IBPS RRB के लिए हिंदी भाषा: त्रुटि-पहचान, अनुच्छेद-पूर्ति और वाक्य-विन्यास
क्रिया, लिंग और वचन का अन्वय
क्रिया लिंग और वचन एक ही शब्द से लेती है, और वह शब्द वाक्य के अनुसार बदलता है। नियम 1: कर्ता के साथ परसर्ग न हो तो क्रिया कर्ता के अनुसार चलती है: लड़की गीत गाती है। नियम 2: सकर्मक क्रिया के भूतकाल में कर्ता के साथ ने आता है और क्रिया कर्म के अनुसार चलती है: लड़की ने गीत गाया; मैंने पुस्तकें पढ़ीं। नियम 3: कर्ता और कर्म दोनों के साथ परसर्ग हों तो क्रिया पुल्लिंग एकवचन रहती है: उसने मोहन को बुलाया।
संयुक्त कर्ता: और से जुड़े दो कर्ताओं की क्रिया बहुवचन होती है (राम और श्याम आए), पर या अथवा से जुड़ने पर क्रिया समीप वाले कर्ता के अनुसार चलती है (राम या सीता आएगी)। लिंग की चूकें याद रखिए: दही, पानी, घी और मोती पुल्लिंग हैं; आत्मा, हवा, छत और नदी स्त्रीलिंग हैं।
ने, कारक-चिह्न और सर्वनाम-रूप
ने केवल सकर्मक क्रिया के भूतकालों में आता है (उसने पत्र लिखा था)। वर्तमान और भविष्य के साथ यह कभी नहीं आता (वह पत्र लिखता है; वह पत्र लिखेगा) और आना, जाना, गिरना, हँसना जैसी अकर्मक क्रियाओं के साथ भी नहीं (वह हँसा, उसने हँसा नहीं)।
कारक-चिह्न से पहले सर्वनाम-रूप: से से पहले मेरे, तुम्हारे और उसके अशुद्ध हैं; शुद्ध रूप मुझसे, तुमसे और उससे हैं। अतः तुम्हारे से यह काम न होगा अशुद्ध और तुमसे यह काम न होगा शुद्ध है। संबंध-कारक अपने अधिकारी (वस्तु) के अनुसार चलता है, स्वामी के अनुसार नहीं: आपकी पुस्तक, आपके भाई।
अशुद्ध वर्तनी
वर्तनी के प्रश्न शुद्ध या अशुद्ध वर्तनी वाला शब्द पूछते हैं। अशुद्ध रूप अनियमित नहीं होते: वे संयुक्ताक्षर छोड़ने, दीर्घ स्वर को ह्रस्व करने या स्त्रीलिंग-प्रत्यय में भ्रम से बनते हैं। सामान्य शब्द कारण के साथ सीखिए।
| शुद्ध | सामान्य अशुद्ध रूप | कारण |
|---|---|---|
| आशीर्वाद | आर्शीवाद, आशिर्वाद | रेफ (र्) व पर लगता है: आशी + र्वाद; ई दीर्घ है। |
| उज्ज्वल | उज्वल, उज्जवल | उत् + ज्वल से उज्ज्वल बनता है: ज्ज् के बाद ज्व। |
| प्रतीक्षा | प्रतिक्षा | प्रतीक्षा में दीर्घ ई है, जैसे परीक्षा और समीक्षा में। |
| कवयित्री | कवियत्री | कवि का स्त्रीलिंग कव के बाद -यित्री से बनता है, -इयत्री से नहीं। |
| स्वास्थ्य | स्वास्थ | शब्द का अंत संयुक्ताक्षर थ्य से होता है। |
| अत्यधिक | अत्याधिक | अति + अधिक से अत्यधिक बनता है: इ + अ का य हो जाता है, अतिरिक्त दीर्घ स्वर नहीं आता। |
चंद्रबिंदु और अनुस्वार: अक्षर पर शिरोरेखा के ऊपर कोई मात्रा न हो तो ँ लिखिए (आँख, हँसना, गाँव), और शिरोरेखा के ऊपर मात्रा पहले से हो तो बिंदु ं (मैं, नहीं, में, कहीं)। बिंदु अंक, मंगल, बंद जैसे शब्दों में अनुनासिक व्यंजन का काम भी करता है।
