, और यह सम है जबकि इस नियम का प्रत्येक पद विषम है। 127 सही है क्योंकि 63 × 2 + 1 = 127।श्रेणी 4, 6, 12, 30, 92, 315 का एक पद गलत है। उसके स्थान पर क्या होना चाहिए?
उत्तर देखें
उत्तर: D — 90
गुणक 1.5, 2, 2.5, 3, 3.5 हैं: 4 → 6 → 12 → 30 → 90 → 315। पद 92, 30 × 3 नहीं है और 315 ÷ 3.5 भी नहीं, इसलिए उसे 90 होना चाहिए। मान 96 अर्थात् 30 × 3.2 प्रतिरूप में नहीं है।श्रेणी 11, 13, 17, 23, 31, 40, 53 में ठीक एक पद गलत है। वह कौन-सा है?
उत्तर देखें
उत्तर: B — 40
अंतर प्रत्येक बार 2 बढ़ने चाहिए: 2, 4, 6, 8, 10, 12, जिससे 11, 13, 17, 23, 31, 41, 53 बनता है। अतः 40 को 41 होना चाहिए। 31 अपने पड़ोसी अंतरों 8 और 10 से सुसंगत है।गलत पद खोजने पर कथन। P: विषम प्रथम पद से × 2 + 1 द्वारा बनी श्रेणी में सम पद अवश्य गलत है। Q: गलत पद सदा बीच के पदों में से ही एक होता है। R: जो पद नियम से न अपने पिछले से बनता है और न अगले तक पहुँचाता है, वह संदिग्ध है। S: संदिग्ध को सुधारने के बाद प्रत्येक पद एक ही नियम में बैठना चाहिए। कौन-सा कथन सही नहीं है?
उत्तर देखें
उत्तर: C — Q
Q असत्य है: बदला हुआ पद पहला, अंतिम या बीच का कोई भी हो सकता है, इसलिए सिरों की भी जाँच करनी चाहिए। P, R और S तीनों सही परीक्षण हैं। P के निरपेक्ष शब्दों के कारण उस पर संदेह हो सकता है, पर इस नियम के लिए वह सही है क्योंकि विषम × 2 + 1 विषम होता है।I. x² − 7x + 12 = 0.
II. y² − 9y + 20 = 0. दोनों समीकरण हल कर x और y की तुलना कीजिए।उत्तर देखें
उत्तर: D — x ≤ y
I से (x − 3)(x − 4) = 0, अतः x = 3 या 4; II से (y − 4)(y − 5) = 0, अतः y = 4 या 5। प्रत्येक युग्म में x ≤ y है और 4, 4 पर समानता है, इसलिए x < y असफल है और x ≤ y सही है।I. x² − 5x − 14 = 0.
II. y² + 3y − 10 = 0. दोनों समीकरण हल कर x और y की तुलना कीजिए।उत्तर देखें
उत्तर: A — x = y या x और y का संबंध स्थापित नहीं किया जा सकता
I से (x − 7)(x + 2) = 0, अतः x = 7 या −2; II से (y + 5)(y − 2) = 0, अतः y = −5 या 2। तब 7 > 2 पर −2 < 2, इसलिए कोई संबंध सभी युग्मों पर सही नहीं। x > y केवल बड़े मूलों को देखकर भ्रम पैदा करता है।I. 2x² − 11x + 12 = 0.
II. 2y² − 5y + 3 = 0. दोनों समीकरण हल कर x और y की तुलना कीजिए।उत्तर देखें
उत्तर: B — x ≥ y
I से (2x − 3)(x − 4) = 0, अतः x = 1.5 या 4; II से (2y − 3)(y − 1) = 0, अतः y = 1.5 या 1। युग्म 1.5 = 1.5 देता है और शेष सब में x > y है, इसलिए x ≥ y सही है। कठोर x > y बराबर युग्म पर असफल है।I. x² + 9x + 20 = 0.
II. y² + 13y + 42 = 0. दोनों समीकरण हल कर x और y की तुलना कीजिए।उत्तर देखें
उत्तर: C — x > y
I से (x + 4)(x + 5) = 0, अतः x = −4 या −5; II से (y + 6)(y + 7) = 0, अतः y = −6 या −7। दोनों ऋणात्मक हैं और x का सबसे छोटा मान −5, y के सबसे बड़े मान −6 से अधिक है, इसलिए x > y। x < y मानों की जगह परिमाणों की तुलना से आता है।I. 3x + 2y = 22.
II. 2x + 5y = 33. युग्म को हल कर x और y की तुलना कीजिए।उत्तर देखें
उत्तर: B — x < y
I को 5 से और II को 2 से गुणा करने पर 15x + 10y = 110 तथा 4x + 10y = 66 मिलता है, अतः 11x = 44 और x = 4; तब y = 5। इसलिए x < y। x > y दोनों मानों को आपस में बदलने से आता है।I. x² − 225 = 0.
II. y³ = 3375. दोनों समीकरण हल कर x और y की तुलना कीजिए।उत्तर देखें
उत्तर: A — x ≤ y
I से x = 15 या −15; II से एकमात्र वास्तविक मान y = 15, क्योंकि 15³ = 3375। युग्म 15 = 15 और −15 < 15 देते हैं, इसलिए x ≤ y सही है, जबकि x < y बराबर युग्म पर और x ≥ y, −15 पर असफल है।मात्रा I: 2x² − 11x + 12 = 0 के मूलों का योग। मात्रा II: y² − 7y + 10 = 0 का बड़ा मूल। दोनों मात्राओं की तुलना कीजिए।
उत्तर देखें
उत्तर: D — मात्रा I > मात्रा II
पहले समीकरण के मूल 1.5 और 4 हैं, अतः योग 5.5 है (−b/a = 11/2 भी)। दूसरे से 2 और 5 मिलते हैं, इसलिए बड़ा मूल 5 है। चूँकि 5.5 > 5, मात्रा I बड़ी है। योग को बड़े मूल 4 से भ्रमित करने पर परिणाम उलट जाता है।