अनुच्छेद-पूर्ति और रिक्त-स्थान
रिक्त स्थान में पहले तर्क (कारण, विरोध, जोड़, शर्त, तुलना) तय कीजिए, फिर व्याकरण (लिंग, वचन)। कई रिक्त स्थान सह-संबंधी युग्मों के होते हैं, और उनका दूसरा भाग पहले से मेल खाना चाहिए।
| युग्म | तर्क | उदाहरण |
|---|---|---|
| जितना … उतना | तुलना; उतना संज्ञा के लिंग और वचन के अनुसार बदलता है | जितनी मेहनत, उतनी सफलता। |
| जैसे ही … वैसे ही | दो घटनाएँ एक साथ | जैसे ही घंटी बजी, वैसे ही सब उठ गए। |
| न केवल … बल्कि | बल देकर जोड़ना | वह न केवल गाता है, बल्कि लिखता भी है। |
| यद्यपि … तथापि | विरोध (यद्यपि … तथापि) | यद्यपि वह थका था, तथापि चलता रहा। |
| यदि … तो | शर्त | यदि तुम पढ़ोगे तो सफल होगे। |
वाक्यांश-प्रतिस्थापन और पुनरुक्ति
वाक्यांश-प्रतिस्थापन में एक वाक्यांश रेखांकित होता है और चार प्रतिस्थापन दिए जाते हैं; एक विकल्प कहता है कि सुधार की आवश्यकता नहीं। रेखांकित अंश को छोटा त्रुटि-पहचान प्रश्न मानिए: उस पर और उससे जुड़े शब्दों (क्रिया, कर्म) पर पाँच जाँच कीजिए। यदि वह ठीक निकले तो "सुधार की आवश्यकता नहीं" चुनिए।
उदाहरण: सबने अपने-अपने विचार रखा। कर्म विचार पुल्लिंग बहुवचन है और कर्ता के साथ ने है, अतः क्रिया कर्म के अनुसार होगी: रखे। पुनरुक्ति: जिस शब्द में पहले से उत्तमावस्था या एकमात्र का भाव हो उसे दोहराना नहीं चाहिए। अशुद्ध: सबसे श्रेष्ठतम, अत्यंत सुंदरतम, मात्र केवल। शुद्ध: सबसे श्रेष्ठ या श्रेष्ठतम; सुंदरतम; केवल।
वाक्य-विन्यास (वाक्यों का क्रम)
चार बिखरे वाक्य P, Q, R, S को क्रम में रखना है। विधि:
(1) प्रारंभ खोजिए, वह वाक्य जो कर्ता का पूरा नाम देता है और पहले के किसी वाक्य पर निर्भर नहीं;
(2) समापन खोजिए, जो प्रायः इसलिए, अतः या इस प्रकार से शुरू होता है या निष्कर्ष देता है;
(3) बीच के वाक्य सर्वनाम और योजकों की कड़ियों से जोड़िए। जो वाक्य उसने, वही, इससे, परंतु या फिर से शुरू हो वह पहला नहीं हो सकता।
हल किया उदाहरण। P: उसने अपनी पहली कमाई से बैंक में खाता खोला। Q: रमेश को गाँव के विद्यालय में अध्यापक की नौकरी मिली। R: आज वही बचत उसके बेटे की पढ़ाई के काम आ रही है। S: हर माह वह थोड़ी-थोड़ी राशि जमा करता रहा। Q में रमेश का नाम है, अतः वही आरंभ है; P (उसने, पहली कमाई) उसके बाद; S (हर माह) जमा की निरंतरता; R (आज, वही बचत) समापन। क्रम QPSR है।
लघु गद्यांश
लघु गद्यांश के बाद दो-तीन प्रश्न आते हैं: सर्वोत्तम शीर्षक, गद्यांश से निकलने वाला कथन, या किसी शब्द का अर्थ। शीर्षक पूरे गद्यांश को समेटे, किसी एक ब्योरे को नहीं। निकलने वाला कथन गद्यांश की पंक्तियों से समर्थित हो; जो विकल्प कोई नया तथ्य जोड़े, या कभी-कभी को सदा बना दे (केवल, सदैव, कभी नहीं), उसे छोड़िए।
उदाहरण गद्यांश: छोटी-छोटी बचत की आदत ही बड़े सपनों की नींव रखती है। जो व्यक्ति आय का एक भाग नियमित रूप से अलग रखता है, वह संकट के समय दूसरों का मुँह नहीं ताकता। इसलिए बचत को बोझ नहीं, सहारा समझना चाहिए। उचित शीर्षक है बचत: भविष्य का सहारा, क्योंकि वह तीनों वाक्यों को समेटता है; संकट का समय जैसा किसी एक ब्योरे का शीर्षक केवल बीच के वाक्य को छूता है।
मुख्य बिंदु
- इसी क्रम में जाँचिए: क्रिया का अन्वय, लिंग, वचन, ने या अन्य कारक-चिह्न, फिर वर्तनी और पुनरुक्ति; पहली स्पष्ट त्रुटि पर रुक जाइए।
- सकर्मक क्रिया के भूतकाल में ने होने पर क्रिया कर्म के अनुसार चलती है; कर्ता और कर्म दोनों के साथ परसर्ग हों तो वह पुल्लिंग एकवचन रहती है।
- प्राण, दर्शन, आँसू और होश केवल बहुवचन हैं; आदरणीय व्यक्ति के साथ बहुवचन क्रिया आती है; और से के साथ मुझसे, तुमसे, उससे आते हैं, मेरे से नहीं।
- वर्तनी की भूलें कारण से सीखिए: आशीर्वाद, उज्ज्वल, प्रतीक्षा, कवयित्री, स्वास्थ्य, अत्यधिक।
- रिक्त स्थान में पहले तर्क तय कीजिए, फिर युग्म मिलाइए: जितना–उतना, जैसे ही–वैसे ही, न केवल–बल्कि, यद्यपि–तथापि, यदि–तो।
- क्रम-निर्धारण में प्रारंभ और समापन खोजिए और हर सर्वनाम का आधार जाँचिए; गद्यांश में पूरे पाठ को समेटने वाला शीर्षक चुनिए और जोड़े गए तथ्य छोड़िए।
अभ्यास प्रश्न (17)
उत्तर खोलने से पहले प्रत्येक प्रश्न हल करें। हर व्याख्या सही विकल्प के साथ लुभावना गलत विकल्प भी बताती है, क्योंकि अंक वहीं जाते हैं।
आशीर्वाद के अर्थ वाले शब्द की शुद्ध वर्तनी कौन-सी है?
उत्तर देखें
उत्तर: B — आशीर्वाद
आशीर्वाद शुद्ध है: रेफ (र्) व पर लगता है और ई दीर्घ है। अशुद्ध रूपों में र् को श से पहले रख दिया जाता है या स्वर छोटा कर दिया जाता है, इसीलिए आर्शीवाद भ्रामक भूल है।इनमें से कौन-सा शब्द अशुद्ध वर्तनी वाला है?
उत्तर देखें
उत्तर: D — प्रतिक्षा
प्रतिक्षा अशुद्ध है; शुद्ध शब्द प्रतीक्षा है, दीर्घ ई के साथ, जैसे परीक्षा। अन्य तीनों, कवयित्री, स्वास्थ्य और उज्ज्वल, शुद्ध वर्तनी वाले हैं।शुद्ध वाक्य चुनिए।
उत्तर देखें
उत्तर: A — मेरे प्राण संकट में हैं।
प्राण नित्य बहुवचन शब्द है, इसलिए क्रिया हैं और संबंध-कारक मेरे होगा। मेरे प्राण संकट में है ठीक दिखता है पर क्रिया एकवचन है, इसलिए वही सबसे भ्रामक विकल्प है।वाक्य पढ़िए। P: उसने कल दिल्ली जाया। Q: मैंने आपकी चिट्ठी पढ़ी। R: बहनें बाज़ार से सब्ज़ी लाई है। S: शिक्षक ने विद्यार्थियों को समझाया। कौन-से वाक्य शुद्ध हैं?
उत्तर देखें
उत्तर: C — केवल Q और S
Q और S शुद्ध हैं। P अशुद्ध है क्योंकि जाना अकर्मक है और ने नहीं लेता (वह कल दिल्ली गया)। R अशुद्ध है क्योंकि कर्ता बहनें बहुवचन है, इसलिए क्रिया लाई हैं होगी, लाई है नहीं।लिंग की दृष्टि से शुद्ध वाक्य कौन-सा है?
उत्तर देखें
उत्तर: B — आज सुबह हवा बहुत तेज़ चल रही थी।
हवा स्त्रीलिंग है, इसलिए चल रही थी शुद्ध है। दही और पानी पुल्लिंग हैं, अतः खट्टा और ठंडा चाहिए; और छत स्त्रीलिंग है, इसलिए क्रिया टूटी है होनी चाहिए।आदरसूचक प्रयोग की दृष्टि से शुद्ध वाक्य कौन-सा है?
उत्तर देखें
उत्तर: D — पिताजी आज देर से घर लौटे।
आदरणीय पुरुष संबंधी के साथ पुल्लिंग बहुवचन क्रिया आती है: लौटे। लौटी और लौटीं स्त्रीलिंग रूप हैं जो पिताजी से मेल नहीं खाते, और लौटें थे लौटे थे की रूप-संबंधी भूल है।नीचे के वाक्य में त्रुटि वाला खंड ढूँढ़िए। समिति के सभी सदस्यों ने (P) एकमत से यह प्रस्ताव (Q) पारित किया (R) और बैठक समाप्त हो गया (S)।
उत्तर देखें
उत्तर: A — खंड S
खंड S अशुद्ध है: बैठक स्त्रीलिंग है, इसलिए समाप्त हो गई होना चाहिए। खंड R शुद्ध है क्योंकि कर्म प्रस्ताव पुल्लिंग है, इसलिए पारित किया उसके अनुसार है।कौन-सा वाक्य अनावश्यक पुनरुक्ति से मुक्त है?
उत्तर देखें
उत्तर: C — वह सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी है।
सर्वश्रेष्ठ का अर्थ पहले से सबसे अच्छा है, इसलिए अत्यंत, सबसे या प्रत्यय तम जोड़ने से उत्तमावस्था दोहरी हो जाती है। केवल सादा सर्वश्रेष्ठ ही पुनरुक्ति से मुक्त है।रिक्त स्थान की पूर्ति कीजिए। जितनी अधिक मेहनत करोगे, ___ अधिक सफलता मिलेगी।
उत्तर देखें
उत्तर: D — उतनी
जितनी का जोड़ उतनी है: सह-संबंधी शब्द उस संज्ञा के लिंग से मेल खाता है जिसे वह विशेषित करता है, और सफलता स्त्रीलिंग है। उतना सबसे प्रचलित रूप होने से भ्रामक है, पर वह पुल्लिंग है।दोनों रिक्त स्थान भरिए। ___ बैंक की शाखा गाँव से दूर थी, ___ किसानों ने हार नहीं मानी और खाता खुलवाने पहुँचे।
उत्तर देखें
उत्तर: B — यद्यपि … तथापि
वाक्य में विरोध है (शाखा दूर थी, फिर भी वे पहुँचे), इसलिए यद्यपि … तथापि उचित है। चूँकि … इसलिए कारण-परिणाम बताता है, जो यहाँ नहीं बैठता, और यदि … तो शर्त बताता है।रिक्त स्थान भरिए। जैसे ही घंटी बजी, ___ विद्यार्थी कक्षा से बाहर आ गए।
उत्तर देखें
उत्तर: C — वैसे ही
जैसे ही का जोड़ वैसे ही है, जो दो घटनाओं के साथ-साथ होने को दिखाता है। इसलिए कारण दिखाता है और जोड़ा पूरा नहीं कर सकता।रेखांकित अंश के स्थान पर सही रूप चुनिए। बैठक में सबने अपने-अपने विचार रखा।
उत्तर देखें
उत्तर: A — रखे
कर्ता के साथ ने है, इसलिए क्रिया कर्म विचार के अनुसार, जो पुल्लिंग बहुवचन है, होगी: रखे। रखा एकवचन बना रहता है और यही कोई-सुधार-नहीं वाला जाल है।चार शब्द दिए गए हैं। इनमें कौन-सा अशुद्ध वर्तनी वाला है?
उत्तर देखें
उत्तर: B — स्वास्थ
स्वास्थ कोई शब्द नहीं है; शुद्ध वर्तनी संयुक्ताक्षर थ्य के साथ स्वास्थ्य है। सौहार्द, उज्ज्वल और श्रेष्ठ शुद्ध वर्तनी वाले हैं।P, Q, R, S को सही क्रम में रखिए। P: उसने अपनी पहली कमाई से बैंक में खाता खोला। Q: रमेश को गाँव के विद्यालय में अध्यापक की नौकरी मिली। R: आज वही बचत उसके बेटे की पढ़ाई के काम आ रही है। S: हर माह वह थोड़ी-थोड़ी राशि जमा करता रहा।
उत्तर देखें
उत्तर: D — QPSR
Q में रमेश का नाम है, इसलिए वही आरंभ है; P (उसने, पहली कमाई) उसके बाद; S मासिक जमा को आगे बढ़ाता है; R (आज, वही बचत) समापन है। PQSR इसलिए ग़लत है कि उसने किसी नाम से पहले आ जाएगा।P, Q, R, S को सही क्रम में रखिए। P: परंतु अब मोबाइल से यही काम कुछ ही क्षणों में हो जाता है। Q: पहले पैसे भेजने के लिए लोगों को बैंक की शाखा तक जाना पड़ता था। R: इससे समय की बचत होती है और कतार में खड़े रहने की परेशानी भी नहीं रहती। S: वहाँ लंबी कतारों में घंटों खड़ा रहना आम बात थी।
उत्तर देखें
उत्तर: B — QSPR
Q अतीत (पहले) बताता है और S पुरानी कतारों का वर्णन करता है; P परंतु अब से वर्तमान पर आता है और R इससे के साथ परिणाम देता है। QPSR इसलिए ग़लत है कि परंतु पुरानी स्थिति के वर्णन से पहले आ जाएगा, और SQPR वहाँ से शुरू होता है, जिसका कोई आधार तब तक नहीं बनता जब तक Q शाखा का नाम न ले।गद्यांश पढ़कर सबसे उचित शीर्षक चुनिए। छोटी-छोटी बचत की आदत ही बड़े सपनों की नींव रखती है। जो व्यक्ति आय का एक भाग नियमित रूप से अलग रखता है, वह संकट के समय दूसरों का मुँह नहीं ताकता। बैंक में जमा यह राशि सुरक्षित भी रहती है और उस पर ब्याज भी मिलता है। इसलिए बचत को बोझ नहीं, भविष्य का सहारा समझना चाहिए।
उत्तर देखें
उत्तर: C — बचत: भविष्य का सहारा
गद्यांश का तर्क है कि नियमित बचत भविष्य का सहारा है, इसलिए बचत: भविष्य का सहारा उसकी सभी पंक्तियों को समेटता है। अन्य शीर्षक केवल एक ब्योरा पकड़ते हैं: ब्याज, बैंक या कठिन समय।नीचे के गद्यांश के अनुसार कौन-सा कथन निकलता है? छोटी-छोटी बचत की आदत ही बड़े सपनों की नींव रखती है। जो व्यक्ति आय का एक भाग नियमित रूप से अलग रखता है, वह संकट के समय दूसरों का मुँह नहीं ताकता। बैंक में जमा यह राशि सुरक्षित भी रहती है और उस पर ब्याज भी मिलता है। इसलिए बचत को बोझ नहीं, भविष्य का सहारा समझना चाहिए।
उत्तर देखें
उत्तर: B — नियमित बचत करने वाला संकट में दूसरों पर निर्भर नहीं रहता
दूसरा वाक्य कहता है कि नियमित बचत करने वाला संकट में दूसरों का मुँह नहीं ताकता। अन्य विकल्प कोई नया तथ्य जोड़ते हैं (केवल अमीर बचत कर सकते हैं) या पाठ का खंडन करते हैं (ब्याज नहीं, बचत बोझ है)।